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एक समोसे के लिए सौतेले बेटे को मार डाला
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 26 Aug 2016 02:03 AM IST
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कुंआडांडा में सौतेली मां ने ही छह साल के मासूम बच्चे की जान ली थी। उसने अपने लिए समोसे मंगाए थे। बच्चा समोसे देखकर खुद को रोक न सका और नजर बचाकर उसे खा गया। बस इतनी सी बात पर उस मां को ऐसा गुस्सा आया कि वह बच्चे का गला दबाती गई और तबतक दबाया जबतक की बच्चे की जान नहीं चली गई। हैरान कर देने वाली इस घटना से जहां ऐसी मां के प्रति गांव में नफरत भर गई है वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने सौतेली मां को जेल भेज दिया है।
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की यह घटना 23 अगस्त की है। कुंआडांडा गांव में राजमिस्त्री शाहिद अली उर्फ गुड्डू ने एक साल पहले बीमारी की वजह से पत्नी सलीमा की मौत हो गई थी। उसने छह साल का बेटा सैफ अली, तीन वर्षीय बेटी महनूर छोड़ी थी। चार महीने पहले शाहिद ने बच्चों की देखभाल के लिए तबस्सुम से निकाह कर लिया। 23 अगस्त को दोपहर बाद सैफ की मौत की खबर शाहिद को पता चली तो वह काम से घर लौटा। उसने घटना के बाबत अपनी मासूम बेटी महनूर से बात की तो उसने इशारे में सौतेली मां की तरफ इशारा कर दिया। पुलिस और ग्रामीणों के समझाने पर शाहिद ने उस दिन पत्नी पर हत्या का शक जताते हुए तहरीर दी लेकिन मौत को संदिग्ध ही बताया था। जिस पर पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा दिया। पुलिस ने उसी दिन तबस्सुम को उठाकर महिला थाने भिजवा दिया था। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार था। छानबीन में जो पता चला है वह रोंगटे खड़ा कर देने वाला है। बताते हैं कि तबस्सुम ने बाजार से दो समोसे अपने लिए मंगाए थे। भूख लगने पर उन समोसों को सैफ खा गया। इससे झल्लाई तबस्सुम ने सैफ को चारपाई पर गिराकर गला दबा दिया। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सैफ की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हो गई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने शाहिद की तरफ से तबस्सुम के खिलाफ फैज की हत्या करने के आरोप में मुकदमा लिखकर उसे जेल भेज दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फैज की गला दबाकर मौत होने की पुष्टि होने के बाद शाहिद की तहरीर पर मुकदमा लिखकर तबस्सुम को जेल भिजवा दिया है, लेकिन वह हत्या का जुर्म कुबूल नहीं कर रही है। तबस्सुम का कहना है कि उसने फैज की हत्या नहीं की है- कमल सिंह यादव, एसओ
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बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की यह घटना 23 अगस्त की है। कुंआडांडा गांव में राजमिस्त्री शाहिद अली उर्फ गुड्डू ने एक साल पहले बीमारी की वजह से पत्नी सलीमा की मौत हो गई थी। उसने छह साल का बेटा सैफ अली, तीन वर्षीय बेटी महनूर छोड़ी थी। चार महीने पहले शाहिद ने बच्चों की देखभाल के लिए तबस्सुम से निकाह कर लिया। 23 अगस्त को दोपहर बाद सैफ की मौत की खबर शाहिद को पता चली तो वह काम से घर लौटा। उसने घटना के बाबत अपनी मासूम बेटी महनूर से बात की तो उसने इशारे में सौतेली मां की तरफ इशारा कर दिया। पुलिस और ग्रामीणों के समझाने पर शाहिद ने उस दिन पत्नी पर हत्या का शक जताते हुए तहरीर दी लेकिन मौत को संदिग्ध ही बताया था। जिस पर पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा दिया। पुलिस ने उसी दिन तबस्सुम को उठाकर महिला थाने भिजवा दिया था। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार था। छानबीन में जो पता चला है वह रोंगटे खड़ा कर देने वाला है। बताते हैं कि तबस्सुम ने बाजार से दो समोसे अपने लिए मंगाए थे। भूख लगने पर उन समोसों को सैफ खा गया। इससे झल्लाई तबस्सुम ने सैफ को चारपाई पर गिराकर गला दबा दिया। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सैफ की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हो गई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने शाहिद की तरफ से तबस्सुम के खिलाफ फैज की हत्या करने के आरोप में मुकदमा लिखकर उसे जेल भेज दिया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फैज की गला दबाकर मौत होने की पुष्टि होने के बाद शाहिद की तहरीर पर मुकदमा लिखकर तबस्सुम को जेल भिजवा दिया है, लेकिन वह हत्या का जुर्म कुबूल नहीं कर रही है। तबस्सुम का कहना है कि उसने फैज की हत्या नहीं की है- कमल सिंह यादव, एसओ
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