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टेंपो चालक की रेलवे क्वार्टर में हत्या, कर्मचारी हिरासत में
बरेली।
Updated Tue, 07 Mar 2017 01:49 AM IST
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टेंपो चालक की रेलवे क्वार्टर में हत्या, कर्मचारी हिरासत में
- फोटो : Tempo driver killed in the railway quarters, employee detained
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पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर क्षेत्र के रोड नंबर सात पर स्थित एक रेलवे क्वार्टर में टेंपो चालक की हत्या कर दी गई। गला घोंटकर हत्या करने के बाद चाकू से सीने पर कई वार भी किए गए। शक उसी रेलवे कर्मी पर जिसका क्वार्टर है। चाकू भी क्वार्टर से बरामद कर पुलिस ने रेल कर्मी को हिरासत में लिया है। अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर क्षेत्र में रोड नंबर सात पर स्थित रेलवे कॉलोनी के क्वार्टर नंबर बी 69 निवासी धीरज कुमार रेलवे वर्कशॉप में खलासी पद पर कार्यरत है। उसके क्वार्टर में रविवार रात शाहजहांपुर के जैतीपुर क्षेत्र के गांव दहपुरा निवासी 35 वर्षीय गजराम उर्फ डीके की हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। धीरज भी नशे की हालत में क्वार्टर के अंदर ही मिला। बाहरी कमरे में टेंपो चालक का शव चित पड़ा था। उसका गला घोंटा गया था, जिससे गले पर नाखूनों के निशान थे और नाक से खून बह रहा था। उसके सीने पर चाकू के चार बड़े और दो छोटे घाव थे। इससे साफ हो गया कि टेंपो चालक की गला घोंटकर हत्या की गईं और फिर चाकू से वार किए गए। सीओ तृतीय आकाश तोमर, इंस्पेक्टर इज्जतनगर गीतेश कपिल ने फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वाड के साथ मौके पर पहुंचकर छानबीन की। रेलवे कर्मचारी धीरज भी नशे की हालत में घर में मिला। उसके घर से ही पुलिस ने चाकू बरामद कर लिया। साथ ही एक भरी हुई शराब की बोतल मिली, कई बोतलें खाली भी पड़ी थीं। किचन में रखी कढ़ाई में मीट बना रखा था, जो काफी जल गया था। दो थाली खाने की भी रखी थीं। इससे साफ हो गया कि शराब पीने के बाद खाना खाया गया, फिर टेंपो चालक की हत्या कर दी गई। इंस्पेक्टर इज्जतनगर गीतेश कपिल ने बताया कि अभी तक की जांच पड़ताल में रेलवे कर्मचारी ही शक के दायरे में आया है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वह बेहद नशे में है, इसलिए ज्यादा कुछ बता नहीं पा रहा है।
प्लास्टिक के बोरे में भरकर लाश ठिकाने लगाने की थी तैयारी
इज्जतनगर क्षेत्र के रोड नंबर सात पर रहने वाले रेलवे कर्मचारी धीरज के क्वार्टर में साइड रूम में फर्श पर टेंपो चालक गजराम का शव पड़ा था। उसके सिर के सामने ही एक प्लास्टिक का बोरा पड़ा था। इससे साफ हो गया कि सिर की तरफ से शव को बोरे में भरने की कोशिश की गई, लेकिन हत्या करने वाला बेहद नशे में होने के कारण शव को बोरे में नहीं भर सका। उसकी प्लानिंग शव बोरे में भरकर ठिकाने लगाने की थी। वहीं रेलवे कर्मचारी धीरज शराब के नशे में इस कदर धुत था कि वह कहीं खुद भी नहीं जा पाया और टेंपो चालक के शव के पास बैठा रहा। उसके क्वार्टर में पड़े शव को देखने के लिए काफी संख्या में लोग आए। पता चला कि टेंपो चालक गजराम का शव है और वह सीबीगंज के गौरव गुप्ता का टेंपो चलाता था। बताया गया कि टेंपो चालक गजराम डीके के नाम से मशहूर था और रेलवे कर्मचारी के साथ उसका काफी मिलना जुलना था।
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दो दिन पहले हटा दिया दरवाजे से टेंपो
सीओ तृतीय आकाश तोमर ने बताया कि रेलवे कर्मचारी धीरज त्यागी के क्वार्टर के बाहर एक टेंपो खड़ा रहता था। दो दिन पहले ही इस टेंपो को हटवाया गया। अब पता लगाया जा रहा है कि आखिर टेंपो हटवाने की वजह क्या रही।
बच्चों को लेकर मायके चली गई पिटाई से तंग पत्नी
साथी कर्मचारी ही बताते हैं कि धीरज शराब पीकर अपनी पत्नी अनुराधा को बेहद पीटता था। इससे तंग आकर करीब एक महीना पहले अनुराधा अपनी तीन साल की बेटी खुशी और डेढ़ साल की वर्षा को लेकर हरूनगला स्थित अपने मायके चली गई। धीरज भी पांच दिन से ड्यूटी नहीं गया था।
नशे में पुलिस को उलझाता रहा रेलवे कर्मचारी
रेलवे कर्मचारी धीरज कुमार सोमवार को भी बेहद नशे में था। पूछताछ में वह पुलिस समेत सभी को उलझाता रहा। उसने इतना तक कह दिया अंदर जिस युवक का शव पड़ा है, वह उसे जानता तक नहीं। धीरज ने खुद स्वीकार किया कि वह तीन दिन से ड्यूटी नहीं गया। रविवार को वह इज्जतनगर स्टेशन के पास स्थित डाक खाने में दिन भर रहा और रात को ग्यारह बजे आकर सो गया। सोमवार सुबह इंदिरा नगर में स्थित मकान में मां रिटायर्ड टीचर रीता रानी के साथ रहने वाला उसका बड़ा भाई मोहित घर आया। उसने बताया कि मां का मोतियाबिंद का आपरेशन कराया गया है, इसलिए वह नहीं आ सकतीं। धीरज ने बताया कि इतना कहते ही मोहित चला गया और जब वह उठा तो पास के कमरे में शव पड़ा था।
