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पत्नी को माननीय बनाने के लिए संजय ने तोड़ी आचार संहिता
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Fri, 06 Jan 2017 01:24 AM IST
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Sanjay's wife to break the code of conduct honorable
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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चुनाव आचार संहिता लगने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह करीब 23 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों के जिन शिला पट्टों का अनावरण करने जा रहे थे उनमें भारती सिंह की गरिमामयी उपस्थिति का उल्लेख है। ये भारती सिंह न तो कोई बड़ी अधिकारी हैं, न कोई विधायक मंत्री, यहां तक कि जिला पंचायत सदस्य भी नहीं। ये हैं स्वयं अध्यक्ष जी की धर्म पत्नी जिन्हें वह राजनीति में सक्रिय करना चाहते हैं और मीरगंज से मैदान में उतारने का मंसूबा रखते हैं।
भारती सिंह वीवीआईपी कैसे बनाया गया ये सवाल गुरुवार पूरे दिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गूंजता रहा। बसपा ने तो बाकायदा चुनाव आयोग को शिकायत भेज कर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बता कर कार्रवाई की मांग कर दी है। भाजपा और सपा के दूसरे धड़े के लोग भी खुल कर विरोध कर रहे हैं। हालांकि चुनाव आचार संहिता लगने से जब सीडीओ ने हाथ खींच लिए तो जिला पंचायत अध्यक्ष इन कामों का शिलान्यास नहीं कर पाए। उन्होंने कहा है कि काम शुरू हो गए थे, शिलान्यास के पत्थरों का अनावरण तो अब कराया जा रहा था। आचार संहिता लागू होने के बाद निर्माण कार्यों का शिलान्यास और जिला पंचायत अध्यक्ष की पत्नी का नाम लिखवाए जाने के मामले को जिलाधिकारी ने भी गंभीरता से लिया है और इस बारे में सीडीओ को जांच सौंपी दी है। उनसे 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
असली खेल तो यह है
चार जनवरी को जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह ने संस्था के 23 करोड़ के कामों का शिलान्यास कराने के लिए पत्रकारों की प्रेस वार्ता बुलाई थी। शिलापट्टों में संजय सिंह और उनकी पत्नी भारती सिंह की गरिमामयी उपस्थिति का जिक्र है। भारती के आगे माननीय लिखवाया गया है। संजय सिंह अपनी पत्नी भारती सिंह को मीरगंज से विधानसभा का चुनाव लड़ाना चाहते हैं। बड़े नेताओं से बातचीत भी चल रही है। इसीलिए शिलान्यास वाले पत्थरों पर उनका नाम लिखवाया गया।
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शिलान्यास कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति में हम किसी का नाम लिखवा सकते हैं। इसमें विधायक से लेकर कोई भी सम्मानित व्यक्ति शामिल है। लोग इस मामले में अनावश्यक विरोध कर रहे हैं। कोई भी काम नियम विरुद्ध नहीं है-
संजय सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत
जिला पंचायत के कामों के शिलान्यास मामले को स्वत : संज्ञान में लेकर जांच सीडीओ को सौंपी गई है। मुख्य विकास अधिकारी की जांच आख्या मिलने के बाद चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी
- पंकज यादव, जिलाधिकारी
इस ब्लाक में ये काम थे
ब्लाक का नाम बजट आवंटन
बिथरी चैनपुर 1.87 करोड़
फरीदपुर 2.34 करोड़
भुता 2.15 करोड़
क्यारा 1.37 करोड़
नवाबगंज 3.10 करोड़
भदपुरा 1.63 करोड़
बहेड़ी 1.57 करोड़
दमखोदा 45 लाख
शेरगढ़ 61 लाख
मीरगंज 1.28 करोड़
फतेहगंज 1.0 करोड़
रामनगर 60 लाख
मझगवां 58 लाख
आलमपुर जाफराबाद 1.61 करोड़
जिला पंचायत अध्यक्ष की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है जिस पर किसी का भी नाम लिखवा दें। सांसद या विधायक की गरिमामयी मौजूदगी तो दर्ज कराई जा सकती है लेकिन पत्नी का नाम शिलान्यास पत्थरों पर लिखाना असंवैधानिक है। वीरपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद
अगर जिला पंचायत अध्यक्ष की पत्नी सदस्य या अन्य किसी पद पर होतीं तो शिलान्यास कार्यक्रम में नाम लिखवा सकते थे। जब वह ऐसे किसी पद पर नहीं हैं तो नाम नहीं लिखवाना चाहिए था। केसर सिंह, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत
बसपा सदस्य ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत
बरेली। बसपा के वार्ड 57 से जिला पंचायत सदस्य राजेश सागर ने जिला पंचायत के शिलान्यास वाले पत्थरों में भारती सिंह का नाम शामिल कराने पर आपत्ति जताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग और सीडीओ को शिकायत भेजी है।
