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प्रेमनगर का रेनू हत्याकांड
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 23 Mar 2016 02:11 AM IST
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थाना प्रेमनगर के बाला जी पुरम(सिद्धार्थ नगर) में गर्भवती रेनू की हत्या की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। देवर प्रमोद कुमार की 60 घंटे बाद भी खामोशी नहीं टूटी है। उसकी खामोशी टूटने के बाद ही असली हत्यारा का पता लगा पाएगा। हालांकि पुलिस का मानना तो यही है कि प्रमोद ने ही रेनू की हत्या की है। हत्या के समय के हालात भी प्रमोद की ओर ही हत्या का इशारा कर रहे हैं।
रविवार की शाम छह बजे रेनू को मृत घोषित किए जाने के बाद से ही देवर प्रमोद कुमार बेहोश है। वह आंखें तक नहीं खोल रहा है। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने प्रमोद की दिमागी हालत जानने के लिए एमआरआई कराया था। उसकी रिपोर्ट नार्मल आई है, लेकिन इसके बाद भी प्रमोद की हालत स्थिर बनी हुई है। एमआरआई रिपोर्ट देखने के बाद निजी अस्पताल से डॉक्टर ने प्रमोद को जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया है। पुलिस इसके बाद भी देवर पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। रविवार को रेनू की लाश उसी के कमरे में फर्श पर पड़ी मिली थी। देवर प्रमोद कुमार रेनू की लाश के पास बैठा रोता हुआ मिला था। रेनू की चाकू से गोदकर हत्या की गई थी। पड़ोसी के घर की मदद से घर में पहुंचे पति विनोद कुमार पत्नी को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे तो उन्हें उसे मृत घोषित कर दिया था। देवर की हालत बिगड़ जाने पर परिवार वालों ने उसी अस्पताल में भर्ती करा दिया था। प्रभारी निरीक्षक देवेश सिंह ने बताया कि प्रमोद कुमार को होश अभी तक नहीं आया है। हालांकि एमआरआई की रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद परिवार वालों ने उसे रिफर होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। प्रमोद के होश में आने के बाद भी घटना की वजह का पता लग पाएगा।
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रविवार की शाम छह बजे रेनू को मृत घोषित किए जाने के बाद से ही देवर प्रमोद कुमार बेहोश है। वह आंखें तक नहीं खोल रहा है। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने प्रमोद की दिमागी हालत जानने के लिए एमआरआई कराया था। उसकी रिपोर्ट नार्मल आई है, लेकिन इसके बाद भी प्रमोद की हालत स्थिर बनी हुई है। एमआरआई रिपोर्ट देखने के बाद निजी अस्पताल से डॉक्टर ने प्रमोद को जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया है। पुलिस इसके बाद भी देवर पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। रविवार को रेनू की लाश उसी के कमरे में फर्श पर पड़ी मिली थी। देवर प्रमोद कुमार रेनू की लाश के पास बैठा रोता हुआ मिला था। रेनू की चाकू से गोदकर हत्या की गई थी। पड़ोसी के घर की मदद से घर में पहुंचे पति विनोद कुमार पत्नी को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे तो उन्हें उसे मृत घोषित कर दिया था। देवर की हालत बिगड़ जाने पर परिवार वालों ने उसी अस्पताल में भर्ती करा दिया था। प्रभारी निरीक्षक देवेश सिंह ने बताया कि प्रमोद कुमार को होश अभी तक नहीं आया है। हालांकि एमआरआई की रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद परिवार वालों ने उसे रिफर होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। प्रमोद के होश में आने के बाद भी घटना की वजह का पता लग पाएगा।
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