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पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर क्षेत्र में रोड नंबर सात पर स्थित रेलवे कॉलोनी के क्वार्टर नंबर बी 69 निवासी धीरज कुमार रेलवे वर्कशॉप में खलासी पद पर कार्यरत है। उसके क्वार्टर में रविवार रात शाहजहांपुर के जैतीपुर क्षेत्र के गांव दहपुरा निवासी 35 वर्षीय गजराम उर्फ डीके की हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। धीरज भी नशे की हालत में क्वार्टर के अंदर ही मिला। बाहरी कमरे में टेंपो चालक का शव चित पड़ा था। उसका गला घोंटा गया था, जिससे गले पर नाखूनों के निशान थे और नाक से खून बह रहा था। उसके सीने पर चाकू के चार बड़े और दो छोटे घाव थे। इससे साफ हो गया कि टेंपो चालक की गला घोंटकर हत्या की गईं और फिर चाकू से वार किए गए। सीओ तृतीय आकाश तोमर, इंस्पेक्टर इज्जतनगर गीतेश कपिल ने फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वाड के साथ मौके पर पहुंचकर छानबीन की। रेलवे कर्मचारी धीरज भी नशे की हालत में घर में मिला। उसके घर से ही पुलिस ने चाकू बरामद कर लिया। साथ ही एक भरी हुई शराब की बोतल मिली, कई बोतलें खाली भी पड़ी थीं। किचन में रखी कढ़ाई में मीट बना रखा था, जो काफी जल गया था। दो थाली खाने की भी रखी थीं। इससे साफ हो गया कि शराब पीने के बाद खाना खाया गया, फिर टेंपो चालक की हत्या कर दी गई। इंस्पेक्टर इज्जतनगर गीतेश कपिल ने बताया कि अभी तक की जांच पड़ताल में रेलवे कर्मचारी ही शक के दायरे में आया है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वह बेहद नशे में है, इसलिए ज्यादा कुछ बता नहीं पा रहा है।
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प्लास्टिक के बोरे में भरकर लाश ठिकाने लगाने की थी तैयारी
इज्जतनगर क्षेत्र के रोड नंबर सात पर रहने वाले रेलवे कर्मचारी धीरज के क्वार्टर में साइड रूम में फर्श पर टेंपो चालक गजराम का शव पड़ा था। उसके सिर के सामने ही एक प्लास्टिक का बोरा पड़ा था। इससे साफ हो गया कि सिर की तरफ से शव को बोरे में भरने की कोशिश की गई, लेकिन हत्या करने वाला बेहद नशे में होने के कारण शव को बोरे में नहीं भर सका। उसकी प्लानिंग शव बोरे में भरकर ठिकाने लगाने की थी। वहीं रेलवे कर्मचारी धीरज शराब के नशे में इस कदर धुत था कि वह कहीं खुद भी नहीं जा पाया और टेंपो चालक के शव के पास बैठा रहा। उसके क्वार्टर में पड़े शव को देखने के लिए काफी संख्या में लोग आए। पता चला कि टेंपो चालक गजराम का शव है और वह सीबीगंज के गौरव गुप्ता का टेंपो चलाता था। बताया गया कि टेंपो चालक गजराम डीके के नाम से मशहूर था और रेलवे कर्मचारी के साथ उसका काफी मिलना जुलना था।
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दो दिन पहले हटा दिया दरवाजे से टेंपो
सीओ तृतीय आकाश तोमर ने बताया कि रेलवे कर्मचारी धीरज त्यागी के क्वार्टर के बाहर एक टेंपो खड़ा रहता था। दो दिन पहले ही इस टेंपो को हटवाया गया। अब पता लगाया जा रहा है कि आखिर टेंपो हटवाने की वजह क्या रही।
बच्चों को लेकर मायके चली गई पिटाई से तंग पत्नी
साथी कर्मचारी ही बताते हैं कि धीरज शराब पीकर अपनी पत्नी अनुराधा को बेहद पीटता था। इससे तंग आकर करीब एक महीना पहले अनुराधा अपनी तीन साल की बेटी खुशी और डेढ़ साल की वर्षा को लेकर हरूनगला स्थित अपने मायके चली गई। धीरज भी पांच दिन से ड्यूटी नहीं गया था।
नशे में पुलिस को उलझाता रहा रेलवे कर्मचारी
रेलवे कर्मचारी धीरज कुमार सोमवार को भी बेहद नशे में था। पूछताछ में वह पुलिस समेत सभी को उलझाता रहा। उसने इतना तक कह दिया अंदर जिस युवक का शव पड़ा है, वह उसे जानता तक नहीं। धीरज ने खुद स्वीकार किया कि वह तीन दिन से ड्यूटी नहीं गया। रविवार को वह इज्जतनगर स्टेशन के पास स्थित डाक खाने में दिन भर रहा और रात को ग्यारह बजे आकर सो गया। सोमवार सुबह इंदिरा नगर में स्थित मकान में मां रिटायर्ड टीचर रीता रानी के साथ रहने वाला उसका बड़ा भाई मोहित घर आया। उसने बताया कि मां का मोतियाबिंद का आपरेशन कराया गया है, इसलिए वह नहीं आ सकतीं। धीरज ने बताया कि इतना कहते ही मोहित चला गया और जब वह उठा तो पास के कमरे में शव पड़ा था।