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शालू की बेबाकी को कुछ और समझ बैठे इंस्पेक्टर
बरेली।
Updated Sat, 01 Apr 2017 01:16 AM IST
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Insincer
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बिसौली इंस्पेक्टर संत प्रताप उपाध्याय शालू की बेबाकी को कुछ और ही समझ बैठे। उन्होंने शालू से व्हाट्सएप पर जैसे ही अपनी आशिक मिजाजी दिखानी शुरू की तो फंस गए।
शालू किसी भी हाल में इंस्पेक्टर को माफ करने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि इंस्पेक्टर उसके पिता की उम्र के हैं। उन्होंने उसके व्हाट्सएप पर अश्लील बात की तो उसने ब्लॉक कर दिया। इसके बाद भी वह नहीं माने। बेबाकी के साथ उनसे बात की और वह कुछ और समझ बैठे। उसके पिता मदद मांगने गए थे। बिना वजह उन्हें हिरासत में रखा गया। पुलिस ही आम आदमी के साथ इस तरह करेगी तो वर्दी की इज्जत कौन करेगा। उधर, मुकदमा लिखे जाने के बाद इंस्पेक्टर का निलंबन तय है। इसके अलावा इंस्पेक्टर और भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है। सपा सरकार में इटावा से कनेक्शन जोड़कर नेताओं के करीबी रहे संत प्रताप उपाध्याय कई महत्वपूर्ण थानों में तैनात रहे। बरेली के एक आला अधिकारी ने एक मामले में उन्हें तलब किया था। अधिकारी किसी वजह से नहीं मिल पाए। उनके पीआरओ से ही इंस्पेक्टर की बात हो पाई। बातचीत में उन्होंने भाजपा के एक बड़े नेता का नाम लेकर धमका दिया। कहने लगे साहब से कह देना, बिना वजह परेशान करने की जरूरत नहीं है।
यह तो वर्दी वाले रोमियो हैं
-शालू ने आईजी से कहा कि प्रदेश की योगी सरकार सड़क पर चलते लफंगे लड़कों को रोमियो कहकर कार्रवाई कर रही है। इंस्पेक्टर भी तो वर्दी वाले रोमियो हैं। इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के साथ उनकी काउंसलिंग भी होनी चाहिए। थाने में तो महिलाएं भी शिकायत करने आती हैं। ऐसे में वह किसी से भी अभद्रता कर सकते हैं।
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सीएम को ट्वीट भी कर दिया
शालू के संबंध लखनऊ से एक पत्रकार ने सीएम आदित्यनाथ योगी को ट्वीट करके उनकी समस्या बताकर कार्रवाई करने की मांग की। उनके ट्वीट पर भी कार्रवाई के निर्देश जारी हुए हैं।
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शालू किसी भी हाल में इंस्पेक्टर को माफ करने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि इंस्पेक्टर उसके पिता की उम्र के हैं। उन्होंने उसके व्हाट्सएप पर अश्लील बात की तो उसने ब्लॉक कर दिया। इसके बाद भी वह नहीं माने। बेबाकी के साथ उनसे बात की और वह कुछ और समझ बैठे। उसके पिता मदद मांगने गए थे। बिना वजह उन्हें हिरासत में रखा गया। पुलिस ही आम आदमी के साथ इस तरह करेगी तो वर्दी की इज्जत कौन करेगा। उधर, मुकदमा लिखे जाने के बाद इंस्पेक्टर का निलंबन तय है। इसके अलावा इंस्पेक्टर और भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है। सपा सरकार में इटावा से कनेक्शन जोड़कर नेताओं के करीबी रहे संत प्रताप उपाध्याय कई महत्वपूर्ण थानों में तैनात रहे। बरेली के एक आला अधिकारी ने एक मामले में उन्हें तलब किया था। अधिकारी किसी वजह से नहीं मिल पाए। उनके पीआरओ से ही इंस्पेक्टर की बात हो पाई। बातचीत में उन्होंने भाजपा के एक बड़े नेता का नाम लेकर धमका दिया। कहने लगे साहब से कह देना, बिना वजह परेशान करने की जरूरत नहीं है।
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यह तो वर्दी वाले रोमियो हैं
-शालू ने आईजी से कहा कि प्रदेश की योगी सरकार सड़क पर चलते लफंगे लड़कों को रोमियो कहकर कार्रवाई कर रही है। इंस्पेक्टर भी तो वर्दी वाले रोमियो हैं। इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के साथ उनकी काउंसलिंग भी होनी चाहिए। थाने में तो महिलाएं भी शिकायत करने आती हैं। ऐसे में वह किसी से भी अभद्रता कर सकते हैं।
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सीएम को ट्वीट भी कर दिया
शालू के संबंध लखनऊ से एक पत्रकार ने सीएम आदित्यनाथ योगी को ट्वीट करके उनकी समस्या बताकर कार्रवाई करने की मांग की। उनके ट्वीट पर भी कार्रवाई के निर्देश जारी हुए हैं।