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पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर नेमचंद को मरवा दिया
बरेली।
Updated Sat, 04 Feb 2017 01:08 AM IST
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Nemchand been killed wife with lover
- फोटो : अमर उजाला
बारादरी के हिस्ट्रीशीटर नेमचंद की हत्या उसकी पत्नी प्रेमवती उर्फ प्रेमा ने अपने प्रेमी विजेद्र सिंह के साथ मिलकर की थी। दोनों के खिलाफ तमाम सुबूत पुलिस ने जुटा लिए हैं। 24 जनवरी को ही विजेंद्र सिंह ने नेमचंद की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को बिचपुरी गांव के पास शिव मंदिर के पीछे खेत में फेंक दिया था। गर्दन और उसका दाहिना हाथ कुत्ते और जंगली जानवर नोंचकर खा गए। पुलिस को घटना के आसपास से सिर और हाथ का कुछ हिस्सा मिला है।
रविवार को थाना कैंट के उमरसिया गांव के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर नेमचंद की सिर विहीन लाश थाना बिथरी चैनपुर के ग्राम बिचपुरी के पास शिव मंदिर के पीछे मिली थी। पुलिस उसी दिन से हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी थी। एसपी सिटी समीर सौरभ खुद मामले में दिलचस्पी ले रहे थे। बृहस्पतिवार को हिस्ट्रीशीटर नेमचंद की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने उनकी पत्नी प्रेमवती उर्फ प्रेमा और उसके प्रेमी सैदूपुर लश्करीगंज गांव के निवासी विजेंद्र सिंह को उठा लिया। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तो सारी हकीकत सामने आ गई। विजेंद्र की पत्नी नहीं थी। उसने संजयनगर में ही नेमचंद के घर के पास किराए का कमरा ले रखा था। विजेंद्र से उसके प्रेम संबंध हो गए थे। इसी को लेकर नेमचंद से उसका विवाद होता रहता था। चौबीस जनवरी को प्लानिंग के तहत विजेंद्र हत्या के इरादे से नेमचंद को अपने साथ बुला ले गया। उसने घटना स्थल के पास ही वीडीए कॉलोनी में बैठकर जमकर दारू पिलाई। इसके बाद उसे खेत में ले जाकर गला दबाकर मार दिया। साथ दिन शव खेत में ही पड़ा रहा। इस दौरान उसके सिर और शरीर के कई हिस्से जंगली जानवर नोंचकर खा गए। प्रभारी निरीक्षक क रन पाल सिंह यादव ने बताया कि प्रेमा और उसके प्रेमी ने ही नेमचंद की हत्या की है। शनिवार को घटना का पूरी तरह से खुलासा करके बताया जाएगा।
सास बोली, बेगुनाह है बहू
नेमचंद की मां ओमवती ने अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष को भेजे पत्र में प्रेमवती उर्फ प्रेमा को बेगुनाह बताया है। उनका कहना है कि प्रेमा अस्पताल में नौकरी करके बच्चों को पाल रही थी। इसी बीच नेमचंद को मार दिया गया। उन्होंने इस मामले में दुर्वेश समेत उसके परिवार के चार लोगों को नामजद किया है। बलात्कार से मुकदमे को लेकर दुर्वेश के परिवार के नेमचंद की रंजिश चल रही थी। पुलिस सियासी दबाव में उनकी बहू को फंसा रही है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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रविवार को थाना कैंट के उमरसिया गांव के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर नेमचंद की सिर विहीन लाश थाना बिथरी चैनपुर के ग्राम बिचपुरी के पास शिव मंदिर के पीछे मिली थी। पुलिस उसी दिन से हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी थी। एसपी सिटी समीर सौरभ खुद मामले में दिलचस्पी ले रहे थे। बृहस्पतिवार को हिस्ट्रीशीटर नेमचंद की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने उनकी पत्नी प्रेमवती उर्फ प्रेमा और उसके प्रेमी सैदूपुर लश्करीगंज गांव के निवासी विजेंद्र सिंह को उठा लिया। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तो सारी हकीकत सामने आ गई। विजेंद्र की पत्नी नहीं थी। उसने संजयनगर में ही नेमचंद के घर के पास किराए का कमरा ले रखा था। विजेंद्र से उसके प्रेम संबंध हो गए थे। इसी को लेकर नेमचंद से उसका विवाद होता रहता था। चौबीस जनवरी को प्लानिंग के तहत विजेंद्र हत्या के इरादे से नेमचंद को अपने साथ बुला ले गया। उसने घटना स्थल के पास ही वीडीए कॉलोनी में बैठकर जमकर दारू पिलाई। इसके बाद उसे खेत में ले जाकर गला दबाकर मार दिया। साथ दिन शव खेत में ही पड़ा रहा। इस दौरान उसके सिर और शरीर के कई हिस्से जंगली जानवर नोंचकर खा गए। प्रभारी निरीक्षक क रन पाल सिंह यादव ने बताया कि प्रेमा और उसके प्रेमी ने ही नेमचंद की हत्या की है। शनिवार को घटना का पूरी तरह से खुलासा करके बताया जाएगा।
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सास बोली, बेगुनाह है बहू
नेमचंद की मां ओमवती ने अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष को भेजे पत्र में प्रेमवती उर्फ प्रेमा को बेगुनाह बताया है। उनका कहना है कि प्रेमा अस्पताल में नौकरी करके बच्चों को पाल रही थी। इसी बीच नेमचंद को मार दिया गया। उन्होंने इस मामले में दुर्वेश समेत उसके परिवार के चार लोगों को नामजद किया है। बलात्कार से मुकदमे को लेकर दुर्वेश के परिवार के नेमचंद की रंजिश चल रही थी। पुलिस सियासी दबाव में उनकी बहू को फंसा रही है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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