{"_id":"58a600374f1c1b5833d87a00","slug":"instead-of-treating-the-eye-light-went-away","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज की बजाए आंख की रोशनी ही चली गई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इलाज की बजाए आंख की रोशनी ही चली गई
बरेली।
Updated Fri, 17 Feb 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन
Instead of treating the eye light went away
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन के लिए जाना ही व्यापारी असद को भारी पड़ गया। डॉक्टर ने ऑपरेशन से पहले उनकी दायीं आंख में इंजेक्शन लगाया तो ब्लीडिंग शुरू हो गई। पट्टी करके असद को घर भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें दिखना बंद हो गया है। डॉक्टर की लापरवाही पर बृहस्पतिवार को कई व्यापारी जिला अस्पताल में हंगामा करने पहुंच गए। उन्होंने प्रमुख अधीक्षक से असद का इलाज कराने की मांग की है।
आंख में पानी आने से परेशान चकमहमूद निवासी असद खां 10 फरवरी को जिला अस्पताल की ओपीडी में नेत्र विशेषज्ञ डॉ. वर्षा से इलाज कराने पहुंचे थे। डॉ. वर्षा ने असद को मोतियाबिंद बताया और ऑपरेशन के लिए अगले दिन बुलाया। असद ने बताया कि जब वह 11 फरवरी को सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंचे तो ऑपरेशन की तैयारी हुई। उन्हें ओटी में ले जाया गया और डॉ. वर्षा ने आंख में इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद आंख से ब्लीडिंग शुरू हो गई। ब्लीडिंग होने से घबराए डॉक्टराें ने पट्टी करके असद को घर भेज दिया। दो दिन बाद असद की आंख से दिखना कम हो गया तो उन्होंने जिला अस्पताल में संपर्क न करके निजी चिकित्सालय में दिखाया। यहां आंख का अल्ट्रासाउंड करने के बाद उन्हें बताया गया कि रेटिना डैमेज हुआ है। इंजेक्शन अंदर तक चले जाने से आंख की नसों पर भी प्रभाव पड़ा है। बृहस्पतिवार को असद की परेशानी लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के व्यापारी अध्यक्ष शोभित सक्सेना की अगुवाई में जिला अस्पताल में हंगामा करने पहुंचे। उन्हाेंने प्रमुख अधीक्षक को कहा कि इलाज करने वाली डॉ. वर्षा बुलाया जाए तो बताया गया कि वह जा चुकी हैं। व्यापारियाें ने मांग की कि असद का इलाज हो और उसकी रोशनी आए चाहे जहां भी भेजना पड़े। इस मौके पर व्यापारी राजकुमार राजपूत, आशू बेग, हसनेन अली, जतिन अरोड़ा, फिरोज अहमद, कन्हैया लाल, चंद्रभान मौजूद रहे।
व्यापारी मिलने आए थे उन्होंने समस्या बताई है। डॉ. वर्षा ने ऑपरेशन के दौरान इंजेक्शन लगाया था जिससे ब्लीडिंग शुरू हो गई। संभावना है कि रेटीना डैमेज हो गया है। इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन
डॉ. केएस गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
विज्ञापन
आंख में पानी आने से परेशान चकमहमूद निवासी असद खां 10 फरवरी को जिला अस्पताल की ओपीडी में नेत्र विशेषज्ञ डॉ. वर्षा से इलाज कराने पहुंचे थे। डॉ. वर्षा ने असद को मोतियाबिंद बताया और ऑपरेशन के लिए अगले दिन बुलाया। असद ने बताया कि जब वह 11 फरवरी को सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंचे तो ऑपरेशन की तैयारी हुई। उन्हें ओटी में ले जाया गया और डॉ. वर्षा ने आंख में इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद आंख से ब्लीडिंग शुरू हो गई। ब्लीडिंग होने से घबराए डॉक्टराें ने पट्टी करके असद को घर भेज दिया। दो दिन बाद असद की आंख से दिखना कम हो गया तो उन्होंने जिला अस्पताल में संपर्क न करके निजी चिकित्सालय में दिखाया। यहां आंख का अल्ट्रासाउंड करने के बाद उन्हें बताया गया कि रेटिना डैमेज हुआ है। इंजेक्शन अंदर तक चले जाने से आंख की नसों पर भी प्रभाव पड़ा है। बृहस्पतिवार को असद की परेशानी लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के व्यापारी अध्यक्ष शोभित सक्सेना की अगुवाई में जिला अस्पताल में हंगामा करने पहुंचे। उन्हाेंने प्रमुख अधीक्षक को कहा कि इलाज करने वाली डॉ. वर्षा बुलाया जाए तो बताया गया कि वह जा चुकी हैं। व्यापारियाें ने मांग की कि असद का इलाज हो और उसकी रोशनी आए चाहे जहां भी भेजना पड़े। इस मौके पर व्यापारी राजकुमार राजपूत, आशू बेग, हसनेन अली, जतिन अरोड़ा, फिरोज अहमद, कन्हैया लाल, चंद्रभान मौजूद रहे।
विज्ञापन
व्यापारी मिलने आए थे उन्होंने समस्या बताई है। डॉ. वर्षा ने ऑपरेशन के दौरान इंजेक्शन लगाया था जिससे ब्लीडिंग शुरू हो गई। संभावना है कि रेटीना डैमेज हो गया है। इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन
डॉ. केएस गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल