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चार-चार लाख रुपये देकर खरीदी सेना की नौकरी
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 15 Jul 2016 01:28 AM IST
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सेना भती में इन्हीं चार युवकों ने लगाई सेंध
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सेना भर्ती में अब तक फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे सेंध लगाने की कोशिश के मामले ही सामने आए थे लेकिन इस बार तो दलालों ने सेना का भर्ती तंत्र ही भेद डाला। दिल्ली सेना भर्ती कार्यालय के फर्जी नियुक्ति पत्र के सहारे हरियाणा के चार युवक बरेली स्थित जाट रेजीमेंट सेंटर मुख्यालय में ट्रेनिंग लेने आ गए। 12 दिन तक वे सैनिक बनकर ट्रेनिंग भी लेते रहे लेकिन नियुक्तिपत्र के सत्यापन में मामला खुला तो सेना के होश उड़ गए। सेना ने चारों युवक पुलिस के हवाले कर दिया है। चारों को शुक्रवार को जेल भेजा जाएगा।
पकडे़ गए युवकों में तीन हरियाणा के पलवल जिले के हैं। ये हैं- होडल तहसील के गांव रामनगर का रवि पुत्र अशोक कुमार, शमशाबाद गांव का मनीष कुमार पुत्र सतीश सिंह, कृणा कॉलोनी का धर्म चंद्र पुत्र जगमाल सिंह। चौथा युवक हरियाणा के बल्लभगढ़ की चावला कॉलोनी का संदीप पुत्र हंसराज है। इन युवकों ने दलालों को तीन से चार लाख रुपये देकर फर्जी नियुक्तिपत्र हासिल किए थे। दिल्ली के सेना भर्ती कार्यालय के नियुक्तिपत्र लेकर एक जुलाई को 21 युवक जाट सेंटर पहुंचे थे। इनमें ये चारों भी थे। उसी दिन से सैनिक जीडी के रूप में इनकी ट्रेनिंग शुरू करा दी गई थी। सभी लगातार 12 दिन ट्रेनिंग लेेते रहे। इसी बीच 12 जुलाई को दिल्ली सेना भर्ती कार्यालय से जाट रेजीमेंट सेंटर को पत्र भेजकर बताया गया कि दिल्ली से बहुत सारे युवाओं को फर्जी नियुक्तिपत्र के जरिये कई यूनिटों में ट्रेनिंग को भेज दिया गया है। यह भी बताया गया कि जाट रेजीमेंट में सिर्फ 17 युवक ही ट्रेनिंग को भेजे हैं। इसके बाद जाट सेंटर के अफसर हरकत में आ गए क्योंकि यहां चार युवक अतिरिक्त आ गए हैं। इसके बाद दिल्ली सेना भर्ती कार्यालय से आई लिस्ट से सत्यापन कराया गया तो पता चला कि उसमें रवि, मनीष कुमार, धर्मचंद्र और संदीप का नाम नहीं है। सेना की पूछताछ में चारों ने सच भी कबूल लिया।
न परीक्षा दी और न ही फिजिकल दिया
चारों ने बताया कि भर्ती के लिए न तो वे दौड़ में शामिल हुए और न ही उनका मेडिकल हुआ। उन्होंने कोई लिखित परीक्षा भी नहीं दी फिर भी कुछ दलालों ने उनसे तीन से चार लाख रुपये वसूले और फर्जी नियुक्तिपत्र दे दिया। इसके आधार पर वे ट्रेनिंग लेने जाट रेजीमेंट सेंटर आ गए। जाट रेजीमेंट सेंटर ने चारों युवकों को कैंट थाना पुलिस के हवाले कर दिया। सेंटर के दंडपाल लेफ्टिनेंट कर्नल समीर कटियार की ओर से दी गई तहरीर पर कैंट थाना पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा कायम कर लिया है। पुलिस इन्हें जेल भेजने के लिए शुक्रवार को कोर्ट में हाजिर करेगी।
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पकडे़ गए युवकों में तीन हरियाणा के पलवल जिले के हैं। ये हैं- होडल तहसील के गांव रामनगर का रवि पुत्र अशोक कुमार, शमशाबाद गांव का मनीष कुमार पुत्र सतीश सिंह, कृणा कॉलोनी का धर्म चंद्र पुत्र जगमाल सिंह। चौथा युवक हरियाणा के बल्लभगढ़ की चावला कॉलोनी का संदीप पुत्र हंसराज है। इन युवकों ने दलालों को तीन से चार लाख रुपये देकर फर्जी नियुक्तिपत्र हासिल किए थे। दिल्ली के सेना भर्ती कार्यालय के नियुक्तिपत्र लेकर एक जुलाई को 21 युवक जाट सेंटर पहुंचे थे। इनमें ये चारों भी थे। उसी दिन से सैनिक जीडी के रूप में इनकी ट्रेनिंग शुरू करा दी गई थी। सभी लगातार 12 दिन ट्रेनिंग लेेते रहे। इसी बीच 12 जुलाई को दिल्ली सेना भर्ती कार्यालय से जाट रेजीमेंट सेंटर को पत्र भेजकर बताया गया कि दिल्ली से बहुत सारे युवाओं को फर्जी नियुक्तिपत्र के जरिये कई यूनिटों में ट्रेनिंग को भेज दिया गया है। यह भी बताया गया कि जाट रेजीमेंट में सिर्फ 17 युवक ही ट्रेनिंग को भेजे हैं। इसके बाद जाट सेंटर के अफसर हरकत में आ गए क्योंकि यहां चार युवक अतिरिक्त आ गए हैं। इसके बाद दिल्ली सेना भर्ती कार्यालय से आई लिस्ट से सत्यापन कराया गया तो पता चला कि उसमें रवि, मनीष कुमार, धर्मचंद्र और संदीप का नाम नहीं है। सेना की पूछताछ में चारों ने सच भी कबूल लिया।
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न परीक्षा दी और न ही फिजिकल दिया
चारों ने बताया कि भर्ती के लिए न तो वे दौड़ में शामिल हुए और न ही उनका मेडिकल हुआ। उन्होंने कोई लिखित परीक्षा भी नहीं दी फिर भी कुछ दलालों ने उनसे तीन से चार लाख रुपये वसूले और फर्जी नियुक्तिपत्र दे दिया। इसके आधार पर वे ट्रेनिंग लेने जाट रेजीमेंट सेंटर आ गए। जाट रेजीमेंट सेंटर ने चारों युवकों को कैंट थाना पुलिस के हवाले कर दिया। सेंटर के दंडपाल लेफ्टिनेंट कर्नल समीर कटियार की ओर से दी गई तहरीर पर कैंट थाना पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा कायम कर लिया है। पुलिस इन्हें जेल भेजने के लिए शुक्रवार को कोर्ट में हाजिर करेगी।
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