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अब कोरियर वाहन में पशु तस्करी

Sun, 19 Jun 2016 12:27 AM IST
ब्ययूराो,अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो,अमर उजाला बरेली। Updated Sun, 19 Jun 2016 12:27 AM IST
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Now couriers vehicle animal smuggling
पश्‍ाु
गाय बैलों को स्लाटर हाउसों में पहुंचाने के लिए पशु तस्कर रोजाना नए तरीके निकाल रहे हैं। अभी तक लग्जरी गाड़ियों में गाय बैलों को ले जाने वाले तस्कर अब कोरियर की गाड़ियों का इस्तेमाल पशुओं को ले जाने में करने लगे हैं। एआरटीओ की चेकिंग के दौरान हाफिजगंज में कोरियर की गाड़ी में गाय बैल मिले। तस्कर गाड़ी छोड़कर भाग गए। एआरटीओ ने पुलिस बुलाकर कोरियर की गाड़ी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस कह रही है तस्करों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की लेकिन वह हत्थे नहीं लगेे।
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शनिवार को सुबह पीलीभीत की तरफ से बंद कोरियर गाड़ी संख्या डीएल-1एल- 4912 में आ रही थी। एआरटीओ परेश यादव अपनी टीम के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। काढ़ू पुल के पास एआरटीओ ने कोरियर गाड़ी को रुकने का इशारा किया तो उसमें दो लोग कूदकर खेतों की ओर भागने लगे। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने भी भाग रहे तस्करों को पकड़ने के लिए उनका पीछा किया लेकिन वे हत्थे नहीं चढे़। पुलिस कोरियर गाड़ी थाने पर ले आयी। उसमें अंदर बंद पशुओं को रस्सी काटकर बाहर निकाला गया। बंद गाड़ी में छह गाय और दो बैल बरामद हुए। इनकी हालत बहुत नाजुक थी। पुलिस ने चिकित्सकों को बुलाकर उनका उपचार कराया।  अज्ञात तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। कोरियर गाड़ी किसी फर्जी कंपनी के नाम से पशु तस्करी में इस्तेमाल हो रही थी। पुलिस ने बंद गाड़ी में बरामद पशुओं को गांव वालों और अपने स्टाफ को सुपुर्दगी में दे दिए। एसओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कोरियर वाहन में कोई अभिलेख बरामद नहीं हुए हैं। गाड़ी मालिक की तलाश की जा रही है। 
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मुंशी पास कराता है तस्करों की गाड़ियां    
हाफिजगंज। स्थानीय लोगों का कहना है कि तस्करी में स्थानीय थाने की पुलिस खुद शामिल है। थाने का एक मुंशी तस्करों से मिला है। उसने हाफिजगंज बाईपास पर प्रतिबंधित पशुओं को ले जाने वाली लग्जरी या अन्य गाड़ियों को पास कराने का ठेका ले रखा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा है। थाने की पुलिस भी तस्करी के खेल में शामिल है। पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल गाड़ियां पकड़ लेती है। तस्करों को जानबूझकर फरार करा दिया जाता है। भाजपा नेता भुजेंद्र गंगवार के माध्यम से दर्जनों ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस पर इस तरह के आरोप लगाते हुए केन्द्रीय मंत्री संतोष गंगवार से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
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ऐसे खुली पोल
दरअसल एआरटीओ जब चेकिंग कर रहे थे तो अपनी गाड़ी कोरियर कंपनी की गाड़ी के आगे लगा दी थी। चेकिंग देखकर तस्कर भाग गए तो अपने सिपाही से एआरटीओ ने गाड़ी का वजन धर्मकांटा पर कराने को कहा। जब वजन के लिए कांटे पर चढ़ाया गया तो गाड़ी से खटपट की आवाज आने लगी। खोलने पर पता चला कि पशु थे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना देने के साथ गाड़ी को थाने में ले जाने को कहा। 
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