{"_id":"575728bb4f1c1bb05d9c5ae7","slug":"policemen-slept-in-the-room","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊपरसोए थे पुलिसवाले, नीचे हो गई हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ऊपरसोए थे पुलिसवाले, नीचे हो गई हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:34 AM IST
विज्ञापन
अारोपी सोनू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमेंट कारोबारी सगीर की हत्या वाली रात क्योलड़िया पुलिस के दो सिपाही हत्यारोपी सोनू के घर में सोए थे। घरवालों का आरोप है कि सगीर की हत्या में सिपाहियों ने भी साथ दिया है। सिपाहियों के सोनू के घर सोने की पुष्टि थानाध्यक्ष ने भी की है। हत्या में इस्तेमाल की गई बंदूक उसी कमरे में मिली जिसमें दोनों सिपाही सोए थे।
क्योलड़िया के मेथी नवदिया गांव के मेथी चौराहा के पास साईं ट्रेडर्स नाम से सोनू यादव की दुकान है। दुकान के ऊपर कमरे बने हैं। जिसमें वह अकेला रहता हैं। मूल रुप से बुलंदशहर के निवासी सोनू को गांव में दबंग प्रवृत्ति का माना जाता है, उसने दो वर्ष पहले ही इस गांव में सीमेंट की दुकान खोली थी। पूरनपुर (पीलीभीत) के मोहल्ला अहमदनगर निवासी सगीर अहमद सीमेंट का थोक कारोबारी था। सोनू ने उससे 1,28,630 रुपए का सीमेंट उधार खरीदा। बीते रविवार को वह मोटरसाइकिल से गांव मेथी नवदिया में सोनू को उधार दिए सीमेंट का भुगतान वसूलने पहुंचा था। एसपी ग्रामीण ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सोनू ने कबूल किया है कि उसने सगीर अहमद के रुपये देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद दोनों के बीच गालीगलौज हुई और गुस्से में उसने 12 बोर की बंदूक से सगीर की हत्या कर दी। इस बंदूक को सोमवार को पुलिस ने दुकानों के ऊपर बने उसी कमरे से बरामद किया जहां दोनों कांस्टेबल रात को सोए थे। बताया जाता है कि दोनों सिपाही रात में गश्त करने निकलने के दौरान थकान होने पर सोनू के घर ही सोते थे और घर के अंदर हत्या हो जाने के बाद खामोश रहने पर उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिवार वाले जब हत्या के सुबूत ढूंढ लाए तब जागे पुलिस वाले
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के भतीजे शहीद अहमद व उनके साथी कारोबारी ने बताया कि लापता सगीर को ढूंढते हुए वे मेथी नवदिया पहुंचे। सगीर से पूछताछ की तो उसकी बातों से शक हुआ। उसकी दुकान पर ही खड़ी सफारी गाड़ी में खून लगा था। इसके बाद गली में खून का लोथड़ा मिला और सगीर की चप्पल मिली। शहीद का कहना है कि जब वह थाना गए तो कांस्टेबल बोले कि रविवार को वह उनके साथ ही सोया था, उसने हत्या नहीं की है। इसके बाद सगीर के एक फोटो को दिखाया गया जिसमें उसने वैसी ही चप्पलेें पहनी थीं। भतीजे का कहना है कि इसके बाद अचानक एसओ का बयान आया कि सोनू ने हत्या कुबूल कर ली है। भतीजे ने डीआईजी को दरख्वास्त देकर केस पीलीभीत जिले में ट्रांसफर कराने की मांग की है। दूसरी ओर, पूरनपुर शव ले जाकर मृतक के परिवार वालों ने थाना जाकर हंगामा किया और न्याय की मांग की।
विज्ञापन
युवा वाहिनी का सदस्य रह चुका है हत्यारोपी
सोनू ने लाश ठिकाने लगाने के लिए जिस सफारी गाड़ी का इस्तेमाल किया, उस पर ‘जिला उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, बुलंदशहर’ लिखा था और सपा का झंडा लगा हुआ था। एसओ ने बताया है कि बरामद की गई गाड़ी सोनू के ही नाम पर है। साथ ही जानकारी दी कि वह बुलंदशहर में सपा की युवा वाहिनी में कार्यकर्ता था। दो साल पहले उसे वहां से निकाल दिया था। हालांकि वह पार्टी का झंडा लगाकर इलाके में अपनी धांक जमाना चाहता था।
कांस्टेबल राजीव और मुनीष मिश्रा रविवार देर रात गस्त के बाद सोनू की दुकान के ऊपर बने कमरे में जाकर सोए, लेकिन दोनों घटना से अंजान थे। किसी के घर सोने का मतलब यह नहीं कि हत्यारोपी को संरक्षण दे दिया। जैसे ही गुमशुदगी की तहरीर मिली। तुरंत कार्रवाई की।
