{"_id":"586bf5f44f1c1bdd69158603","slug":"the-teacher-does-not-believe-the-story-of-the-brothers","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक के भाइयों को कहानी पर यकीन नहीं","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शिक्षक के भाइयों को कहानी पर यकीन नहीं
बरेली
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंगलवार की सुबह छह बजे प्रवक्ता की हत्या की सूचना मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। प्रवक्ता के तीनों भाई परिवार के अन्य लोगों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उनके मौके पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने को भेज दिया था। पोस्टमार्टम कराने के बाद प्रवक्ता के भाई शव को बंडा इलाके में स्थित उनके पैतृक गांव ले गए। वहीं उनका अंतिम संस्कार होना है।
पोस्टमार्टम हाउस पर प्रवक्ता के भाइयों में हत्या को लेकर बेहद आक्रोश था।उन्होंने कहा कि कड़क मिजाज होने की वजह से बच्चे उनसे सहमे रहते थे। पत्नी से भी उनकी खटपट आए दिन होती रहती थी। इसी वजह से भाभी को भी भाई से ज्यादा लगाव नहीं था। उनका मानना है हत्या के पीछे कोई साजिश जरूर है। अकेली लड़की उनकी हत्या नहीं कर सकती है। पिता की हत्या करने के बाद लड़की गहरे सदमे में होनी चाहिए थी, लेकिन उसके चेहरे पर ऐसा कुछ नहीं है। पुलिस भी प्रवक्ता के भाइयों के सवालों का हल तलाश करने में लगी है। भाइयों ने पुलिस के और प्रशासन के अधिकारियों के बीच भी यह सवाल रखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रवक्ता के भाइयों के आरोपों की भी जांच हो रही है।
प्रवक्ता के भाइयों के सवाल
- प्रवक्ता की सेहत ठीक-ठाक थी। लड़की की कहानी के मुताबिक उन पर अचानक तो हमला नहीं हुआ। लड़की ने रॉड से उन पर हमला किया और उन्होंने विरोध में कुछ नहीं किया, यह बात समझ में नहीं आ रही है।
विज्ञापन
- कहानी के मुताबिक आवेश में लड़की ने उनके सिर में ताबड़तोड़ रॉड से हमला किया। मारते समय लड़की के कपड़ों पर खून के छींटे क्यों नहीं आये।
-लड़की सुबह से ही खुद हत्या करने की बात स्वीकार कर रही थी। लड़की को मीडिया और उनसे दूर क्यों रखा गया।
-बेटी पहले भी कई बार मां से पिता के घूरने की शिकायत कर चुकी थी तो वह उसे अकेले कैसे घर में छोड़ गईं।
-कहीं ऐसा तो नहीं कि लड़की को पिता ने किसी के साथ पकड़ लिया हो और लड़की ने अपने साथी के साथ मिलकर उन्हें नहीं मार दिया।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम हाउस पर प्रवक्ता के भाइयों में हत्या को लेकर बेहद आक्रोश था।उन्होंने कहा कि कड़क मिजाज होने की वजह से बच्चे उनसे सहमे रहते थे। पत्नी से भी उनकी खटपट आए दिन होती रहती थी। इसी वजह से भाभी को भी भाई से ज्यादा लगाव नहीं था। उनका मानना है हत्या के पीछे कोई साजिश जरूर है। अकेली लड़की उनकी हत्या नहीं कर सकती है। पिता की हत्या करने के बाद लड़की गहरे सदमे में होनी चाहिए थी, लेकिन उसके चेहरे पर ऐसा कुछ नहीं है। पुलिस भी प्रवक्ता के भाइयों के सवालों का हल तलाश करने में लगी है। भाइयों ने पुलिस के और प्रशासन के अधिकारियों के बीच भी यह सवाल रखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रवक्ता के भाइयों के आरोपों की भी जांच हो रही है।
विज्ञापन
प्रवक्ता के भाइयों के सवाल
- प्रवक्ता की सेहत ठीक-ठाक थी। लड़की की कहानी के मुताबिक उन पर अचानक तो हमला नहीं हुआ। लड़की ने रॉड से उन पर हमला किया और उन्होंने विरोध में कुछ नहीं किया, यह बात समझ में नहीं आ रही है।
विज्ञापन
- कहानी के मुताबिक आवेश में लड़की ने उनके सिर में ताबड़तोड़ रॉड से हमला किया। मारते समय लड़की के कपड़ों पर खून के छींटे क्यों नहीं आये।
-लड़की सुबह से ही खुद हत्या करने की बात स्वीकार कर रही थी। लड़की को मीडिया और उनसे दूर क्यों रखा गया।
-बेटी पहले भी कई बार मां से पिता के घूरने की शिकायत कर चुकी थी तो वह उसे अकेले कैसे घर में छोड़ गईं।
-कहीं ऐसा तो नहीं कि लड़की को पिता ने किसी के साथ पकड़ लिया हो और लड़की ने अपने साथी के साथ मिलकर उन्हें नहीं मार दिया।