फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   other

दोनों मसलक बैठ कर मसला निपटाने को गंभीर नहीं

Tue, 02 Jun 2015 01:21 AM IST
बरेली
बरेली Updated Tue, 02 Jun 2015 01:21 AM IST
विज्ञापन

 कुतुबखाना मस्जिद के विवाद का आम सहमति से निस्तारण कराने में  बरेलवी और देवबंदी, दोनों में से कोई भी गंभीर प्रयास करते नजर नहीं आ रहे हैं। डीएम ने शनिवार को दरगाह के समर्थकों की ओर से कोतवाली का घेराव के बाद आदेश को पलट दिया था। आगे मामले के निस्तारण के लिए एडीएम (प्रशासन) की अध्यक्षता में कमेटी भी बनाई गई थी लेकिन अब तक इस कमेटी के सामने किसी ने भी अपना पक्ष नहीं रखा है। बरेलवियों की तरफ से बयान जारी कर सियासी दबाव बनाने की कोशिशें जरूर हुई हैं। बरेलवी दिल्ली में धरने की बात कर रहे हैं तो देवबंदी सीएम से मिलने की।

विज्ञापन

इससे पहले डीएम के स्तर से मोअज्जिन को नमाज पढ़ाने के लिए अधिकृत किए जाने का आदेश हुआ था। इस आदेश के खिलाफ दरगाह के समर्थकों ने कोतवाली का घिराव किया और दबाव बनाकर उस आदेश को पटलवा दिया था।
विज्ञापन

अब तक  ये प्रमाण पेश किए
उस समय डीएम के सामन बरेलवी मसलक व अंजुमन इस्लामिया ने 1917 में हाजी मुहम्मद कासिम की ओर से किए गए वक्फ के कागज पेश किए।  इसके अलावा पुराने इमाम की बर्खास्तगी और नए इमाम की तैनाती का प्रमाण भी प्रशासन को सौंपा था। ये प्रमाण अंजुमन इस्लामिया के सचिव हुमायूं रियासत ने दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

देवबंदियों की ओर  सराय खाम के मदरसा इशातुल उलूम की ओर से भेजे गए इमाम और मोअज्जिन को बड़े प्रमाण के तौर रखा गया गया है। मदरसा अरबिया काशीफुल उलूम की ओर से भेजे गए इमाम और मोअज्जिन के कागज भी उन्होंने प्रशासन को दिए हैं। इनके अलावा नमाजियों की ओर से शपथपत्र भी दिए हैं। मस्जिद के पास ही रहने वाले महफूस अली की पत्नी की ओर से भी एक शपथपत्र दिया गया है। जिसमें उन्होंने मस्जिद अपने नाना की होने का दावा किया है। इसके अलावा मस्जिद निर्माण कराने वाले चार लोगों के नाम भी दिए गए हैं, जो कि सभी देवदंबी मसलक के है।


‘दोनों पक्ष विवाद निस्तारण को आम सहमति के लिए कमेटी के सामने अपना पक्ष रखें, तभी इस मामले के निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी’ । अरुण कुमार एडीएम (प्रशासन)
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed