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अब सीबीगंज में इमाम के घर डाका
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 10 May 2016 01:34 AM IST
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डाका
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रामपुर बाग, शीशगढ़ के बाद अब सीबीगंज में डकैतों का कहर बरपा। आधी रात के बाद सीबीगंज के जन्नतनगर(बिधौलिया) में नकाबपोश डकैतों ने इमाम जुल्फिकार हुसैन के घर धावा बोलकर तीन लाख रुपये का माल लूट ले गए। विरोध करने पर इमाम और उनके पिता पर चाकू से हमला कर दिया। इमाम ने बताया कि कुछ डकैतों की बोलचाल मुरादाबादी लग रही थी। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद डकैतों की तलाश करनी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक डकैतों का कोेई सुराग नहीं मिल पाया है।
रविवार की रात करीब एक बजे डकैतों ने इमाम के घर के पिछले दरवाजे के पास दीवार की ईंटें निकालकर दरवाजा खोल लिया और अंदर घुस आए। चार डकैत अंदर आए और छह बाहर खड़े रहे। डकैतों ने जैसे ही इमाम और उनके पिता जमील अहमद ने आहट सुनी तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। पहले तो डकैतों ने उन्हें पुलिस बताकर चुप रहने की हिदायत दी, लेकिन वह नहीं मानें तो पिता-पुत्र पर चाकू से हमला करके जख्मी करने के बाद बंधक बना लिया। बेड की चादर से पिता-पुत्र के हाथ बांधे। इसके बाद डकैतों ने मनमानी करनी शुरू कर दी। वह इमाम के घर से सोने की चूड़ी, कानों से कुंडल, गले का लॉकेट, चेन, पेंडेंट के अलावा 35 हजार रुपये की नकदी अलमारी से चोरी कर ले गए। घटना से समय घर में इमाम के अलावा उनके पिता और चौदह साल की बेटी सना ही थे। इमाम की पत्नी और बाकी बच्चे रिश्तेदारी में गए हुए थे। घटना की जानकारी होने पर सुबह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। इस दौरान पता लगा कि जुल्फिकार हुसैन शहर के किला इलाके की खैरु ल्ला गली की मस्जिद में इमामत करते हैं। मौलाना तौकीर रजा खां के मदरसा दारुल उलूम मंजरे इस्लाम में शिक्षक हैं। घटना की सूचना मिलने पर बसपा नेता अनीस इंजीनियर ने भी इमाम के घर जाकर परिवार के लोगों को ढांढस बंधाया। उधर, पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद डकैतों की तलाश शुरू कर दी है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि बदमाशों के बारे में पता कराया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि इमाम के घर में किन-किन लोगों का आना-जाना है। इमाम को ही चोट लगी है। पिता को मामूली चोट लगी है।
डकैत बोला, बेटी की खोपड़ी उड़ा दूंगा
डकैतों को यह अंदाजा ही नहीं था कि इमाम घर पर हैं। इसके पीछे वजह यह थी कि इमाम की ससुराल में शादी का कार्यक्रम था। डकैतों को उम्मीद थी कि इमाम भी परिवार के साथ वहीं गए होंगे। उनके पिता कम सुनते हैं, वही घर पर हो सकते हैं। इसीलिए डकैतों ने इमाम के घर को निशाना बनाया। इमाम ने विरोध करने की कोशिश की तो डकैतों ने बेटी के सिर पर तमंचा सटा दिया। कहने लगे ज्यादा बोलेगा तो बेटी की खोपड़ी उड़ा दूंगा। बेटी की जान को खतरा देख इमाम ने अलमारी की चाबी फौरन ही डकैतों को सौंप दी।
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फील्ड यूनिट की टीम ने 8 फिंगर प्रिंट लिए
-फील्ड यूनिट की टीम भी डकैती की सूचना मिलने पर सीबीगंज पहुंच गई। डकैतों ने इमाम के घर फ्रिज में रखी पेप्सी की बोतल सबसे पहले पी थी। टीम ने उस बोतल से फिंगर प्रिंट लिए। इसके अलावा अलमारी और डिब्बों से भी फिंगर प्रिंट लिए गए। टीम ने कुल आठ फिंगर प्रिंट लिए हैं। डॉग स्क्वायड ने भी घटना स्थल का मुआयना किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया।
