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फिल्मी अंदाज में सर्राफ की कोठी में घुसे डकैत
बरेली
Updated Thu, 11 Feb 2016 02:00 AM IST
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बरेली। मुंशीनगर में सर्राफ अब्दुल हसन की छोटी सी दुकान में 40 लाख रुपये का माल पुलिस को हजम नहीं हो रहा है। हालांकि उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दिखाई दे रहे डकैत घटना की गवाही दे रहे हैं। घुसते ही एक बदमाश ने कहना शुरू कर दिया था कि तुझे भगवान की कसम, कुछ बोला तो गोली मार दूंगा।
सर्राफ की कोठी में अंदर जाते समय वह भगवान की कसम देकर धमकाता रहा। कई बार उसने फिल्मी अंदाज में अब्दुल हसन पर तमंचा ताना और जान से मारने की धमकी दी। डकैतों ने आते ही जिस तरह से कोठी के अंदर सर्राफ को असलहे के बल पर कब्जे में लिया। उससे तो साफ जाहिर हो रहा है कि उनका एक साथी सर्राफ का पीछा कर रहा था। वह अपने साथियों को सर्राफ की लोकेशन की जानकारी भी दे रहा था। यह प्लानिंग भी एक दिन की नहीं है। कई दिन से सर्राफ की रेकी की जा रही होगी । उसके हर मूवमेंट पर लुटेरों की नजर थी। वह यह भी जानते थे कि घर में किस वक्त कौन रहता है। घटना के दिन उन्होंने समय भी सही चुना था। उन्हें पता था कि हम अचानक सर्राफ के पीछे से घुसेंगे तो किसी पड़ोसी को भी मालूम नहीं होगा।
कोई अपना ही है भेदिया
-सर्राफ के घर के अंदर माल किस कमरे में और कहां रखा है। इसकी जानकारी बदमाशों को पहले से ही थी। उन्होंने सीधे उसी कमरे को टारगेट किया। उन्हें यह भी पता था कि सर्राफ किस वक्त घर में आता जाता है। दुकान के आसपास के लोगों और क्षेत्र के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को भी पुलिस इस मामले में रडार ले रही है।
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मजार के पास घूमने पर टोका था
-सर्राफ की कोठी के पास घूम रहे डकैतों को वहां बैठने वाले व्यक्ति ने टोका भी था। बाद में वह मजार के पास से हटकर दूसरे स्थान पर चले गए थे। डकैती के बाद मजार की देखभाल करने वाले ने फुटेज देखकर डकैतों को पहचान लिया।
कर्जदार भी तो है सर्राफ
पुलिस के मुताबिक सर्राफ अब्दुल हसन पर करीब बारह लाख रुपये का कर्जा भी बताया जा रहा है। इस बिंदू पर भी जांच की जा रही है। किन लोगों की गिरवीं गांठें अब्दुल सलाम के पास रखी थीं। उनकी भी सूची पुलिस ने मांगी है।
एक
-भगवान की कसम खाकर बोलने पर गोली मारने की धमकी देने वाले बदमाश के साथ टोपी पहनकर कौन आया था। कहीं ऐसा तो नहीं उसी ने डकैती की योजना बनाकर रेकी की है।
दो
-सर्राफ अब्दुल हसन के घर में डेढ़ लाख रुपये रखे थे तो किसी और से उसने पत्नी के इलाज के लिए पंद्रह हजार रुपये उधार क्यों लिए थे। कहीं ऐसा तो नहीं यह सब नाटक गिरवीं गांठ हड़पने को किया गया हो।
तीन-
सर्राफ की कोठी में घुसे बदमाश अनाड़ी लग रहे हैं। उनमें से एक बदमाश बार-बार घर के बाहर की तरफ जाता था और लौटकर आता था। उसी ने तमंचा अब्दुल हसन के सामने ही लोड करके तान दिया था।
चार
पड़ोस में पानी की टंकी है। वहां भी हर वक्त कोई न कोई रहता है। इतनी बड़ी वारदात होने के बाद भी किसी को भनक तक नहीं लग पाई। यह बात भी हैरानी भरी है।
पांच
डकैत अब्दुल हसन से बच्चे को किडनैप करने आने की बात कह रहे थे। साथ में यह भी कहने लगते थे कि तुम माल दे दोगे तो बच्चे को नहीं ले जाएंगे।
छह
अब्दुल हसन के पांच भाई और मां-बाप हजियापुर में रहते हैं। बुधवार को उनके बड़े भाई रईस मियां की बेटी का कुरआन फारिग होने पर दावत का प्रोग्राम था। अब्दुल हसन पत्नी के साथ वहां जाने के बजाए पहले मुंशीनगर क्यों आए। जबकि उनका बड़ा बेटा अरबाज और अलीशा पहले से ही हजियापुर में थे।
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सर्राफ की कोठी में अंदर जाते समय वह भगवान की कसम देकर धमकाता रहा। कई बार उसने फिल्मी अंदाज में अब्दुल हसन पर तमंचा ताना और जान से मारने की धमकी दी। डकैतों ने आते ही जिस तरह से कोठी के अंदर सर्राफ को असलहे के बल पर कब्जे में लिया। उससे तो साफ जाहिर हो रहा है कि उनका एक साथी सर्राफ का पीछा कर रहा था। वह अपने साथियों को सर्राफ की लोकेशन की जानकारी भी दे रहा था। यह प्लानिंग भी एक दिन की नहीं है। कई दिन से सर्राफ की रेकी की जा रही होगी । उसके हर मूवमेंट पर लुटेरों की नजर थी। वह यह भी जानते थे कि घर में किस वक्त कौन रहता है। घटना के दिन उन्होंने समय भी सही चुना था। उन्हें पता था कि हम अचानक सर्राफ के पीछे से घुसेंगे तो किसी पड़ोसी को भी मालूम नहीं होगा।
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कोई अपना ही है भेदिया
-सर्राफ के घर के अंदर माल किस कमरे में और कहां रखा है। इसकी जानकारी बदमाशों को पहले से ही थी। उन्होंने सीधे उसी कमरे को टारगेट किया। उन्हें यह भी पता था कि सर्राफ किस वक्त घर में आता जाता है। दुकान के आसपास के लोगों और क्षेत्र के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को भी पुलिस इस मामले में रडार ले रही है।
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मजार के पास घूमने पर टोका था
-सर्राफ की कोठी के पास घूम रहे डकैतों को वहां बैठने वाले व्यक्ति ने टोका भी था। बाद में वह मजार के पास से हटकर दूसरे स्थान पर चले गए थे। डकैती के बाद मजार की देखभाल करने वाले ने फुटेज देखकर डकैतों को पहचान लिया।
कर्जदार भी तो है सर्राफ
पुलिस के मुताबिक सर्राफ अब्दुल हसन पर करीब बारह लाख रुपये का कर्जा भी बताया जा रहा है। इस बिंदू पर भी जांच की जा रही है। किन लोगों की गिरवीं गांठें अब्दुल सलाम के पास रखी थीं। उनकी भी सूची पुलिस ने मांगी है।
एक
-भगवान की कसम खाकर बोलने पर गोली मारने की धमकी देने वाले बदमाश के साथ टोपी पहनकर कौन आया था। कहीं ऐसा तो नहीं उसी ने डकैती की योजना बनाकर रेकी की है।
दो
-सर्राफ अब्दुल हसन के घर में डेढ़ लाख रुपये रखे थे तो किसी और से उसने पत्नी के इलाज के लिए पंद्रह हजार रुपये उधार क्यों लिए थे। कहीं ऐसा तो नहीं यह सब नाटक गिरवीं गांठ हड़पने को किया गया हो।
तीन-
सर्राफ की कोठी में घुसे बदमाश अनाड़ी लग रहे हैं। उनमें से एक बदमाश बार-बार घर के बाहर की तरफ जाता था और लौटकर आता था। उसी ने तमंचा अब्दुल हसन के सामने ही लोड करके तान दिया था।
चार
पड़ोस में पानी की टंकी है। वहां भी हर वक्त कोई न कोई रहता है। इतनी बड़ी वारदात होने के बाद भी किसी को भनक तक नहीं लग पाई। यह बात भी हैरानी भरी है।
पांच
डकैत अब्दुल हसन से बच्चे को किडनैप करने आने की बात कह रहे थे। साथ में यह भी कहने लगते थे कि तुम माल दे दोगे तो बच्चे को नहीं ले जाएंगे।
छह
अब्दुल हसन के पांच भाई और मां-बाप हजियापुर में रहते हैं। बुधवार को उनके बड़े भाई रईस मियां की बेटी का कुरआन फारिग होने पर दावत का प्रोग्राम था। अब्दुल हसन पत्नी के साथ वहां जाने के बजाए पहले मुंशीनगर क्यों आए। जबकि उनका बड़ा बेटा अरबाज और अलीशा पहले से ही हजियापुर में थे।