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सचिवालय में नौकरी के नाम पर 12 लाख रुपये ठग लिए
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Fri, 11 Nov 2016 12:59 AM IST
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लखनऊ सचिवालय में नौकरी के नाम पर फर्जी तरीके से खाकी वर्दी पहनाकर सुरक्षा कर्मी रखने वाले ठग ने 12 लाख रु पये की ठगी कर ली। मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दरबार पहुंचने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक आरोपी हाथ नहीं लगा है।
थाना भोजीपुरा के खानपुर निवासी अंबा प्रसाद की मुलाकात देवरनिया थाने के करनपुर गांव निवासी कांता प्रसाद से हो गई थी। आरोप है कि कांता प्रसाद ने अंबा प्रसाद की मुलाकात गांव के ही प्रेमपाल उर्फ सूर्यवंशी से करा दी। सूर्यवंशी ने उन्हें सचिवालय में नौकरी दिलाने का सपना दिखाया। कहने लगे उनकी अधिकारियों में मजबूत पकड़ है। सूर्यवंशी का जलवा देखकर अंबा प्रभावित हो गए। उसने लोगों को फंसाने के लिए फर्जी तरीके खाकी वर्दी पहनाकर सुरक्षा कर्मी भी रख लिया है। अंबा के परिवार वालों ने सूर्यवंशी को बारह लाख रुपये दे दिए, लेकिन नौकरी नहीं लगी। अंबा ने नौकरी लगने पर सूर्यवंशी से रुपये वापस मांगने शुरू किए तो बहाने बनाने लगा। छानबीन के दौरान मालूम हुआ कि उसने और भी कई लोगों से नौकरी के नाम पर ठगी की है। पीड़ित ने अपने परिचित के माध्यम से मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के दरबार में कर दी। वहां से फोन करके आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बृहस्पतिवार को लखनऊ के अधिकारी से फोन कराकर पीड़ितों ने इज्जतनगर के प्रभारी निरीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने यह मामला देवरनिया थाने को ट्रांसफर कर दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी देवरनिया थाने के करनपुर गांव का रहने वाला है, इसलिए वहां की पुलिस ही इस मामले में जल्दी कार्रवाई कर सकती है। प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद गौड़ ने बताया कि ऐसा कोई मामला अभी उनकी जानकारी में नहीं आया है। पीड़ित आएंगे तो जानकारी करके कार्रवाई कराई जाएगी।
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थाना भोजीपुरा के खानपुर निवासी अंबा प्रसाद की मुलाकात देवरनिया थाने के करनपुर गांव निवासी कांता प्रसाद से हो गई थी। आरोप है कि कांता प्रसाद ने अंबा प्रसाद की मुलाकात गांव के ही प्रेमपाल उर्फ सूर्यवंशी से करा दी। सूर्यवंशी ने उन्हें सचिवालय में नौकरी दिलाने का सपना दिखाया। कहने लगे उनकी अधिकारियों में मजबूत पकड़ है। सूर्यवंशी का जलवा देखकर अंबा प्रभावित हो गए। उसने लोगों को फंसाने के लिए फर्जी तरीके खाकी वर्दी पहनाकर सुरक्षा कर्मी भी रख लिया है। अंबा के परिवार वालों ने सूर्यवंशी को बारह लाख रुपये दे दिए, लेकिन नौकरी नहीं लगी। अंबा ने नौकरी लगने पर सूर्यवंशी से रुपये वापस मांगने शुरू किए तो बहाने बनाने लगा। छानबीन के दौरान मालूम हुआ कि उसने और भी कई लोगों से नौकरी के नाम पर ठगी की है। पीड़ित ने अपने परिचित के माध्यम से मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के दरबार में कर दी। वहां से फोन करके आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बृहस्पतिवार को लखनऊ के अधिकारी से फोन कराकर पीड़ितों ने इज्जतनगर के प्रभारी निरीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने यह मामला देवरनिया थाने को ट्रांसफर कर दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी देवरनिया थाने के करनपुर गांव का रहने वाला है, इसलिए वहां की पुलिस ही इस मामले में जल्दी कार्रवाई कर सकती है। प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद गौड़ ने बताया कि ऐसा कोई मामला अभी उनकी जानकारी में नहीं आया है। पीड़ित आएंगे तो जानकारी करके कार्रवाई कराई जाएगी।
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