- राकेश कुमार यादव ,एसओ क्योलड़िया
हलका कांस्टेबल अगर डयूटी के समय किसी के घर सो रहे हैं, तो यह गंभीर स्थिति है। सोनू के घर में सिपाहियों के घटना की रात सोने की बात मेरी जानकारी में नहीं है। ऐसा हुआ तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - जमुना प्रसाद, एसपी ग्रामीण
विज्ञापन
क्योलड़िया के मेथी नवदिया गांव के मेथी चौराहा के पास साईं ट्रेडर्स नाम से सोनू यादव की दुकान है। दुकान के ऊपर कमरे बने हैं। जिसमें वह अकेला रहता हैं। मूल रुप से बुलंदशहर के निवासी सोनू को गांव में दबंग प्रवृत्ति का माना जाता है, उसने दो वर्ष पहले ही इस गांव में सीमेंट की दुकान खोली थी। पूरनपुर (पीलीभीत) के मोहल्ला अहमदनगर निवासी सगीर अहमद सीमेंट का थोक कारोबारी था। सोनू ने उससे 1,28,630 रुपए का सीमेंट उधार खरीदा। बीते रविवार को वह मोटरसाइकिल से गांव मेथी नवदिया में सोनू को उधार दिए सीमेंट का भुगतान वसूलने पहुंचा था। एसपी ग्रामीण ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सोनू ने कबूल किया है कि उसने सगीर अहमद के रुपये देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद दोनों के बीच गालीगलौज हुई और गुस्से में उसने 12 बोर की बंदूक से सगीर की हत्या कर दी। इस बंदूक को सोमवार को पुलिस ने दुकानों के ऊपर बने उसी कमरे से बरामद किया जहां दोनों कांस्टेबल रात को सोए थे। बताया जाता है कि दोनों सिपाही रात में गश्त करने निकलने के दौरान थकान होने पर सोनू के घर ही सोते थे और घर के अंदर हत्या हो जाने के बाद खामोश रहने पर उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
परिवार वाले जब हत्या के सुबूत ढूंढ लाए तब जागे पुलिस वाले
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के भतीजे शहीद अहमद व उनके साथी कारोबारी ने बताया कि लापता सगीर को ढूंढते हुए वे मेथी नवदिया पहुंचे। सगीर से पूछताछ की तो उसकी बातों से शक हुआ। उसकी दुकान पर ही खड़ी सफारी गाड़ी में खून लगा था। इसके बाद गली में खून का लोथड़ा मिला और सगीर की चप्पल मिली। शहीद का कहना है कि जब वह थाना गए तो कांस्टेबल बोले कि रविवार को वह उनके साथ ही सोया था, उसने हत्या नहीं की है। इसके बाद सगीर के एक फोटो को दिखाया गया जिसमें उसने वैसी ही चप्पलेें पहनी थीं। भतीजे का कहना है कि इसके बाद अचानक एसओ का बयान आया कि सोनू ने हत्या कुबूल कर ली है। भतीजे ने डीआईजी को दरख्वास्त देकर केस पीलीभीत जिले में ट्रांसफर कराने की मांग की है। दूसरी ओर, पूरनपुर शव ले जाकर मृतक के परिवार वालों ने थाना जाकर हंगामा किया और न्याय की मांग की।
विज्ञापन
युवा वाहिनी का सदस्य रह चुका है हत्यारोपी
सोनू ने लाश ठिकाने लगाने के लिए जिस सफारी गाड़ी का इस्तेमाल किया, उस पर ‘जिला उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, बुलंदशहर’ लिखा था और सपा का झंडा लगा हुआ था। एसओ ने बताया है कि बरामद की गई गाड़ी सोनू के ही नाम पर है। साथ ही जानकारी दी कि वह बुलंदशहर में सपा की युवा वाहिनी में कार्यकर्ता था। दो साल पहले उसे वहां से निकाल दिया था। हालांकि वह पार्टी का झंडा लगाकर इलाके में अपनी धांक जमाना चाहता था।
कांस्टेबल राजीव और मुनीष मिश्रा रविवार देर रात गस्त के बाद सोनू की दुकान के ऊपर बने कमरे में जाकर सोए, लेकिन दोनों घटना से अंजान थे। किसी के घर सोने का मतलब यह नहीं कि हत्यारोपी को संरक्षण दे दिया। जैसे ही गुमशुदगी की तहरीर मिली। तुरंत कार्रवाई की।
- राकेश कुमार यादव ,एसओ क्योलड़िया
हलका कांस्टेबल अगर डयूटी के समय किसी के घर सो रहे हैं, तो यह गंभीर स्थिति है। सोनू के घर में सिपाहियों के घटना की रात सोने की बात मेरी जानकारी में नहीं है। ऐसा हुआ तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - जमुना प्रसाद, एसपी ग्रामीण