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आदेश और ममता की शादी बिरादरी आ गई आड़े
बरेली
Updated Wed, 08 Nov 2017 02:38 AM IST
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जिस बेटे की पढ़ाई के लिए रवींद्र यादव अपना बड़ा घर बनवाए बगैर पूरे परिवार के साथ एक कमरे के छोटे से मकान में रहते रहे, उसने अपने प्रेम की खातिर अपनी जिंदगी ही खत्म कर ली। आदेश की मौत के बाद पूरे परिवार के सपने बिखरकर रह गए हैं।
दूध की डेयरी चलाने वाले आदेश को उसके पिता रवींद्र मेडिकल कोर्स करा रहे थे। उसके तीन साल के मेडिकल कोर्स की फीस आठ लाख रुपये थी जिसमें से रवींद्र ने कुछ ही समय पहले पांच लाख रुपये जमा किए थे। बेटे की पढ़ाई के चक्कर में उनके मकान का निर्माण भी रुक गया था। पूरा परिवार आदेश का करियर बनाने के लिए एक ही कमरे में गुजर-बसर कर रहा था, लेकिन प्रेम संबंधों के आगे आदेश ने परिवार वालों के त्याग को नहीं समझा।
आदेश पहले भी दो बार ममता को अपने परिवार से मिला चुका था, लेकिन उन्हें शादी के लिए नहीं मना पाया था। 6 नंवबर को पुलिस भी उसके घर रसुइया पहुंची थी। इसके बाद आदेश के परिवार वाले कटरा चांद खां पहुंचे जहां ममता के घरवालों से उनकी कहासुनी हुई थी। सूत्र बताते है कि सोमवार शाम आदेश ममता को लेकर घर पहुंचा, लेकिन परिवार वालों ने यह कहकर आपत्ति की अनुसूचित जाति की लड़की से उसकी शादी की तो बिरादरी में उनका हुक्का-पानी बंद हो जाएगा। शाम आठ बजे तक आदेश की परिवार वालों में कहासुनी होती रही। आदेश और ममता के बहुत मिन्नतें करने के बाद भी परिवार वाले नहीं माने तो आदेश ममता को लेकर बिना जूते-चप्पल पहने निकल गया था। ममता अपने घर वापस जाने की स्थिति में नहीं थी, आदेश के परिवार वाले भी उसे रखने को तैयार नहीं थे। आखिर दोनों ने खुदकुशी को ही अपनी मंजिल मान लिया।
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दूध की डेयरी चलाने वाले आदेश को उसके पिता रवींद्र मेडिकल कोर्स करा रहे थे। उसके तीन साल के मेडिकल कोर्स की फीस आठ लाख रुपये थी जिसमें से रवींद्र ने कुछ ही समय पहले पांच लाख रुपये जमा किए थे। बेटे की पढ़ाई के चक्कर में उनके मकान का निर्माण भी रुक गया था। पूरा परिवार आदेश का करियर बनाने के लिए एक ही कमरे में गुजर-बसर कर रहा था, लेकिन प्रेम संबंधों के आगे आदेश ने परिवार वालों के त्याग को नहीं समझा।
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आदेश पहले भी दो बार ममता को अपने परिवार से मिला चुका था, लेकिन उन्हें शादी के लिए नहीं मना पाया था। 6 नंवबर को पुलिस भी उसके घर रसुइया पहुंची थी। इसके बाद आदेश के परिवार वाले कटरा चांद खां पहुंचे जहां ममता के घरवालों से उनकी कहासुनी हुई थी। सूत्र बताते है कि सोमवार शाम आदेश ममता को लेकर घर पहुंचा, लेकिन परिवार वालों ने यह कहकर आपत्ति की अनुसूचित जाति की लड़की से उसकी शादी की तो बिरादरी में उनका हुक्का-पानी बंद हो जाएगा। शाम आठ बजे तक आदेश की परिवार वालों में कहासुनी होती रही। आदेश और ममता के बहुत मिन्नतें करने के बाद भी परिवार वाले नहीं माने तो आदेश ममता को लेकर बिना जूते-चप्पल पहने निकल गया था। ममता अपने घर वापस जाने की स्थिति में नहीं थी, आदेश के परिवार वाले भी उसे रखने को तैयार नहीं थे। आखिर दोनों ने खुदकुशी को ही अपनी मंजिल मान लिया।
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