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जमीन के लिए चाचा को गोली से उड़ाया
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 18 Aug 2016 01:38 AM IST
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फरीदपुर। पिपरथरा गांव में एक करोड़ की जमीन हथियाने के लिए भतीजे ने दिनदहाड़े चाचा की गोली मारकर जान ले ली। चाचा अपनी पत्नी को बचाने के लिए उसके सामने खड़े हो गए थे और जान की भीख मांगी मगर युवक की आंखों में खून सवार था। उसने फायर झोंक दिए। गोली लगने से चाची भी जख्मी हो गई। घटना के बाद आरोपी भाग गया। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
गांव के 65 वर्षीय छोटेलाल के कोई संतान नहीं थी। उनके भाई बुद्धसेन का एक बेटा सूरज है। दोनों भाइयों ने सुभाषनगर की शांतिनगर कालोनी में 150-150 गज के प्लाट खरीदकर मकान बना लिए थे। गांव में दोनों भाइयों की 50-50 बीघा खेती की जमीन है। एक भाई के हिस्से की जमीन की कीमत करीब एक करोड़ है। सूरज को शक था कि चाचा छोटे लाल की पत्नी जावित्री अपने हिस्से की जमीन अपने भाई के बेटों को दिला देगी इसलिए वह चाची को रास्ते से हटाने के लिए प्लानिंग कर रहा था। छोटे लाल की तबियत खराब चल रही थी। वह दवाइयों के सहारे ही जी रहे थे। छोटे लाल के भाई बुद्धसेन की करीब एक महीने पहले मौत हो गई है। इसके बाद छोटे लाल और जावित्री देवी को डर सताने लगा कि सूरज उनकी हत्या कर देगा। वह उसके व्यवहार से पहले से ही परेशान थे इसलिए मंगलवार की रात छोटेलाल पत्नी के साथ सामान बांधकर ससुुराल भागने की फिराक में थे। सूरज को इसकी भनक लग गई। बुधवार की सुबह करीब आठ बजे सूरज ने अपनी मां मुन्नी के साथ चाचा के घर पहुंच गया। सूरज ने 315 बोर का तमंचा निकाल लिया और चाची जावित्री को मारने की कोशिश की। उसने जैसे ही गोली चलाई चाचा छोटे लाल सामने आ गए। छोटेलाल सूरज से पत्नी को न मारने की विनती करने लगे, लेकिन उसके सिर पर एक करोड़ की जमीन हथियाने का भूत सवार था। उसने चाचा के ही सीने पर गोली चला दी। ताबड़तोड़ तीन गोली लगते ही चाचा जमीन पर गिर पड़े। चाची जावित्री देवी कमरे से जान बचाने को बाहर की ओर भागीं। सूरज ने चाची पर भी दो फायर झोंक दिए जिससे चाची घायल हो गई। उनके बाजू में गोली लगने के बाद निकल गई। सूरज के पास पांच कारतूस थे। सभी चल जाने के बाद सूरज अपनी मां मुन्नी को लेकर पल्सर बाइक से भाग गया। चाची को तत्काल फरीदपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। सूचना मिलते ही सीओ नीति द्विवेदी और प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। जावित्री देवी की ओर से पांच लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी एक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पहले भी मारने की थी प्लानिंग
हत्यारोपी सूरज कई माह से चाची जावित्री को मारना चाहता था। जिससे एक करोड़ की संपत्ति वह अपने मायके वालों को न दे दे। उसने कई बार चाची को मारने का प्लान बनाया, लेकिन सूरज के प्लान में हमेशा उसके पिता बुद्धसेन ने फेल कर दिया। पिता की मौत के बाद सूरज आजाद हो गया।
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गांव के 65 वर्षीय छोटेलाल के कोई संतान नहीं थी। उनके भाई बुद्धसेन का एक बेटा सूरज है। दोनों भाइयों ने सुभाषनगर की शांतिनगर कालोनी में 150-150 गज के प्लाट खरीदकर मकान बना लिए थे। गांव में दोनों भाइयों की 50-50 बीघा खेती की जमीन है। एक भाई के हिस्से की जमीन की कीमत करीब एक करोड़ है। सूरज को शक था कि चाचा छोटे लाल की पत्नी जावित्री अपने हिस्से की जमीन अपने भाई के बेटों को दिला देगी इसलिए वह चाची को रास्ते से हटाने के लिए प्लानिंग कर रहा था। छोटे लाल की तबियत खराब चल रही थी। वह दवाइयों के सहारे ही जी रहे थे। छोटे लाल के भाई बुद्धसेन की करीब एक महीने पहले मौत हो गई है। इसके बाद छोटे लाल और जावित्री देवी को डर सताने लगा कि सूरज उनकी हत्या कर देगा। वह उसके व्यवहार से पहले से ही परेशान थे इसलिए मंगलवार की रात छोटेलाल पत्नी के साथ सामान बांधकर ससुुराल भागने की फिराक में थे। सूरज को इसकी भनक लग गई। बुधवार की सुबह करीब आठ बजे सूरज ने अपनी मां मुन्नी के साथ चाचा के घर पहुंच गया। सूरज ने 315 बोर का तमंचा निकाल लिया और चाची जावित्री को मारने की कोशिश की। उसने जैसे ही गोली चलाई चाचा छोटे लाल सामने आ गए। छोटेलाल सूरज से पत्नी को न मारने की विनती करने लगे, लेकिन उसके सिर पर एक करोड़ की जमीन हथियाने का भूत सवार था। उसने चाचा के ही सीने पर गोली चला दी। ताबड़तोड़ तीन गोली लगते ही चाचा जमीन पर गिर पड़े। चाची जावित्री देवी कमरे से जान बचाने को बाहर की ओर भागीं। सूरज ने चाची पर भी दो फायर झोंक दिए जिससे चाची घायल हो गई। उनके बाजू में गोली लगने के बाद निकल गई। सूरज के पास पांच कारतूस थे। सभी चल जाने के बाद सूरज अपनी मां मुन्नी को लेकर पल्सर बाइक से भाग गया। चाची को तत्काल फरीदपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। सूचना मिलते ही सीओ नीति द्विवेदी और प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। जावित्री देवी की ओर से पांच लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी एक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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पहले भी मारने की थी प्लानिंग
हत्यारोपी सूरज कई माह से चाची जावित्री को मारना चाहता था। जिससे एक करोड़ की संपत्ति वह अपने मायके वालों को न दे दे। उसने कई बार चाची को मारने का प्लान बनाया, लेकिन सूरज के प्लान में हमेशा उसके पिता बुद्धसेन ने फेल कर दिया। पिता की मौत के बाद सूरज आजाद हो गया।
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