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औलाद न होने के गम में टैक्सी चालक ने की आत्महत्या
बरेली।
Updated Tue, 31 Jan 2017 01:01 AM IST
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The taxi driver is not child's suicide gum
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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शादी के छह साल बाद भी औलाद न होने के गम में टैक्सी चालक ने रविवार रात अपने कमरे के अंदर पंखे पर दुपट्टे के फंदे से लटककर जान दे दी। इस दौरान उसके कमरे में टीवी चलने के साथ लाइट भी जलती रही और बेड पर खाने की थाली व शराब की खाली शीशी पड़ी मिली। सोमवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया।
शाहजहांपुर के खुटार निवासी 28 वर्षीय विपिन कुमार टैक्सी चालक था। वह पिछले तीन साल से सुभाषनगर क्षेत्र के नेकपुर निवासी संतोष कुमार के मकान में किराए पर रहता था। ऊपर संतोष का परिवार रहता है और नीचे विपिन और उसकी पत्नी प्रियंका एक कमरे में रहते थे। रविवार दोपहर बारह बजे विपिन अपनी पत्नी प्रियंका को बिनावर (बदायूं) के गांव सिंगा मुझाना में उसके मायके छोड़ आया। शाम सात बजे कमरे पर आने के बाद वह टैक्सी स्टैंड गया। फिर रात करीब साढे़ नौ बजे पुन: कमरे पर आया और अंदर से कुंडी बंद कर ली। सोमवार सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर संतोष के परिवार वालों ने रसोई की खिड़की से झांककर देखा तो विपिन का शव फंदे पर लटका था। कमरे में टीवी चल रहा था और लाइट जल रही थी। खाने की खा चुकी थाली और शराब की शीशी बेड पर पड़ा था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने सरिया से कुंडी खोली तो दरवाजा खुला। सूचना पर ससुराल पक्ष के लोग भी पहुंच गए। ससुर नरेंद्र पाल ने बताया कि शादी के छह साल हो चुके थे, लेकिन कोई औलाद न होने से विपिन बेहद तनाव में रहता था। उसका डॉक्टर से इलाज भी चल रहा था, लेकिन कोई फायदा न होने से वह बेहद परेशान रहता था।
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शाहजहांपुर के खुटार निवासी 28 वर्षीय विपिन कुमार टैक्सी चालक था। वह पिछले तीन साल से सुभाषनगर क्षेत्र के नेकपुर निवासी संतोष कुमार के मकान में किराए पर रहता था। ऊपर संतोष का परिवार रहता है और नीचे विपिन और उसकी पत्नी प्रियंका एक कमरे में रहते थे। रविवार दोपहर बारह बजे विपिन अपनी पत्नी प्रियंका को बिनावर (बदायूं) के गांव सिंगा मुझाना में उसके मायके छोड़ आया। शाम सात बजे कमरे पर आने के बाद वह टैक्सी स्टैंड गया। फिर रात करीब साढे़ नौ बजे पुन: कमरे पर आया और अंदर से कुंडी बंद कर ली। सोमवार सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर संतोष के परिवार वालों ने रसोई की खिड़की से झांककर देखा तो विपिन का शव फंदे पर लटका था। कमरे में टीवी चल रहा था और लाइट जल रही थी। खाने की खा चुकी थाली और शराब की शीशी बेड पर पड़ा था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने सरिया से कुंडी खोली तो दरवाजा खुला। सूचना पर ससुराल पक्ष के लोग भी पहुंच गए। ससुर नरेंद्र पाल ने बताया कि शादी के छह साल हो चुके थे, लेकिन कोई औलाद न होने से विपिन बेहद तनाव में रहता था। उसका डॉक्टर से इलाज भी चल रहा था, लेकिन कोई फायदा न होने से वह बेहद परेशान रहता था।
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