भड़के दलित संगठन पहुंचे कलेक्ट्रेट, प्रशासन हुआ अलर्ट
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एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कई दलित संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस बीच मेरठ और आगरा में बवाल की खबरें आई तो कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। एसएसपी के आदेश पर जिले का पूरा पुलिस फोर्स सड़कों पर उतार दिया गया। दामोदर स्वरूप पार्क, नगर निगम के पास, कोतवाली के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस सुरक्षा में कलेक्ट्रेट तक लाया गया, जहां संगठनों की ओर से डीएम और प्रशासनिक अधिकारियों को अपने ज्ञापन सौंपे। कलेक्ट्रेट पर भी सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई। दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का एलान किया था। सुबह कोतवाली के सामने और दामोदर स्वरूप पार्क पर दलित संगठनों ने धरना देना शुरू किया। इनमें भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज, अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, अखिल भारतीय कोली/कोरी समाज, एससी एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन, वाल्मीकि-अम्बेडकर सेवा समिति उत्तर प्रदेश, जाटव समाज विकास समिति और भारतरत्न बोधिसत्व बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर महासभा और भारतीय दलित व मुस्लिम फ्रंट मुख्य रूप से शामिल थे। विरोध जाहिर करने के लिए एक दलित संगठन के लोग नगर निगम भी पहुंचे और उसे बंद कराने का प्रयास किया लेकिन अधिकारियों ने समझाकर उन्हें वापस किया।
बाजार बंद का आह्वान बेअसर
दलित संगठनों के बंद के आह्वान का बाजार पर कोई असर नजर नहीं आया। सभी बाजार खोले गए, हालांकि बवाल की आशंका को देखते हुए दोपहर तक जंक्शन की रोड की कुछ दुकानें बंद रही। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने रिजर्व पुलिस बल भी बाजारों में तैनात कर दिया ताकि कोई शांति व्यवस्था को नुकसान न पहुंचा सके।
डीजीपी मुख्यालय से की गई निगरानी
डीजीपी और एडीजी एलओ कार्यालय से जनपद की शांति व्यवस्था और प्रदर्शनों को लेकर मिनट-मिनट का अपडेट लिया जाता रहा। मुख्यालय से साफ संकेत दिए गए थे कि अगर कोई गड़बड़ी करता है तो उसके साथ सख्ती से निपटा जाए। जिले में हुए प्रदर्शनों की रिपोर्ट डीजीपी मुख्यालय को भेज दी गई।