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तो भूमाफिया नकटिया नदी को पी जाएंगे!
बरेली।
Updated Sat, 25 Feb 2017 01:20 AM IST
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P Nktia river will then land mafia!
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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नहर पाट कर ग्रीन पार्क कालोनी तो बस ही गई, इसे कोई नहीं रोक सका। मुद्दा उठा एक बार कालोनी उजाड़ने की नौबत आ गई थी लेकिन कालोनाइजर की पैरवी से स्थिति संभल गई। पिछले साल ही एक बिल्डर ने नकटिया पर कब्जा कर मकान बेचे तो वह भी इस दलीली पर बचा हुआ है कि गरीबों को सस्ते में मकान दे रहा है। बीडीए के अभियंता नक्शे बेच रहे हैं और लेखपाल सरकारी जमीन और सारे कायदे। अब दूसरे भूमाफिया ने नकटिया नदी को पाटना शुरू कर दिया गया है। बीसलपुर रोड हरुनगला का पुल पार करते ही दोनों ओर तेजी से काम चल रहा है। एक तरफ बाउंड्री बन गई है, जबकि दूसरी तरफ प्लाटिंग हो रही है। नगर निगम की गाड़ियां कूड़ा भरकर यहां डंप कर रहीं हैं ताकि इसे पाटा जा सके। यानी बड़े लोग इस खेल में शामिल हैं। इस नदी के किनारे पालेज बोने वाले किसानों ने शहर के पैसों वालों से नदी के जमीन के भी सौदे कर लिये। खरीदने वालों ने नदी से करीब दो मीटर दूरी पर काम शुरू कर दिया है। जाहिर है अगर बारिश हुई तो निर्माण डूबेगा, लेकिन फिर भी काम जारी है। जमीन खरीदने वालों में एक सर्राफ शिवेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने जमीन खरीदने से पहले काफी तफ्तीश की है, नक्शे देखे और लेखपालों से जांच भी करवाई है। यानी यहां सरकारी अमला भी नदी बेचने में शामिल है। सर्दियों के दिन हैं नदी में वैसे ही पानी बहुत कम है अब उस पानी से दो मीटर की दूरी पर किसकी जमीन हो सकती है?
ग्रीन पार्क से आधा किलोमीटर दूर नकटिया के ऊपर बने हरुनगला- बीसलपुर रोड पुल के दायेें और बायें तरफ तेजी से काम चल रहा है। शिवरात्रि को छुट्टी होने के चलते काम बंद था। यहां नदी के किनारे काफी दूर तक बाउंड्री बना दी गई है, पिलर भी खड़े हो रहे हैं। एक बड़ा सा कमरा बनाया गया है और गेट लगा है। आसपास के लोगाें ने बताया कि यहां रोज नगर निगम की कूड़ा गाड़ी आती है और कूड़ा डंप करती है। इससे पटाई चल रही है। नदी का कुछ हिस्सा ही बाउंड्री में छोड़ा गया है। यहां काम करवा रहे शिव ज्वैलर्स के शिवेंद्र कुमार ने बताया कि 2910 मीटर की जमीन उन्होंने कथरिया के करीब 14 लोगों से खरीदी है। खसरा नंबर 157 है। यह नदी नहीं है। यह जानने के लिए ही इन्हाेंने पूरे कागज चेक किए और जांच भी करवाई। हरुनगला, क नथरिया के लेखपाल के अलावा एक अधिकारी ने जांच की है, इसकी आवासीय प्लाट में रजिस्ट्री करायी है। पुल के दूसरी तरफ भी तेजी से प्लाटिंग चल रही है। काफी हिस्सा नदी का पाटा जा चुका है।
बीसलपुर रोड होनी है फोर लेन
बीसलपुर रोड फोर लेन के लिए प्रस्तावित है। पुल भी चौड़ा किया जाएगा। इस दौरान आसपास कई घराें को तोड़ने की भी योजना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने जमीन का चिह्नीकरण भी कर लिया है। बाउंड्री की जमीन भी फोर लेन में आ रही है। जमीन खरीदने वाले शिवेंद्र का कहना है कि अगर फोर लेन सड़क होती है उनकी जमीन का कुछ हिस्सा इसमें चला जाएगा जिसके लिए उन्हें मुआवजा मिलेगा।
