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नाइजीरियन ठगों की रुहेलखंड में गहरी पैठ
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 09 May 2016 01:05 AM IST
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नाइजीरियन ठगों की रुहेलखंड में बहुत गहरी पैठ है। शहामतगंज का युवक उनके गुर्गों की फर्जी आईडी बनवाने में मदद करता था। आरटीओ की तीन दलालों के नाम भी विवेचना के दौरान सामने आए हैं। यह तीनों दलाल 1500 रुपये में ड्राइविंग लाइसेंस बनवा देते थे। इसी के जरिए फर्जी तरीके से पहचान पत्र बनवा लेते थे। पहचान पत्र से पैन कार्ड बनने के बाद बैंक में खाता खुलना आसान हो जाता है।
रविवार को इज्जतनगर पुलिस ने मुजाहिद से मिली जानकारी के मुताबिक शहामतगंज पुलिस चौकी के पीछे रहने वाले नरेंद्र राणा नाम के युवक को उठा लिया। नरेंद्र के जरिए ही सीबीगंज के धंतिया गांव का मुजाहिद, रिजवान और उनके साथी आईडी बनवाकर नाइजीरियन ठगों के गैंग को बैंक खाते बेचने के लिए खुलवाते थे। सूत्रों के मुताबिक सुरेश शर्मा नगर में रहने वाले आरटीओ के दलाल अशोक कु मार, फरीदपुर में रहने वाले अनिल कुमार और शहर के ही दयाशंकर साहू फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवा देते थे। इसी के जरिए फर्जी पहचान पत्र बनवाकर ठगों के गुर्गे विभिन्न बैंकों में फर्जी खाते खुलवाने के बाद नाइजीरियन ठगों को बेच देते थे। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिशें दे रही हैं। तीनों दलालों में से अभी तक कोई हाथ नहीं लगा है। प्रभारी निरीक्षक रामगोपाल शर्मा ने बताया कि ठगी के मामले में कई और नए नाम आए हैं। सभी की तस्दीक कराने के बाद कार्रवाई की जा रही है।
तांत्रिक भी बन गया करोड़पति
-नाइजीरियन ठगों के गैंग में शामिल धंतिया गांव का तांत्रिक भी करोड़पति बन गया है। उसने भी गांव में आलीशान कोठी बना ली है। फर्जी खाते खुलवाने के अलावा वह नाइजीरियन ठगों को नए लड़के फंसाकर गैंग में शामिल कराता है। इसके बदले भी उन्हें रुपये मिलते हैं। गैंग में शामिल लोगों से नाइजीरियन ठग सीधे नहीं मिलते हैं। सीबीगंज के धंतिया गांव के आसिफ के अलावा उसका भाई सद्दाम और तांत्रिक भी नाइजीरियन ठगों के बड़े गुर्गे हैं। इन्हीं लोगों ने बरेली में अपना नेटवर्क बिछा रखा है। गांव के बेरोजगार युवकों को रोजगार दिलाने का झांसा देकर यह अपने जाल में फंसा लेते हैं। ठगों के गैंग में ही एक बड़ा नाम जमशेद का आया है। पुलिस उसके बारे में भी छानबीन करने में लगी हुई है।
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समीर के नाम से खाता खुलवा लिया
-नाइजीरियन ठगी कै गैंग में शामिल मुजाहिद बेहद शातिर है। उसने तो महानगर कॉलोनी में समीर सक्सेना के नाम से खाता खुलवाकर नाइजीरियन ठगों को बेच दिया था। पुलिस ठगों के सभी खातों को खंगालने में जुटी है। यह भी पता कराया जा रहा है कि किन खातों में ठगों ने फर्जी खातों से रकम को ट्रांसफर किया गया है।
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रविवार को इज्जतनगर पुलिस ने मुजाहिद से मिली जानकारी के मुताबिक शहामतगंज पुलिस चौकी के पीछे रहने वाले नरेंद्र राणा नाम के युवक को उठा लिया। नरेंद्र के जरिए ही सीबीगंज के धंतिया गांव का मुजाहिद, रिजवान और उनके साथी आईडी बनवाकर नाइजीरियन ठगों के गैंग को बैंक खाते बेचने के लिए खुलवाते थे। सूत्रों के मुताबिक सुरेश शर्मा नगर में रहने वाले आरटीओ के दलाल अशोक कु मार, फरीदपुर में रहने वाले अनिल कुमार और शहर के ही दयाशंकर साहू फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवा देते थे। इसी के जरिए फर्जी पहचान पत्र बनवाकर ठगों के गुर्गे विभिन्न बैंकों में फर्जी खाते खुलवाने के बाद नाइजीरियन ठगों को बेच देते थे। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिशें दे रही हैं। तीनों दलालों में से अभी तक कोई हाथ नहीं लगा है। प्रभारी निरीक्षक रामगोपाल शर्मा ने बताया कि ठगी के मामले में कई और नए नाम आए हैं। सभी की तस्दीक कराने के बाद कार्रवाई की जा रही है।
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तांत्रिक भी बन गया करोड़पति
-नाइजीरियन ठगों के गैंग में शामिल धंतिया गांव का तांत्रिक भी करोड़पति बन गया है। उसने भी गांव में आलीशान कोठी बना ली है। फर्जी खाते खुलवाने के अलावा वह नाइजीरियन ठगों को नए लड़के फंसाकर गैंग में शामिल कराता है। इसके बदले भी उन्हें रुपये मिलते हैं। गैंग में शामिल लोगों से नाइजीरियन ठग सीधे नहीं मिलते हैं। सीबीगंज के धंतिया गांव के आसिफ के अलावा उसका भाई सद्दाम और तांत्रिक भी नाइजीरियन ठगों के बड़े गुर्गे हैं। इन्हीं लोगों ने बरेली में अपना नेटवर्क बिछा रखा है। गांव के बेरोजगार युवकों को रोजगार दिलाने का झांसा देकर यह अपने जाल में फंसा लेते हैं। ठगों के गैंग में ही एक बड़ा नाम जमशेद का आया है। पुलिस उसके बारे में भी छानबीन करने में लगी हुई है।
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समीर के नाम से खाता खुलवा लिया
-नाइजीरियन ठगी कै गैंग में शामिल मुजाहिद बेहद शातिर है। उसने तो महानगर कॉलोनी में समीर सक्सेना के नाम से खाता खुलवाकर नाइजीरियन ठगों को बेच दिया था। पुलिस ठगों के सभी खातों को खंगालने में जुटी है। यह भी पता कराया जा रहा है कि किन खातों में ठगों ने फर्जी खातों से रकम को ट्रांसफर किया गया है।