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लड़कीे के अपहरण मामले में सपा-बसपा आमने-सामने
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 20 Aug 2016 01:27 AM IST
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मैनी गांव में लड़की के अपहरण को लेकर चल रही तनातनी को अब बसपा और सपा ने सियासी लड़ाई बना लिया है। बीस गांवों के 15 प्रधानों के साथ लड़की पक्ष के लोगों ने शुक्रवार को सपा विधायक सियाराम सागर के आवास पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने विधायक पर लड़की को भगाकर ले जाने वाले आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक बसपा नेता विजय पाल सिंह दलितों से मिलने गांव पहुंचे। सपा नेता और ब्लॉक प्रमुख सीमा यादव और उनके ससुर पूर्व प्रमुख रवींद्र यादव ने भी गिरफ्तारी के लिए पुलिस पर दबाव बनाया है। गांव में तनाव को देखते हुुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उधर पुलिस और विधायक दलितों के पलायन की बात को गलत बता रहे हैं।
मैनी गांव की एक सवर्ण लड़की को एक सप्ताह पहले रम्पुरिया गांव का एक दलित युवक बहला फुसला कर ले गया तो हंगामा मच गया। इस मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लड़की को भगाने में सहयोग करने वाले को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद भी छोड़ दिया। इस बीच दलितों ने पुलिस पर उत्पीड़न और फसल उजाड़ने का आरोप लगाया? यह भी कहा गया कि गांव से दलित पलायन कर रहे हैं।
उधर लड़की पक्ष के लोगों ने सपा विधायक डॉ. सियाराम सागर पर आरोपी की मदद का आरोप लगा दिया। शुक्रवार को इलाके के 15 प्रधान कई लोगों को लेकर विधायक के घर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद यादव प्रमुख के आवास पर पहुंच गए। उन्होंने सपा नेता और पूर्व प्रमुख रवींद्र यादव को घटनाक्रम से अवगत कराया। उनका कहना था कि अभियुक्त दबाव बनाने के झूठी शिकायतें और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। इस कारण पुलिस निष्क्रिय पड़ी हुई है। पूर्व प्रमुख ने प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद को बुलाकर अभियुक्त की गिरफ्तारी कर लड़की को बरामद करने की मांग की। प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद ने शनिवार की शाम तक का समय मांगा। इसके बाद यादवों ने मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर घटना की जानकारी दी है।
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उधर, बसपा कार्यकर्ता और पूर्व विधायक विजय पाल दलितों से मिलने रम्पुरिया गांव पहुंच गए। उन्होंने कहा कि दलितों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर बसपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र सागर, जगदीश प्रसाद, वेद प्रकाश, प्रेम किशोर आजाद आदि मौजूद थे।
सपा की गुटबाजी भी सामने आई
प्रधानों ने सपा नेता और विधायक डॉ. सियाराम सागर के घर पर प्रदर्शन कर उन पर दलितों को बचाने का आरोप लगाया तो पूर्व प्रमुख रवींद्र यादव भी मैदान में आ गए हैं। उन्होंने यादवों के पक्ष में इंस्पेक्टर को अपने आवास बुलाकर लड़की को बरामद करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
कोट
फसल उजाड़ने की जांच करवा ली गई है। कोई फसल नहीं उजाड़ी गई है। गांव से पलायन भी नहीं हुआ है। सुरक्षा के लिए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
-नीति द्विवेदी, सीओ
दलित मेरे पास आते ही नहीं है। मैंने पुलिस से यह जरूर कहा था कि तोड़फोड़ न हो। यादव समाज के लोग दूूसरे पक्ष के लिए भला बुरा कह रहे थे। मैंने किसी प्रकार की मदद नहीं की है। हां, प्रभारी निरीक्षक से लड़की को जल्द बरामद करवाने को कहा है।
-डॉ. सियाराम सागर, विधायक
दलित के खिलाफ लड़की को ले जाने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। दलितों ने गांव से पलायन नहीं किया है। आरोपियों का परिवार गांव से फरार है। कुछ लोगों ने फसल उजाड़ने की जानकारी दी गई है। बसपा दलितों के साथ है।
- विजय पाल सिंह पूर्व विधायक
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मैनी गांव की एक सवर्ण लड़की को एक सप्ताह पहले रम्पुरिया गांव का एक दलित युवक बहला फुसला कर ले गया तो हंगामा मच गया। इस मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लड़की को भगाने में सहयोग करने वाले को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद भी छोड़ दिया। इस बीच दलितों ने पुलिस पर उत्पीड़न और फसल उजाड़ने का आरोप लगाया? यह भी कहा गया कि गांव से दलित पलायन कर रहे हैं।
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उधर लड़की पक्ष के लोगों ने सपा विधायक डॉ. सियाराम सागर पर आरोपी की मदद का आरोप लगा दिया। शुक्रवार को इलाके के 15 प्रधान कई लोगों को लेकर विधायक के घर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद यादव प्रमुख के आवास पर पहुंच गए। उन्होंने सपा नेता और पूर्व प्रमुख रवींद्र यादव को घटनाक्रम से अवगत कराया। उनका कहना था कि अभियुक्त दबाव बनाने के झूठी शिकायतें और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। इस कारण पुलिस निष्क्रिय पड़ी हुई है। पूर्व प्रमुख ने प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद को बुलाकर अभियुक्त की गिरफ्तारी कर लड़की को बरामद करने की मांग की। प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद ने शनिवार की शाम तक का समय मांगा। इसके बाद यादवों ने मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर घटना की जानकारी दी है।
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उधर, बसपा कार्यकर्ता और पूर्व विधायक विजय पाल दलितों से मिलने रम्पुरिया गांव पहुंच गए। उन्होंने कहा कि दलितों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर बसपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र सागर, जगदीश प्रसाद, वेद प्रकाश, प्रेम किशोर आजाद आदि मौजूद थे।
सपा की गुटबाजी भी सामने आई
प्रधानों ने सपा नेता और विधायक डॉ. सियाराम सागर के घर पर प्रदर्शन कर उन पर दलितों को बचाने का आरोप लगाया तो पूर्व प्रमुख रवींद्र यादव भी मैदान में आ गए हैं। उन्होंने यादवों के पक्ष में इंस्पेक्टर को अपने आवास बुलाकर लड़की को बरामद करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
कोट
फसल उजाड़ने की जांच करवा ली गई है। कोई फसल नहीं उजाड़ी गई है। गांव से पलायन भी नहीं हुआ है। सुरक्षा के लिए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
-नीति द्विवेदी, सीओ
दलित मेरे पास आते ही नहीं है। मैंने पुलिस से यह जरूर कहा था कि तोड़फोड़ न हो। यादव समाज के लोग दूूसरे पक्ष के लिए भला बुरा कह रहे थे। मैंने किसी प्रकार की मदद नहीं की है। हां, प्रभारी निरीक्षक से लड़की को जल्द बरामद करवाने को कहा है।
-डॉ. सियाराम सागर, विधायक
दलित के खिलाफ लड़की को ले जाने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। दलितों ने गांव से पलायन नहीं किया है। आरोपियों का परिवार गांव से फरार है। कुछ लोगों ने फसल उजाड़ने की जानकारी दी गई है। बसपा दलितों के साथ है।
- विजय पाल सिंह पूर्व विधायक