मोबाइल तो घर के बाहर ही मिल गए
-डकैतों ने लूटपाट के इमाम के घर से तीन मोबाइल लूट लिए थे। इनमें से दो मोबाइल घर से बाहर ही कुछ दूरी पर मिल गए। डकैत उनका एक मोबाइल अपने साथ ले गए हैं। वही मोबाइल घटना के खुलासे में कारगर साबित हो सकता है।
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रविवार की रात करीब एक बजे डकैतों ने इमाम के घर के पिछले दरवाजे के पास दीवार की ईंटें निकालकर दरवाजा खोल लिया और अंदर घुस आए। चार डकैत अंदर आए और छह बाहर खड़े रहे। डकैतों ने जैसे ही इमाम और उनके पिता जमील अहमद ने आहट सुनी तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। पहले तो डकैतों ने उन्हें पुलिस बताकर चुप रहने की हिदायत दी, लेकिन वह नहीं मानें तो पिता-पुत्र पर चाकू से हमला करके जख्मी करने के बाद बंधक बना लिया। बेड की चादर से पिता-पुत्र के हाथ बांधे। इसके बाद डकैतों ने मनमानी करनी शुरू कर दी। वह इमाम के घर से सोने की चूड़ी, कानों से कुंडल, गले का लॉकेट, चेन, पेंडेंट के अलावा 35 हजार रुपये की नकदी अलमारी से चोरी कर ले गए। घटना से समय घर में इमाम के अलावा उनके पिता और चौदह साल की बेटी सना ही थे। इमाम की पत्नी और बाकी बच्चे रिश्तेदारी में गए हुए थे। घटना की जानकारी होने पर सुबह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। इस दौरान पता लगा कि जुल्फिकार हुसैन शहर के किला इलाके की खैरु ल्ला गली की मस्जिद में इमामत करते हैं। मौलाना तौकीर रजा खां के मदरसा दारुल उलूम मंजरे इस्लाम में शिक्षक हैं। घटना की सूचना मिलने पर बसपा नेता अनीस इंजीनियर ने भी इमाम के घर जाकर परिवार के लोगों को ढांढस बंधाया। उधर, पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद डकैतों की तलाश शुरू कर दी है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि बदमाशों के बारे में पता कराया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि इमाम के घर में किन-किन लोगों का आना-जाना है। इमाम को ही चोट लगी है। पिता को मामूली चोट लगी है।
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डकैत बोला, बेटी की खोपड़ी उड़ा दूंगा
डकैतों को यह अंदाजा ही नहीं था कि इमाम घर पर हैं। इसके पीछे वजह यह थी कि इमाम की ससुराल में शादी का कार्यक्रम था। डकैतों को उम्मीद थी कि इमाम भी परिवार के साथ वहीं गए होंगे। उनके पिता कम सुनते हैं, वही घर पर हो सकते हैं। इसीलिए डकैतों ने इमाम के घर को निशाना बनाया। इमाम ने विरोध करने की कोशिश की तो डकैतों ने बेटी के सिर पर तमंचा सटा दिया। कहने लगे ज्यादा बोलेगा तो बेटी की खोपड़ी उड़ा दूंगा। बेटी की जान को खतरा देख इमाम ने अलमारी की चाबी फौरन ही डकैतों को सौंप दी।
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फील्ड यूनिट की टीम ने 8 फिंगर प्रिंट लिए
-फील्ड यूनिट की टीम भी डकैती की सूचना मिलने पर सीबीगंज पहुंच गई। डकैतों ने इमाम के घर फ्रिज में रखी पेप्सी की बोतल सबसे पहले पी थी। टीम ने उस बोतल से फिंगर प्रिंट लिए। इसके अलावा अलमारी और डिब्बों से भी फिंगर प्रिंट लिए गए। टीम ने कुल आठ फिंगर प्रिंट लिए हैं। डॉग स्क्वायड ने भी घटना स्थल का मुआयना किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया।
मोबाइल तो घर के बाहर ही मिल गए
-डकैतों ने लूटपाट के इमाम के घर से तीन मोबाइल लूट लिए थे। इनमें से दो मोबाइल घर से बाहर ही कुछ दूरी पर मिल गए। डकैत उनका एक मोबाइल अपने साथ ले गए हैं। वही मोबाइल घटना के खुलासे में कारगर साबित हो सकता है।