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बिजली विभाग के लिए भी खतरे की घंटी
प्लाटिंग और बाउंड्री की शिकायत बिजली विभाग भी पुलिस और प्रशासन से कर चुका है लेकिन इस संबंध में कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ी। बिजली विभाग के अधिकारियों की ओर से भेजे गए शिकायत में कहा है कि नदी को पाटा जा रहा है जिससे कटान बढ़ रही है। पास में बिजली घर को खतरा पैदा हो गया है। यहां बिजली के हाइटेंशन लाइन भी खतरे में हैं।
सरकारी कागज में यह नदी नहीं नाला दर्ज है। 157 खसरा नंबर मेरा है। 158 शायद नाले में है और 159 किसी और का है। 2910 मीटर यानी करीब साढ़े 4 बीघा जमीन का आवासीय प्लाट में रजिस्ट्री काफी जांच करवाने के बाद कराया है।
शिवेंद्र कुमार, बाउंड्री करवाने वाले मालिक
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ग्रीन पार्क से आधा किलोमीटर दूर नकटिया के ऊपर बने हरुनगला- बीसलपुर रोड पुल के दायेें और बायें तरफ तेजी से काम चल रहा है। शिवरात्रि को छुट्टी होने के चलते काम बंद था। यहां नदी के किनारे काफी दूर तक बाउंड्री बना दी गई है, पिलर भी खड़े हो रहे हैं। एक बड़ा सा कमरा बनाया गया है और गेट लगा है। आसपास के लोगाें ने बताया कि यहां रोज नगर निगम की कूड़ा गाड़ी आती है और कूड़ा डंप करती है। इससे पटाई चल रही है। नदी का कुछ हिस्सा ही बाउंड्री में छोड़ा गया है। यहां काम करवा रहे शिव ज्वैलर्स के शिवेंद्र कुमार ने बताया कि 2910 मीटर की जमीन उन्होंने कथरिया के करीब 14 लोगों से खरीदी है। खसरा नंबर 157 है। यह नदी नहीं है। यह जानने के लिए ही इन्हाेंने पूरे कागज चेक किए और जांच भी करवाई। हरुनगला, क नथरिया के लेखपाल के अलावा एक अधिकारी ने जांच की है, इसकी आवासीय प्लाट में रजिस्ट्री करायी है। पुल के दूसरी तरफ भी तेजी से प्लाटिंग चल रही है। काफी हिस्सा नदी का पाटा जा चुका है।
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बीसलपुर रोड होनी है फोर लेन
बीसलपुर रोड फोर लेन के लिए प्रस्तावित है। पुल भी चौड़ा किया जाएगा। इस दौरान आसपास कई घराें को तोड़ने की भी योजना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने जमीन का चिह्नीकरण भी कर लिया है। बाउंड्री की जमीन भी फोर लेन में आ रही है। जमीन खरीदने वाले शिवेंद्र का कहना है कि अगर फोर लेन सड़क होती है उनकी जमीन का कुछ हिस्सा इसमें चला जाएगा जिसके लिए उन्हें मुआवजा मिलेगा।
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बिजली विभाग के लिए भी खतरे की घंटी
प्लाटिंग और बाउंड्री की शिकायत बिजली विभाग भी पुलिस और प्रशासन से कर चुका है लेकिन इस संबंध में कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ी। बिजली विभाग के अधिकारियों की ओर से भेजे गए शिकायत में कहा है कि नदी को पाटा जा रहा है जिससे कटान बढ़ रही है। पास में बिजली घर को खतरा पैदा हो गया है। यहां बिजली के हाइटेंशन लाइन भी खतरे में हैं।
सरकारी कागज में यह नदी नहीं नाला दर्ज है। 157 खसरा नंबर मेरा है। 158 शायद नाले में है और 159 किसी और का है। 2910 मीटर यानी करीब साढ़े 4 बीघा जमीन का आवासीय प्लाट में रजिस्ट्री काफी जांच करवाने के बाद कराया है।
शिवेंद्र कुमार, बाउंड्री करवाने वाले मालिक