उन्होंने कहा कि आचार संहिता लगने के समय समाजवादी पार्टी के पक्ष में वोटरों को करने के लिए ऐन वक्त पर 23 करोड़ के कामों के शिलान्यास का कार्यक्रम रखा गया। ये आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। इन कामों पर तत्काल रोक लगाई जाए। राजेश सागर ने कहा है कि भारती सिंह का नाम लिखना सरकारी धन का दुरुपयोग और कानून के खिलाफ है। राजेश सागर ने इस मामले में जिला पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की मांग की।
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भारती सिंह वीवीआईपी कैसे बनाया गया ये सवाल गुरुवार पूरे दिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गूंजता रहा। बसपा ने तो बाकायदा चुनाव आयोग को शिकायत भेज कर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बता कर कार्रवाई की मांग कर दी है। भाजपा और सपा के दूसरे धड़े के लोग भी खुल कर विरोध कर रहे हैं। हालांकि चुनाव आचार संहिता लगने से जब सीडीओ ने हाथ खींच लिए तो जिला पंचायत अध्यक्ष इन कामों का शिलान्यास नहीं कर पाए। उन्होंने कहा है कि काम शुरू हो गए थे, शिलान्यास के पत्थरों का अनावरण तो अब कराया जा रहा था। आचार संहिता लागू होने के बाद निर्माण कार्यों का शिलान्यास और जिला पंचायत अध्यक्ष की पत्नी का नाम लिखवाए जाने के मामले को जिलाधिकारी ने भी गंभीरता से लिया है और इस बारे में सीडीओ को जांच सौंपी दी है। उनसे 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
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असली खेल तो यह है
चार जनवरी को जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह ने संस्था के 23 करोड़ के कामों का शिलान्यास कराने के लिए पत्रकारों की प्रेस वार्ता बुलाई थी। शिलापट्टों में संजय सिंह और उनकी पत्नी भारती सिंह की गरिमामयी उपस्थिति का जिक्र है। भारती के आगे माननीय लिखवाया गया है। संजय सिंह अपनी पत्नी भारती सिंह को मीरगंज से विधानसभा का चुनाव लड़ाना चाहते हैं। बड़े नेताओं से बातचीत भी चल रही है। इसीलिए शिलान्यास वाले पत्थरों पर उनका नाम लिखवाया गया।
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शिलान्यास कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति में हम किसी का नाम लिखवा सकते हैं। इसमें विधायक से लेकर कोई भी सम्मानित व्यक्ति शामिल है। लोग इस मामले में अनावश्यक विरोध कर रहे हैं। कोई भी काम नियम विरुद्ध नहीं है-
संजय सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत
जिला पंचायत के कामों के शिलान्यास मामले को स्वत : संज्ञान में लेकर जांच सीडीओ को सौंपी गई है। मुख्य विकास अधिकारी की जांच आख्या मिलने के बाद चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी
- पंकज यादव, जिलाधिकारी
इस ब्लाक में ये काम थे
ब्लाक का नाम बजट आवंटन
बिथरी चैनपुर 1.87 करोड़
फरीदपुर 2.34 करोड़
भुता 2.15 करोड़
क्यारा 1.37 करोड़
नवाबगंज 3.10 करोड़
भदपुरा 1.63 करोड़
बहेड़ी 1.57 करोड़
दमखोदा 45 लाख
शेरगढ़ 61 लाख
मीरगंज 1.28 करोड़
फतेहगंज 1.0 करोड़
रामनगर 60 लाख
मझगवां 58 लाख
आलमपुर जाफराबाद 1.61 करोड़
जिला पंचायत अध्यक्ष की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है जिस पर किसी का भी नाम लिखवा दें। सांसद या विधायक की गरिमामयी मौजूदगी तो दर्ज कराई जा सकती है लेकिन पत्नी का नाम शिलान्यास पत्थरों पर लिखाना असंवैधानिक है। वीरपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद
अगर जिला पंचायत अध्यक्ष की पत्नी सदस्य या अन्य किसी पद पर होतीं तो शिलान्यास कार्यक्रम में नाम लिखवा सकते थे। जब वह ऐसे किसी पद पर नहीं हैं तो नाम नहीं लिखवाना चाहिए था। केसर सिंह, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत
बसपा सदस्य ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत
बरेली। बसपा के वार्ड 57 से जिला पंचायत सदस्य राजेश सागर ने जिला पंचायत के शिलान्यास वाले पत्थरों में भारती सिंह का नाम शामिल कराने पर आपत्ति जताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग और सीडीओ को शिकायत भेजी है।
उन्होंने कहा कि आचार संहिता लगने के समय समाजवादी पार्टी के पक्ष में वोटरों को करने के लिए ऐन वक्त पर 23 करोड़ के कामों के शिलान्यास का कार्यक्रम रखा गया। ये आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। इन कामों पर तत्काल रोक लगाई जाए। राजेश सागर ने कहा है कि भारती सिंह का नाम लिखना सरकारी धन का दुरुपयोग और कानून के खिलाफ है। राजेश सागर ने इस मामले में जिला पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की मांग की।