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फरहीन की हत्या... एक प्रेमी के जल्लाद बनने की कहानी
बरेली।
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:32 AM IST
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फरहीन की मां
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जिस प्रेमी के साथ फरहीन ने सुखद जिंदगी गुजारने के सपने संजोए थे, वही शादी होने के बाद उसके लिए जल्लाद बन गया। फरहीन के मां-बाप का आरोप है कि फरहीन उसके शौहर सरताज ने उसे घर में ही एक महीने से बंधक बना रखा था। करीब सात दिनों से खाना नहीं दिया था। कभी मुर्गा बनाकर पीठ पर बाल्टी रख देता था, कभी डंडा लेकर बेरहमी से पीटता था। उसकी चोटी के बाल तक उसने जला दिए थे।
फरहीन की मौत के बाद जार-जार बिलख रहे रिक्शा चलाने वाले उसके पिता खालिद और मां शन्ना का कहना था कि उनकी बेटी अपने शौहर के बर्ताव से इतना ज्यादा सदमे में थी कि बिस्तर पर ही लघुशंका करने लगी थी। वे लोग जब उसे उठाकर लाए तो उसके हाथ-पैर बुरी तरह सूजे हुए थे। उल्टी के साथ मुंह से खून निकल रहा था। खालिद ने बताया कि वह यहां ससुराल में रह रहे हैं। तीन साल पहले किराए के घर में जगतपुर में रहते थे। फरहीन ने तभी सरताज उर्फ पिंटू से प्रेम विवाह कर लिया था। वे लोग सरताज को पसंद नहीं करते थे लेकिन फरहीन की खुशी की खातिर खामोश रह गए। कुछ ही दिन सरताज ने फरहीन को तंग करना शुरू किया। वह उसे उन लोगों से कभी मिलने नहीं देता था।
बहुत कोशिश की पर बेटी को बचा नहीं सका
खालिद और उनकी पत्नी शन्ना के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। रोते-रोते खालिद ने बताया कि उन्होंने काफी कोशिश की लेकिन अपनी लाड़ली बेटी को बचा नहीं सके। फरहीन के तीन भाई और छोटी बहन भी उसकी मौत के बाद एक तरफ गुमसुम बैठे रहे। बृहस्पतिवार को भी उनके घर पर दिलासा देने आने के लिए मोहल्ले भर के लोगों का तांता लगा रहा। सभी ने फरहीन के पति और ससुराल वालों को जी भर के कोसा।
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फरहत नकवी ने कहा, गिरफ्तार हों सभी आरोपी
मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी गुरुवार को फरहीन के घर पहुंचीं। उन्होंने खालिद को दिलासा दिया कि उनका संगठन उनका पूरा साथ देगा। उन्होंने सीएमओ से बात करके फरहीन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी भी मांगी है। फरहत ने इंस्पेक्टर बारादरी से कहा कि आरोपियों को उनकी रिश्तेदारियों तलाश करने के लिए छापे मारे जाएं और उन्हें गिरफ्तारी किया जाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद एनसीआर दर्ज की गई थी जबकि एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना था। पुलिस की चूक से मौका मिलने से ही आरोपी भाग गए। उन्होंने कहा कि शुक्रवार तक आरोपी गिरफ्तार न हुए तो उनका संगठन अधिकारियों से मिलेगा।
वर्जन
हम आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। वे फरार हैं। अगर वे जल्द गिरफ्तार न हुए तो कोर्ट से उनकी संपत्ति की कुर्की का आदेश कराने का अनुरोध करेंगे। - राजेश यादव, प्रभारी बारादरी थाना
चरम पर हो अवसाद तो होती है ऐसी हालत
