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बदनामी के डर में विवाहिता ने खुद को लगाई आग
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Mon, 04 Apr 2016 01:37 AM IST
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समाज की इज्जत एक महिला के लिए उसकी जिंदगी से भी बड़ी हो जाती है। इतनी बड़ी कि वह अपनी गलती का पश्चाताप करने की जगह अपने को खत्म करने का ही कदम उठा ले। रामपुर मिलक की एक 25 वर्षीय महिला ने अपने घर में रात को गैर युवक बरामद होने से शर्मिदा होकर कथिततौर पर खुद को आग लगा ली। महिला के साथ मिलने वाले युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया है।
पोस्टमार्टम हाउस पर अपनी पत्नी का शव लेकर खड़े पति ने बताया कि वह रात को भट्टे पर काम करने चला जाया करता था। शनिवार रात को वह काम के लिए निकला। इस दौरान घर में गांव के ही एक युवक संजीव(20) (पुत्र शिवचरण राठौर) को उसकी मां ने देख लिया। युवक ने भागने की कोशिश की, इस दौरान संजीव की बनियान फटकर उनके हाथ में आ गई। इस घटना के बाद मोहल्ले में शोरगुल हो गया। घटना से हुई बदनामी से शर्मिदा हुई विवाहिता ने अगली सुबह रविवार 6 बजे खुद पर कैरोसीन डालकर उसे जला दिया। उसकी सास ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया पर नाकाम रही। पति के आरोप को विवाहिता के भाई ने सही ठहराया है। विवाहिता की पति से छह साल पहले शादी हुई है और उसके दो छोटे बच्चे हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
साकार संस्था की नितिका मानती हैं कि महिला के इस कदम के पीछे एक बड़ा कारण घटना के बाद समाज द्वारा दिया जाने वाले दंड का डर है। इसके अलावा महिला को परिवार की इज्जत माने जाने की मानसिकता का भार भी उसके इस तरह का कदम उठाने में सहायक रहा होगा।
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पोस्टमार्टम हाउस पर अपनी पत्नी का शव लेकर खड़े पति ने बताया कि वह रात को भट्टे पर काम करने चला जाया करता था। शनिवार रात को वह काम के लिए निकला। इस दौरान घर में गांव के ही एक युवक संजीव(20) (पुत्र शिवचरण राठौर) को उसकी मां ने देख लिया। युवक ने भागने की कोशिश की, इस दौरान संजीव की बनियान फटकर उनके हाथ में आ गई। इस घटना के बाद मोहल्ले में शोरगुल हो गया। घटना से हुई बदनामी से शर्मिदा हुई विवाहिता ने अगली सुबह रविवार 6 बजे खुद पर कैरोसीन डालकर उसे जला दिया। उसकी सास ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया पर नाकाम रही। पति के आरोप को विवाहिता के भाई ने सही ठहराया है। विवाहिता की पति से छह साल पहले शादी हुई है और उसके दो छोटे बच्चे हैं।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
साकार संस्था की नितिका मानती हैं कि महिला के इस कदम के पीछे एक बड़ा कारण घटना के बाद समाज द्वारा दिया जाने वाले दंड का डर है। इसके अलावा महिला को परिवार की इज्जत माने जाने की मानसिकता का भार भी उसके इस तरह का कदम उठाने में सहायक रहा होगा।
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