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शिक्षिका की आत्मदाह की धमकी पर रुहेलखंड विवि में खलबली
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 11 Sep 2016 01:36 AM IST
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अमरोहा के एक डिग्री कालेज में कार्यरत एक शिक्षिका ने आत्मदाह की धमकी देकर एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शनिवार को खलबली मचा दी। शिक्षिका के इंतजार में विश्वविद्यालय कैंपस में सुबह से शाम तक पुलिस ने डेरा डाले रखा। फायर ब्रिगेड भी बुला ली गई लेकिन शिक्षिका नहीं आई तो सबने राहत की सांस ली। शिक्षिका को छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इससे क्षुब्ध होकर उसने आत्मदाह की धमकी दी थी। उसने मुख्यमंत्री के नाम लिखी चिट्ठी में 10 सितंबर को समस्या न सुलझने पर आत्मदाह करने की बात लिखी थी। विवि प्रशासन को सुबह पुलिस ने इस धमकी की जानकारी दी और सतर्कता बढ़ा दी थी।
मुरादाबाद के थाना नागफनी क्षेत्र के जोगियान गली निवासी शिक्षिका डॉ. हिना कौसर अमरोहा जिले के डिडौली स्थित रफीक हुसैन मेमोरियल डिग्री कालेज में अनुमोदित उर्दू असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर 20 दिसंबर 2017 तक नियुक्त की गई थी। उनके मुताबिक, कालेज प्रबंधन ने छह महीने पहले आठ मार्च को उसकी नियुक्ति निरस्त कर दी। बिना सूचना के गैरहाजिर रहने जैसे जिन आरोपों में उसकी नियुक्ति निरस्त की गई, वह शिक्षिका ने गलत बताए हैं। इसके खिलाफ शिक्षिका ने उसके बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति से शिकायत कर न्याय की मांग की थी। इस बीच 12 मार्च को अमरोहा के पुलिस क्षेत्राधिकारी की मध्यस्थता में तय हुआ कि विश्वविद्यालय से जब तक प्रकरण का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक शिक्षिका प्रतिदिन कालेज में आती रहेंगी लेकिन तब से अब तक न तो कालेज में उपस्थिति रजिस्टर पर उसके हस्ताक्षर ही कराए जा रहे हैं, न ही वेतन का भुगतान किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से प्रकरण के निस्तारण के लिए जांच के लिए कमेटी बना दी गई लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हुई है। मामला न सुलझने पर उसने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय के सामने आत्मदाह की चेतावनी दे डाली। शासन से मामले में कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को निर्देश आए तो शनिवार को शिक्षिका के आत्मदाह के लिए आने की संभावना के मद्देनजर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर पुलिस-फोर्स लगा दी गई लेकिन शाम तक शिक्षिका नहीं आई।
कोट...
नौकरी जाने और छह महीने से वेतन न मिलने से परिवार आर्थिक संकट से जूृझ रहा है लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन मामले को अटकाए हुए है, ऐसे में न्याय के लिए कोई तो कदम उठाना पड़ेगा। फिलहाल विश्वविद्यालय से आश्वासन मिला है। देखते हैं क्या होता है।
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-डॉ. हिना कौसर, शिक्षिका
शिक्षिका की मांग पर जांच कमेटी को पत्र जारी कर दिया है कि दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठकर सुना जाए और प्रकरण जल्द निस्तारित कर दिया जाए। जांच कमेटी ने शिक्षिका के लिए 14 सितंबर को बुलाया है।
-डॉ. साहिबलाल मौर्य, कुलसचिव
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मुरादाबाद के थाना नागफनी क्षेत्र के जोगियान गली निवासी शिक्षिका डॉ. हिना कौसर अमरोहा जिले के डिडौली स्थित रफीक हुसैन मेमोरियल डिग्री कालेज में अनुमोदित उर्दू असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर 20 दिसंबर 2017 तक नियुक्त की गई थी। उनके मुताबिक, कालेज प्रबंधन ने छह महीने पहले आठ मार्च को उसकी नियुक्ति निरस्त कर दी। बिना सूचना के गैरहाजिर रहने जैसे जिन आरोपों में उसकी नियुक्ति निरस्त की गई, वह शिक्षिका ने गलत बताए हैं। इसके खिलाफ शिक्षिका ने उसके बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति से शिकायत कर न्याय की मांग की थी। इस बीच 12 मार्च को अमरोहा के पुलिस क्षेत्राधिकारी की मध्यस्थता में तय हुआ कि विश्वविद्यालय से जब तक प्रकरण का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक शिक्षिका प्रतिदिन कालेज में आती रहेंगी लेकिन तब से अब तक न तो कालेज में उपस्थिति रजिस्टर पर उसके हस्ताक्षर ही कराए जा रहे हैं, न ही वेतन का भुगतान किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से प्रकरण के निस्तारण के लिए जांच के लिए कमेटी बना दी गई लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हुई है। मामला न सुलझने पर उसने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय के सामने आत्मदाह की चेतावनी दे डाली। शासन से मामले में कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को निर्देश आए तो शनिवार को शिक्षिका के आत्मदाह के लिए आने की संभावना के मद्देनजर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर पुलिस-फोर्स लगा दी गई लेकिन शाम तक शिक्षिका नहीं आई।
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नौकरी जाने और छह महीने से वेतन न मिलने से परिवार आर्थिक संकट से जूृझ रहा है लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन मामले को अटकाए हुए है, ऐसे में न्याय के लिए कोई तो कदम उठाना पड़ेगा। फिलहाल विश्वविद्यालय से आश्वासन मिला है। देखते हैं क्या होता है।
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-डॉ. हिना कौसर, शिक्षिका
शिक्षिका की मांग पर जांच कमेटी को पत्र जारी कर दिया है कि दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठकर सुना जाए और प्रकरण जल्द निस्तारित कर दिया जाए। जांच कमेटी ने शिक्षिका के लिए 14 सितंबर को बुलाया है।
-डॉ. साहिबलाल मौर्य, कुलसचिव