किसी भी प्रकार का डर या डिप्रेशन जब चरम पर पहुंच जाता है तो ऐसे व्यक्ति का अपने शरीर के अंगों पर नियंत्रण नहीं रहता। ऐसी ही हालत में वह बिस्तर पर लघुशंका भी कर सकता है। मानसिक और शारीरिक स्थितियां उसके नियंत्रण से बाहर होती जाती हैं। कई बार तो यह भी ज्ञान नहीं रहता कि वह क्या खा रहा है और कैसे कपड़े पहन रहा है। ऐसे अवसाद के शिकार व्यक्ति को ज्यादा देखभाल और प्यार की जरूरत होती है। कोई अपना ही ठुकराए तो वह और टूट जाता है। - डॉ. हेमा खन्ना, मनोवैज्ञानिक
फरहीन की मौत के बाद जार-जार बिलख रहे रिक्शा चलाने वाले उसके पिता खालिद और मां शन्ना का कहना था कि उनकी बेटी अपने शौहर के बर्ताव से इतना ज्यादा सदमे में थी कि बिस्तर पर ही लघुशंका करने लगी थी। वे लोग जब उसे उठाकर लाए तो उसके हाथ-पैर बुरी तरह सूजे हुए थे। उल्टी के साथ मुंह से खून निकल रहा था। खालिद ने बताया कि वह यहां ससुराल में रह रहे हैं। तीन साल पहले किराए के घर में जगतपुर में रहते थे। फरहीन ने तभी सरताज उर्फ पिंटू से प्रेम विवाह कर लिया था। वे लोग सरताज को पसंद नहीं करते थे लेकिन फरहीन की खुशी की खातिर खामोश रह गए। कुछ ही दिन सरताज ने फरहीन को तंग करना शुरू किया। वह उसे उन लोगों से कभी मिलने नहीं देता था।
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बहुत कोशिश की पर बेटी को बचा नहीं सका
खालिद और उनकी पत्नी शन्ना के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। रोते-रोते खालिद ने बताया कि उन्होंने काफी कोशिश की लेकिन अपनी लाड़ली बेटी को बचा नहीं सके। फरहीन के तीन भाई और छोटी बहन भी उसकी मौत के बाद एक तरफ गुमसुम बैठे रहे। बृहस्पतिवार को भी उनके घर पर दिलासा देने आने के लिए मोहल्ले भर के लोगों का तांता लगा रहा। सभी ने फरहीन के पति और ससुराल वालों को जी भर के कोसा।
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फरहत नकवी ने कहा, गिरफ्तार हों सभी आरोपी
मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी गुरुवार को फरहीन के घर पहुंचीं। उन्होंने खालिद को दिलासा दिया कि उनका संगठन उनका पूरा साथ देगा। उन्होंने सीएमओ से बात करके फरहीन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी भी मांगी है। फरहत ने इंस्पेक्टर बारादरी से कहा कि आरोपियों को उनकी रिश्तेदारियों तलाश करने के लिए छापे मारे जाएं और उन्हें गिरफ्तारी किया जाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद एनसीआर दर्ज की गई थी जबकि एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना था। पुलिस की चूक से मौका मिलने से ही आरोपी भाग गए। उन्होंने कहा कि शुक्रवार तक आरोपी गिरफ्तार न हुए तो उनका संगठन अधिकारियों से मिलेगा।
वर्जन
हम आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। वे फरार हैं। अगर वे जल्द गिरफ्तार न हुए तो कोर्ट से उनकी संपत्ति की कुर्की का आदेश कराने का अनुरोध करेंगे। - राजेश यादव, प्रभारी बारादरी थाना
चरम पर हो अवसाद तो होती है ऐसी हालत
किसी भी प्रकार का डर या डिप्रेशन जब चरम पर पहुंच जाता है तो ऐसे व्यक्ति का अपने शरीर के अंगों पर नियंत्रण नहीं रहता। ऐसी ही हालत में वह बिस्तर पर लघुशंका भी कर सकता है। मानसिक और शारीरिक स्थितियां उसके नियंत्रण से बाहर होती जाती हैं। कई बार तो यह भी ज्ञान नहीं रहता कि वह क्या खा रहा है और कैसे कपड़े पहन रहा है। ऐसे अवसाद के शिकार व्यक्ति को ज्यादा देखभाल और प्यार की जरूरत होती है। कोई अपना ही ठुकराए तो वह और टूट जाता है। - डॉ. हेमा खन्ना, मनोवैज्ञानिक