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थानों में नहीं चलेगा पेट्रोल का खेल
बरेली।
Updated Wed, 03 May 2017 01:23 AM IST
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पेट्रोल पंप
- फोटो : Axis
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अब थानों की गाड़ियों को स्वैप कार्ड से डीजल पेट्रोल मिलेगा। यूपी 100 की तर्ज पर थानों की गाड़ियों के लिए भी पुलिस महकमा में एक्स्ट्रा फीड कार्ड सेवा शुरू की जा रही है। आईजी विजय प्रकाश के मुताबिक 28 मई तक जोन में व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
पुलिस महकमे ने इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ अनुबंध किया है। कार्ड के इस्तेमाल के लिए 3 मई को थानों के ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। थाने के ड्राइवर स्वैप कार्ड के जरिये सीधे पेट्रोल पंप से ईंधन ले सकेंगे। इस कवयाद से ईंधन महकमे को करीब 80 पैसा सस्ता मिलेगा।
पेट्रोल लेने की यह है मौजूदा व्यवस्था
शहर के थानोें में अटैच हर गाड़ी का 200 लीटर का सरकारी कोटा होता है। थानों की गाड़ी के लिए कोटे का पेट्रोल डीजल लेने के दो तरीके चल रहे हैं। शहर के कुछ थानों में पुलिस लाइंस के पेट्रोल पंप से पेट्रोल लिया जाता है। कई थाने पेट्रोल पंप के मालिकों से पर्ची सिस्टम के तहत ईंधन लेते हैं। थाने के इंस्पेक्टर दो से तीन महीनों का ब्यौरा बनाकर पुलिस ऑफिस से अनुमोदित करवाकर भुगतान करवाते हैं। अगर थाने की गाड़ी में 200 लीटर से ज्यादा की खपत आती है तो थाना खर्च वहन करता है। देहात के थानों के लिए प्रति गाड़ी कोटा 150 लीटर का है। जनपद के 29 थानों में थानेदार और रक्षक की करीब 59 गाड़ियां चल रही हैं।
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तेल के खेल में लगती है चपत
सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइंस के पेट्रोल पंप से गाड़ी में तेल भरवाने के बाद बाहर कम रेट पर बेचने के मामले सामने आए हैं। वहीं अधिकारियों के अनुसार थानों में चलने वाले पर्ची सिस्टम में भी सेटिंग होती थी। गाड़ी का मूवमेंट दिखाकर पेट्रोल डीजल इश्यू करवा लिया जाता था, लेकिन हकीकत में पर्ची में खेल किया जाता था। जिसके सामने आने के बाद अब महकमा हाईटेक सिस्टम को अपना रहा है।
थाने का कोटा---
शहर के थाने - 200 लीटर
देहात के थाने - 150 लीटर
अब थानों में तेल के नाम पर खेल संभव नहीं होगा। एक्स्ट्रा फीड कार्ड सुविधा शुरू हो रही है। प्रशिक्षण के पहले चरण में 25 फीसदी थानों के ड्राइवर को बुलाया गया है।
-विजय प्रकाश, आईजी
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पुलिस महकमे ने इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ अनुबंध किया है। कार्ड के इस्तेमाल के लिए 3 मई को थानों के ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। थाने के ड्राइवर स्वैप कार्ड के जरिये सीधे पेट्रोल पंप से ईंधन ले सकेंगे। इस कवयाद से ईंधन महकमे को करीब 80 पैसा सस्ता मिलेगा।
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पेट्रोल लेने की यह है मौजूदा व्यवस्था
शहर के थानोें में अटैच हर गाड़ी का 200 लीटर का सरकारी कोटा होता है। थानों की गाड़ी के लिए कोटे का पेट्रोल डीजल लेने के दो तरीके चल रहे हैं। शहर के कुछ थानों में पुलिस लाइंस के पेट्रोल पंप से पेट्रोल लिया जाता है। कई थाने पेट्रोल पंप के मालिकों से पर्ची सिस्टम के तहत ईंधन लेते हैं। थाने के इंस्पेक्टर दो से तीन महीनों का ब्यौरा बनाकर पुलिस ऑफिस से अनुमोदित करवाकर भुगतान करवाते हैं। अगर थाने की गाड़ी में 200 लीटर से ज्यादा की खपत आती है तो थाना खर्च वहन करता है। देहात के थानों के लिए प्रति गाड़ी कोटा 150 लीटर का है। जनपद के 29 थानों में थानेदार और रक्षक की करीब 59 गाड़ियां चल रही हैं।
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तेल के खेल में लगती है चपत
सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइंस के पेट्रोल पंप से गाड़ी में तेल भरवाने के बाद बाहर कम रेट पर बेचने के मामले सामने आए हैं। वहीं अधिकारियों के अनुसार थानों में चलने वाले पर्ची सिस्टम में भी सेटिंग होती थी। गाड़ी का मूवमेंट दिखाकर पेट्रोल डीजल इश्यू करवा लिया जाता था, लेकिन हकीकत में पर्ची में खेल किया जाता था। जिसके सामने आने के बाद अब महकमा हाईटेक सिस्टम को अपना रहा है।
थाने का कोटा---
शहर के थाने - 200 लीटर
देहात के थाने - 150 लीटर
अब थानों में तेल के नाम पर खेल संभव नहीं होगा। एक्स्ट्रा फीड कार्ड सुविधा शुरू हो रही है। प्रशिक्षण के पहले चरण में 25 फीसदी थानों के ड्राइवर को बुलाया गया है।
-विजय प्रकाश, आईजी