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कच्ची शराब बनाने वालों ने पुलिस को खदेड़ा, पथराव
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 08 Sep 2016 01:47 AM IST
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रामनगर। सिरौली थाने के गांव मदकरा में बुधवार शाम कच्ची शराब की तलाश में दबिश देने गई पुलिस टीम पर पथराव करके ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। इस दौरान फायरिंग होने की भी सूचना है। हालांकि पुलिस फायरिंग से इनकार कर रही है। ग्रामीणों ने एसएसपी को फोन करके घटना की जानकारी दी। बुधवार शाम हल्का के दो दरोगाओं के नेतृत्व में चार पुलिसकर्मी मदकरा में शराब बनाने वालों पर कार्रवाई करने पहुंचे। पुलिस ने गांव में दान सिंह, भगवानदास, चोखे, भूरा, भल्लू, और पूरन के घरों में कच्ची शराब की तलाश में छापामारी की। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर कई बंद घरों के ताले तोड़कर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया। कुछ लोगों को पकड़कर पीटने का भी आरोप लगाते हुए एसएसपी से फोन करके शिकायत की। बताते हैं कि गांव की महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस टीम को भूरा के घर की एक गली में घेर लिया और उन पर पथराव कर दिया। पुलिस ने खुद को घिरता देख पुलिस ने हवाई फायरिंग भी की। इससे ग्रामीणाें में भगदड़ मच गई। फिर पुलिस स्टाफ ने खेतों की ओर दौड़ लगा दी, ग्रामीणों ने पथराव कर पुलिस टीम को दूर तक खदेड़ दिया। ग्रामीणों के मुताबिक एसएसपी ने उन्हें जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने सीओ आंवला को शिकायती पत्र देने की बात भी की है। प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि कच्ची शराब की शिकायत मिलने पर पुलिस मदकरा गांव गई थी। जिन लोगों के यहां पुलिस टीम गई थी। उन्होंने अपने परिवार की महिलाओं के साथ पुलिस टीम का विरोध कर दिया। दबिश के दौरान शराब बनाने का कुछ सामान मिला है।
कच्ची को बदनाम है इलाका
कच्ची शराब बनाने में सिरौली इलाका काफी बदनाम है। दूसरे क्षेत्रों को भी यहां से कच्ची शराब सप्लाई होती है। कई गांवों में कच्ची शराब खुलेआम बनाई जाती है जिसकी जानकारी पुलिस और आबकारी विभाग को भी रहती है। कुछ गांवों में तो पुलिस संरक्षण में ही शराब बिकती भी है। मदकरा गांव भी कच्ची शराब के लिए बदनाम है। गांव के एक दर्जन से अधिक घरों में खुलेआम शराब बिकती है। कई बार गांव में पुलिस छापामारी कर चुकी है मगर कभी कुछ हाथ नहीं आया। खीज मिटाने को पुलिस घरों में नुकसान कर चली जाती है।
पुलिस टीम कच्ची शराब की सूचना पर मदकरा गांव गई थी। किसी के यहां कोई तोड़फोड़ नहीं की गई है। यदि कोई शिकायत आती है तो घटना की पूरी जांच कराकर दोषी पक्ष पर कार्रवाई कराएंगे।
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- संतोष सिंह, सीओ आंवला
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कच्ची को बदनाम है इलाका
कच्ची शराब बनाने में सिरौली इलाका काफी बदनाम है। दूसरे क्षेत्रों को भी यहां से कच्ची शराब सप्लाई होती है। कई गांवों में कच्ची शराब खुलेआम बनाई जाती है जिसकी जानकारी पुलिस और आबकारी विभाग को भी रहती है। कुछ गांवों में तो पुलिस संरक्षण में ही शराब बिकती भी है। मदकरा गांव भी कच्ची शराब के लिए बदनाम है। गांव के एक दर्जन से अधिक घरों में खुलेआम शराब बिकती है। कई बार गांव में पुलिस छापामारी कर चुकी है मगर कभी कुछ हाथ नहीं आया। खीज मिटाने को पुलिस घरों में नुकसान कर चली जाती है।
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पुलिस टीम कच्ची शराब की सूचना पर मदकरा गांव गई थी। किसी के यहां कोई तोड़फोड़ नहीं की गई है। यदि कोई शिकायत आती है तो घटना की पूरी जांच कराकर दोषी पक्ष पर कार्रवाई कराएंगे।
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- संतोष सिंह, सीओ आंवला