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प्राइवेट बस ने साइकिल सवार को कुचला, मौत
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 10 Apr 2016 01:07 AM IST
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साइकिल सवार युवक को अनियंत्रित गति से आ रही प्राइवेट बस ने कुचल दिया, युवक को शुक्रवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। युवक के साथ उसका एक 15 वर्ष का बेटा भी था, जो सुरक्षित है। बच्चे ने बस का नंबर नोट कर लिया, जिसके आधार पर परिवार वालों ने बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। युवक का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया है।
भमोरा के कैमुआ निवासी रामौतार शर्मा साइकिल से शुक्रवार की सुबह चांड़पुर रोड पार कर रहे थे। तभी आंवला की ओर से आ रही बस ने उन्हें चांडपुर रोड पर टक्कर मार दी। युवक को गंभीर हालत में एंबुलेंस ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां शुक्रवार दोपहर को उनकी मौत हो गई। युवक की पत्नी की 8 साल पहले मौत हो चुकी है, उनके दो बेटे हैं। घटना के समय रामौतार के साथ उनका बेटा आशीष भी मौजूद था, जो सुरक्षित है।
पीड़ितों को निजी अस्पतालों में पहुंचा रही है एंबुलेंस
एंबुलेंस चालक सड़क हादसे के शिकार घायलों को जिला अस्पताल की जगह निजी अस्पतालों में भर्ती कराने ले जाती हैं। बीते शुक्रवार को भी यही हुआ, रामौतार के बड़े भाई सत्यपाल शर्मा ने आरोप लगाया कि घटना स्थल पर मौजूद एंबुलेंस ने उनके घायल भाई को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने पर जब वह पहुंचे तब तक भाई की मौत हो चुकी थी, निजी अस्पताल ने मनमाने ढंग से बिल बनाया, जिसका कुछ प्रतिशत कमीशन एंबुलेंस चालक को भी दिया गया।
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भमोरा के कैमुआ निवासी रामौतार शर्मा साइकिल से शुक्रवार की सुबह चांड़पुर रोड पार कर रहे थे। तभी आंवला की ओर से आ रही बस ने उन्हें चांडपुर रोड पर टक्कर मार दी। युवक को गंभीर हालत में एंबुलेंस ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां शुक्रवार दोपहर को उनकी मौत हो गई। युवक की पत्नी की 8 साल पहले मौत हो चुकी है, उनके दो बेटे हैं। घटना के समय रामौतार के साथ उनका बेटा आशीष भी मौजूद था, जो सुरक्षित है।
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पीड़ितों को निजी अस्पतालों में पहुंचा रही है एंबुलेंस
एंबुलेंस चालक सड़क हादसे के शिकार घायलों को जिला अस्पताल की जगह निजी अस्पतालों में भर्ती कराने ले जाती हैं। बीते शुक्रवार को भी यही हुआ, रामौतार के बड़े भाई सत्यपाल शर्मा ने आरोप लगाया कि घटना स्थल पर मौजूद एंबुलेंस ने उनके घायल भाई को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने पर जब वह पहुंचे तब तक भाई की मौत हो चुकी थी, निजी अस्पताल ने मनमाने ढंग से बिल बनाया, जिसका कुछ प्रतिशत कमीशन एंबुलेंस चालक को भी दिया गया।
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