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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Question mark on the safety of the university system

विवि की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Tue, 22 Nov 2016 01:17 AM IST
बरेली, ब्यूरो
बरेली, ब्यूरो Updated Tue, 22 Nov 2016 01:17 AM IST
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बीडीए हॉस्टल के पास निर्माणाधीन रिसर्च लैब के जंगल में युवक को लाकर उसका सिर कुचले जाने की घटना से एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कहने को तो विश्वविद्यालय कैंपस और सारे हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था में 24 घंटे में 108 सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी रहती है फिर भी इतनी बड़ी घटना हो गई। युवक जहां गंभीर अवस्था में सोमवार को सुबह पड़ा मिला, उससे कुछ कदम दूर रिसर्च लैब पर तीन शिफ्ट में अलग-अलग सुरक्षा कर्मी 24 घंटे की ड्यूटी पर रहते हैं लेकिन इतनी बड़ी घटना हो गई और सुरक्षा कर्मी को पता ही नहीं लगा। ऐसे तो कैंपस में कोई भी सुरक्षित नहीं है। घटना स्थल के पास में ही बीडीए और न्यू ब्वायज हॉस्टल भी है। इनमें बहुत सारे विद्यार्थी रहते हैं। उसी कैंपस में पीछे समाज कल्याण के दो हॉस्टल भी बने हुए हैं। हॉस्टल में रहने वाले लड़कों से पूर्व में लूटपाट की घटनाएं हो चुकी हैं। कैंपस में सामान चोरी की घटनाएं भी होती रहती हैं। डोहरा से सटे रास्ते वाले विश्वविद्यालय गेट से अक्सर रात को बाहरी लोग कैंपस में प्रवेश करके शराब पीते हैं। इसकी शिकायत भी कुछ शिक्षक विश्वविद्यालय प्रशासन से कर चुके हैं लेकिन यह सिलसिला रुका नहीं है।
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सोमवार को सुबह सामने आई घटना से जाहिर है कि विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर अब शायद ही कोई भरोसा करे। सुरक्षा को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैये भी काफी लचर है। इसका प्रमाण विश्वविद्यालय कैंपस के बीच से डोहरा गौटिया वालों को दिया गया रास्ता है। यह रास्ता डोहरा गांव वालों के दिन-रात खुला रहता है। महीने भर पहले रास्ते को बंद करने की कोशिश भी की गई लेकिन विरोध के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन की हिम्मत जवाब दे गई और कैंपस के बीच से गांव वाले धड़ल्ले से गुजरते हैं। यह रास्ता विश्वविद्यालय कैंपस के क्वार्टरों में रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए किसी मुश्किल से कम नहीं है लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुए है।
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कोट...
निर्माणाधीन रिसर्च लैब के पास जंगल एरिया है। वहां तक जाने के लिए दो रास्ते हैं। एक रास्ते पर सुरक्षा कर्मी रहता है। हो सकता है कि हत्यारे युवक को दूसरे रास्ते से अंदर लेकर आए हों। कैंपस में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। डोहरा गौटिया वाले रास्ते को बंद करने के लिए जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन से सहयोग लिया जाएगा।
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-दुर्विंद्र सिंह यादव, सुरक्षा प्रभारी
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