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शोहदों की दहशत से स्कूल नहीं गईं बेटियां

Wed, 03 Aug 2016 01:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Wed, 03 Aug 2016 01:26 AM IST
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दुनका। धनेली उर्फ धल्लिया गांव की बेटियां शोहदों की दहशत के कारण मंगलवार को स्कूल नहीं गईं। 50 से ज्यादा छात्राएं घरों में ही रहीं। हालांकि पुलिस ने दो शोहदों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और स्कूल खुलने और छुट्टी के वक्त रास्ते में सिपाहियों को भी तैनात कर दिया है मगर छात्राओं और अभिभावकों का डर कम नहीं हुआ है। उनका कहना है कि 25 से ज्यादा शोहदे उन्हें परेशान करते हैं। उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। 
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धनेली उर्फ धल्लिया गांव के कई लोगों ने सोमवार को कॉलेज और थाने पहुंचकर शोहदों की शिकायत की थी। उनका आरोप था कि दुनका इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली उनकी बेटियों को रास्ते में शोहदे परेशान करते हैं। अश्लील बातें और छेड़छाड़ से छात्राओं का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। शोहदों के खिलाफ कार्रवाई न होने और सुरक्षा न मिलने पर बेटियों को स्कूल न भेजने की चेतावनी भी दी थी। मंगलवार को पुलिस अभिभावकों को और छात्राओं को थाने बुलाती रही मगर कोई नहीं गया। उनका कहना है कि पुलिस को गांव आकर छानबीन करनी चाहिए। छात्राओं का का कहना है कि दो दर्जन से ज्यादा शोहदे एक साल से कॉलेज का रास्ता घेरकर उन्हें परेशान कर रहे थे। चार-पांच लड़कों के झुंड में दुनका के 20-20 शोहदे रास्ते में थोड़ी-थोड़ी दूर पर बाइकें रोककर खड़े रहते हैं। जब भी लड़कियां पैदल या साइकिल से आती हैं तो उन्हें देखकर अश्लील हरकतें करते हैं। हमारे साथ बैठकर आराम कर लो। भूखी हो, कुछ खा-पी लो- जैसी बातें कहते हैं। मोबाइल पर तेज आवाज में गंदे गाने बजाते हैं। दुनका में डॉ. नसरुद्दीन की दुकान से दुनकी नहर के पास बाग तक शोहदे कॉलेज खुलने और छुट्टी होने के वक्त खड़े हो जाते हैं। परिवार की बदनामी के डर से वे चुपचाप इनकी हरकतों को सहती आ रही थीं। लेकिन शुक्रवार को जब बाइक सवार शोहदों ने गांव की दो लड़कियों का रास्ता रोककर उन्हें जबरन फूल देने की कोशिश की तो सब्र का बांध टूट गया और अभिभावकों से दुस्साहसी शोहदों की करतूत  सुनाई। यह भी कहा कि शोहदों के डर से वे 10-12 दिन से दुनका-दुनकी का मेन रोड छोड़कर बाईपास के रास्ते से कॉलेज आ-जा रहे थे लेकिन शोहदों ने वहां भी बाइकें लगाकर छेड़ना जारी रखा। लड़कियों और अभिभावकों ने कहा कि प्रशासन जब तक सभी शोहदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करेगा और लड़कियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं लेगा, तब तक कोई भी लड़की कालेज नहीं जाएगी। धनेली उर्फ धल्लिया की महिला ग्राम प्रधान नौनेश कुमारी ने बताया कि उनकी दो बेटियां भी दुनका इंटर कालेज में पढ़ने जाती हैं। दोनों ने कई दिन पहले ही उनसे शोहदों की हरकतों की जानकारी दे दी थी लेकिन परिवार की इज्जत की खातिर पति को नहीं बताया था। चंद्रपाल सिंह, देशपाल सिंह, उत्तम सिंह, प्रधान पति देशपाल सिंह, पप्पू सिंह, सत्यपाल कठेरिया ने भी कहा कि दुनका में पहाड़पुर की तरह ही दूसरे समुदाय के शोहदों का आतंक बढ़ रहा है। प्रशासन जब तक लड़कियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं देगा, कोई भी बेटियों को कॉलेज नहीं भेजेगा। देशपाल सिंह ने कहा कि तहरीर मिलने के बाद एसओ शाही हरचरन सिंह यादव ने मीडिया में बात न फैलाने की हिदायत दी थी। 
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उधर, पुलिस ने दुनका के जाहिद और जफर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ आईपीसी की दफा 354, 294 और 504 के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है। उधर, सीओ गिरीशपाल सिंह सोमवार को आधी रात तक दुनका और धनेली में रुककर कालेज प्रशासन, अभिभावकों को लड़कियों की सुरक्षा का भरोसा दिलाने की कोशिश में जुटे रहे। सीओ गिरीशपाल सिंह और एसओ शाही हरचरन सिंह यादव ने कहा कि शोहदों के खिलाफ पुलिस सख्त एक्शन लेगी। लड़कियां जिसे भी पहचानेंगी, उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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