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रहमानी मेहमान खाने में जुटी मदरसों की शिक्षिकाएं बोलीं तलाक तो हो गई है 

Tue, 10 Jan 2017 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Tue, 10 Jan 2017 01:08 AM IST
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Rahmani guest teachers of schools involved in the food is so divorced mum
Rahmani guest teachers of schools involved in the food is so divorced mum - फोटो : बरेली, अमर उजाला
आला हजरत खानदान के शीरान रजा खां और निदा खान मामले में कुछ दिन पहले कुछ महिलाओं के प्रदर्शन के बाद अब आलिमाओं को मोर्चे पर लगाया गया। दरगाह के एक मेहमान खाने में प्रेस कांफ्रेंस करने के लिए जुटी आलिमाओं ने रविवार को कहा कि निदा इस मामले को तूल न दें, बल्कि यह स्वीकार कर लें कि तलाक हो गई है, अब अपना महर सामान आदि लें और बात को खत्म कर दें। साथ ही इस मसले को हल करने के लिए वह निदा को दावत भी दे रही हैं। इस संबंध में आलिमा ने तलाक पर फतवा भी प्रेस को दिखाया।
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ये आलिमाएं यहां दरगाह आला हजरत स्थित रहमानी मेहमान खाने में प्रेस से वार्ता कर रही थीं। फातिमा शरियत कालेज नरियावल की प्रधानाचार्य गुलशन फातिमा ने कहा कि निदा दीनी तालीम से वाकिफ नहीं हैं।  शरीयत ही बताती है कि किसका क्या हक है क्या करना चाहिए।  तलाक की नौबत तब आती है जब पहले शौहर बीवी को समझाए, फिर सख्ती करे, फिर भी न फरमानी करे तो तलाक की नौबत है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि जो भी निदा बता रही है अगर ऐसा है तो शौहर बेहतर जानते हैं।
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फातिमा शरियत कालेज नरियावल की प्रधानाचार्य साफिया नूरी ने कहा कि तलाक का न मानना निदा में इल्म की कमी है। वह जिस खानदान पर दहेज का इल्जाम लगा रही हैं वहां तो खुद गरीब लड़कियों की शादी करायी जाती है। उन्हें दहेज का क्या लालच हो सकता है। निदा का तलाक तो हो गया है अब उन्हें फैसले के लिए शहर काजी ने बुलाया है उन्हें आना चाहिए क्यों नहीं आ रही हैं। हम भी तो आलिम हैं हम बुलाते हैं वो आएं। 
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मदरसा बरकाते फातिमा रिछा की प्रधानाचार्य ताहिरा नूरी ने कहा कि अगर वो वाकई में मसला सुलझाने के लिए गंभीर हैं तो शहर काजी के यहां आएं हम लोग भी रहेंगे। दोनों लोग जुदा होना चाहते हैं या मेल चाहते हैं यह फैसला शहर काजी करेंगे। उन्होंने कहा कि शरियत को जाने बिना निदा नासमझी के बयान दे रहीं हैं। इससे शरई कानून की भी बदनामी हो रहे है। टीचर सुब्हाना नूरी ने कहा कि मुस्लिम औरत को जेबा नहीं देता कि वह मामला कोर्ट तक ले जाए। वो सिर्फ खानदान की बेइज्जती कर रहीं हैं। बाद में ये सभी महिलाएं शहर काजी के यहां भी गई। 


क्या है मामला
आला हजरत खानदान की शीरान रजा खां के साथ शहदाना निवासी निदा खां का निकाह हुआ था। बाद में आपसी मतभेदों के चलते दोनों में टकराव हुआ । निदा का आरोप है कि वो दहेज की मांग कर रहे थे और इसको लेकर उत्पीड़न शुरू कर दिया था। जबकि शीरान का कहना है कि निदा ने उसे पहले दिन से पसंद नहीं किया। उसे तलाक दिया जा चुका है। झगड़े के बाद निदा मायके में हैं और पति के खिलाफ कार्रवाई के लिए अदालती  जंग लड़ रही हैं। 
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