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दरोगा मनोज मिश्रा हत्याकांड- सात आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
बरेली
Updated Sat, 23 Jan 2016 01:32 AM IST
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बरेली। थाना फरीदपुर के दरोगा मनोज कुमार मिश्रा हत्याकांड में आरोपी प्रधान, शहंशाह, जाबिर, बड़े, मैसर, लईक और एहसान की जमानत अर्जी की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने की। उन्होंने सात आरोपियों को जमानत पर रिहा किये जाने का पर्याप्त आधार न पेश करने पर जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभियोजन के अनुसार नौ सितंबर 2015 को गो वंशीय पशुओं को वध के लिए पकड़ने पर पशु तस्करों की गोली से दरोगा मनोज मिश्रा घायल हो गए थे। उन्होंने आवाज दी थी कि पदारथपुर के जफरउद्दीन उर्फ मटरू ने उन्हें गोली मार दी। बाद में उनकी श्रीराम मूर्ति अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। पकड़े गए व्यक्तियों ने बताया कि वे आसपास के बाजारों से गोवंशीय पशुओं को खरीदकर पदारथपुर में एकत्र कर लेते हैं और रात में जंगल के रास्ते से ठिरिया निजावत खां में वध के लिए ले जाकर बेच देते हैं।
अभियुक्तों की ओर से तर्क दिया गया कि गांव की रंजिश व क्षेत्रीय नेताओं से हमसाज होकर झूठा फंसाया गया है। गोली मारने वाला केवल मटरू है और मृतक के शरीर पर एक ही चोट है इसलिए जमानत पर रिहा किया जाए। एडजीसी फौजदारी रवि प्रधान ने तर्क दिया कि अभियुक्त पशु तस्करी के धंधे में लिप्त हैं और उनके द्वारा जान से मारने की नीयत से की गई फायरिंग से दरोगा मनोज कुमार मिश्रा की मृत्यु हो गई है इसलिए जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त किये जाने योग्य है।
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अभियोजन के अनुसार नौ सितंबर 2015 को गो वंशीय पशुओं को वध के लिए पकड़ने पर पशु तस्करों की गोली से दरोगा मनोज मिश्रा घायल हो गए थे। उन्होंने आवाज दी थी कि पदारथपुर के जफरउद्दीन उर्फ मटरू ने उन्हें गोली मार दी। बाद में उनकी श्रीराम मूर्ति अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। पकड़े गए व्यक्तियों ने बताया कि वे आसपास के बाजारों से गोवंशीय पशुओं को खरीदकर पदारथपुर में एकत्र कर लेते हैं और रात में जंगल के रास्ते से ठिरिया निजावत खां में वध के लिए ले जाकर बेच देते हैं।
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अभियुक्तों की ओर से तर्क दिया गया कि गांव की रंजिश व क्षेत्रीय नेताओं से हमसाज होकर झूठा फंसाया गया है। गोली मारने वाला केवल मटरू है और मृतक के शरीर पर एक ही चोट है इसलिए जमानत पर रिहा किया जाए। एडजीसी फौजदारी रवि प्रधान ने तर्क दिया कि अभियुक्त पशु तस्करी के धंधे में लिप्त हैं और उनके द्वारा जान से मारने की नीयत से की गई फायरिंग से दरोगा मनोज कुमार मिश्रा की मृत्यु हो गई है इसलिए जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त किये जाने योग्य है।
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