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कमरे में एमबीबीएस के छात्र ने लगा ली फांसी
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 13 Jul 2016 01:40 AM IST
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यश खटवानी
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भोजीपुरा स्थित कालेज के ब्वॉय हॉस्टल में एमबीबीएस के एक छात्र ने मंगलवार शाम आत्महत्या कर ली। छात्र यश कुमार खटवानी का शव प्लास्टिक की रस्सी के सहारे पंखे पर झूलता मिला। यश किशोर मेडिकल स्टोर, बटलर प्लाजा के मालिक मनोज खटवानी का इकलौता बेटा था। रात करीब साढ़े नौ बजे कमरे का दरवाजा तोड़कर शव निकाला गया। आत्महत्या की कोई ठोस वजह अभी सामने नहीं आ पायी है। फारेंसिक टीम ने मौके की पड़ताल की लेकिन फिलहाल कोई वजह साफ नहीं हुई है।
थाना प्रेमनगर के राजेंद्र नगर टेगौर पार्क सी ब्लाक में रहने वाले मनोज खटवानी का 22 साल का बेटा यश खटवानी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। यश का पहला साल था। रविवार की शाम को ही वह घर से हॉस्टल गया था। घर से हंसी खुशी मां नीतू खटवानी को घर से विदा किया था। मंगलवार को दोपहर साढ़े तीन बजे यश अपने दोस्तों को बताए बिना कैंटीन से चला आया। यश कमरा नंबर 117 में रहता था। हॉस्टल में पुताई का काम चल रहा था। 120 नंबर कमरे की पुताई हो चुकी थी। रात को यश का शव कमरा नंबर120 में फांसी के फंदे पर प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका मिला। यश का मोबाइल बंद होने पर साथियों ने उसकी तलाश क रनी शुरू की तो उसका पता नहीं लग पा रहा था। कमरा नंबर 120 अंदर से बंद होने की वजह से छात्रों को शक हुआ। कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा तो यश का इसी कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। रात करीब साढ़े नौ बजे घटना की सूचना पर पुलिस और परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने रात बारह बजे शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि छात्र की फांसी पर लटककर आत्महत्या की है। इसके पीछे वजह क्या रही है, इसकी जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की रिपोर्ट में मौत की वजह की पुष्टि हो पाएगी।
कालेज प्रबंधन का कहना है कि यश दोपहर तक बिल्कुल ठीक था। उसने परविार के लोगों से बात भी की थी। उसके साथियों से पूछने पर भी ऐसी कोई बात सामने नहीं आयी कि उसे कोई तनाव था। कल से उसकी परीक्षा भी होनी वाली थी। परिवार वाले भी आत्महत्या की वजह के बारे में अनविज्ञ हैं।
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इकलौते बेटे की मौत से परिवार सदमे में
खटवानी खानदान में मनोज के इकलौते बेटे यश खटवानी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। इकलौते बेटे की मौत से मनोज की हालत खराब है। उनकी पत्नी नीतू खटवानी को संभालना मुश्किल हो रहा है।दादा मिट्ठू लाल और दादी सुंदरी देवी और शहामतगंज बाजार में किशोर मेडिकल चलाने वाले ताऊ दुर्गेश खटवानी परिवार के आठ सदस्यों के साथ भीलवाड़ा(राजस्थान) से शादी में शामिल होकर लौट रहे हैं। ताऊ दुर्गेश का कहना है कि यश बेहद खुश मिजाज था। कभी उसका किसी से विवाद नहीं हुआ। यह जांच का विषय है कि आखिर ऐसा लड़का खुदकुशी कैसे कर गया।यश खटवानी डीपीएस से हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद कोटा चला गया था। वहां से बारहवीं पास करने के बाद उसने एमबीबीएस में दाखिला ले लिया था।
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थाना प्रेमनगर के राजेंद्र नगर टेगौर पार्क सी ब्लाक में रहने वाले मनोज खटवानी का 22 साल का बेटा यश खटवानी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। यश का पहला साल था। रविवार की शाम को ही वह घर से हॉस्टल गया था। घर से हंसी खुशी मां नीतू खटवानी को घर से विदा किया था। मंगलवार को दोपहर साढ़े तीन बजे यश अपने दोस्तों को बताए बिना कैंटीन से चला आया। यश कमरा नंबर 117 में रहता था। हॉस्टल में पुताई का काम चल रहा था। 120 नंबर कमरे की पुताई हो चुकी थी। रात को यश का शव कमरा नंबर120 में फांसी के फंदे पर प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका मिला। यश का मोबाइल बंद होने पर साथियों ने उसकी तलाश क रनी शुरू की तो उसका पता नहीं लग पा रहा था। कमरा नंबर 120 अंदर से बंद होने की वजह से छात्रों को शक हुआ। कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा तो यश का इसी कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। रात करीब साढ़े नौ बजे घटना की सूचना पर पुलिस और परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने रात बारह बजे शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि छात्र की फांसी पर लटककर आत्महत्या की है। इसके पीछे वजह क्या रही है, इसकी जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की रिपोर्ट में मौत की वजह की पुष्टि हो पाएगी।
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कालेज प्रबंधन का कहना है कि यश दोपहर तक बिल्कुल ठीक था। उसने परविार के लोगों से बात भी की थी। उसके साथियों से पूछने पर भी ऐसी कोई बात सामने नहीं आयी कि उसे कोई तनाव था। कल से उसकी परीक्षा भी होनी वाली थी। परिवार वाले भी आत्महत्या की वजह के बारे में अनविज्ञ हैं।
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इकलौते बेटे की मौत से परिवार सदमे में
खटवानी खानदान में मनोज के इकलौते बेटे यश खटवानी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। इकलौते बेटे की मौत से मनोज की हालत खराब है। उनकी पत्नी नीतू खटवानी को संभालना मुश्किल हो रहा है।दादा मिट्ठू लाल और दादी सुंदरी देवी और शहामतगंज बाजार में किशोर मेडिकल चलाने वाले ताऊ दुर्गेश खटवानी परिवार के आठ सदस्यों के साथ भीलवाड़ा(राजस्थान) से शादी में शामिल होकर लौट रहे हैं। ताऊ दुर्गेश का कहना है कि यश बेहद खुश मिजाज था। कभी उसका किसी से विवाद नहीं हुआ। यह जांच का विषय है कि आखिर ऐसा लड़का खुदकुशी कैसे कर गया।यश खटवानी डीपीएस से हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद कोटा चला गया था। वहां से बारहवीं पास करने के बाद उसने एमबीबीएस में दाखिला ले लिया था।