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नाइजीरियन ठगों के गैंग में दस नये युवा शामिल
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Tue, 29 Nov 2016 01:09 AM IST
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ऑन लाइन ठगी करने वाले नाइजीरियन ठगों के गुर्गे मास्टर माइंड आसिफ ने पुलिस से दोस्ती कर नई टीम बनानी शुरू कर दी है। सीबीगंज के ग्राम धंतिया के रहने वाले इस मास्टर माइंड ने अपने गांव के ही दस नये युवाओं को लाखों रुपये कमाने का लालच देकर गैंग से जोड़ लिया है। आसिफ पकड़े जाने पर जमानत कराने का भी वायदा कर रहा है।
दिल्ली, एनसीआर इलाके में ठिकाना बनाकर नाइजीरियन ठग पूरे देश में नेटवर्क बिछाकर करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। थाना सीबीगंज के धंतिया गांव के आसिफ को उन्होंने यूपी का ठेकेदार बना रखा है। फर्जी आईडी बनवाकर खाते खुलवाने वाले लड़कों को वह 5 से 10 हजार रुपये तक देता है। इसी साल बैंक अधिकारी ने धंतिया गांव के दो युवकों को पकड़कर इज्जतनगर पुलिस को सौंप दिया था। इस दौरान पूछताछ में गांव के मास्टर माइंड आसिफ का नाम आया था। छानबीन में पता लगा कि आसिफ इसी धंधे से कम समय में करोड़ों का मालिक बन गया है। उसके अलावा गांव में तांत्रिक के नाम से पहचान रखने वाले व्यक्ति का भी ठगी का ही धंधा है। आसिफ ठगी के धंधे में जमशेद खां, यूनुस, सद्दाम, नन्हें, हनीफ अहमद, हैदर, जीशान का इस्तेमाल कर चुका है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आसिफ ने अपनी नई टीम में रफीक, मुजाहिद, अफसार खां, आसिफ खां, मुर्शीद खां, परीस खां समेत दस लड़कों को शामिल कर फर्जी एकाउंट खुलवाने की जिम्मेदारी दी है। तांत्रिक को इन सबका लीडर बनाया गया है। ठगी का धंधा करने वाले धंतिया गांव के लोगों ने सीबीगंज और फतेहगंज पश्चिमी पुलिस से सांठगांठ कर रखी है।आसिफ से पुलिस ने दोस्ती कर ली है। इसी वजह है कि इसी महीने आसिफ अपने परिवार की शादी में शामिल होकर लाखों रुपये लुटाकर निकल गया। चार महीने पहले मुरादाबाद पुलिस धंतिया के शाहिद रजा और आरिफ समेत चार लोगों को पकड़कर ले गई थी। नोएडा में पकड़े गए नाइजीरियन ठगों के साथ धंतिया गांव का नासिर खान और भोजीपुरा इलाके के घंघोरा निवासी नाजिश भी पकड़े गए थे। नाजिश की धंतिया में ननिहाल है। उसे मास्टर माइंड आसिफ ने नाइजीरियन ठगों के गैंग से जोड़ा था।
ठगी के गैंग में शामिल लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई कराई जाएगी। इसमें पुलिस की भूमिका की भी छानबीन होगी। जिस पुलिस कर्मी से सांठगांठ के सुबूत मिलेंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- आशुतोष कुमार, डीआईजी
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दिल्ली, एनसीआर इलाके में ठिकाना बनाकर नाइजीरियन ठग पूरे देश में नेटवर्क बिछाकर करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। थाना सीबीगंज के धंतिया गांव के आसिफ को उन्होंने यूपी का ठेकेदार बना रखा है। फर्जी आईडी बनवाकर खाते खुलवाने वाले लड़कों को वह 5 से 10 हजार रुपये तक देता है। इसी साल बैंक अधिकारी ने धंतिया गांव के दो युवकों को पकड़कर इज्जतनगर पुलिस को सौंप दिया था। इस दौरान पूछताछ में गांव के मास्टर माइंड आसिफ का नाम आया था। छानबीन में पता लगा कि आसिफ इसी धंधे से कम समय में करोड़ों का मालिक बन गया है। उसके अलावा गांव में तांत्रिक के नाम से पहचान रखने वाले व्यक्ति का भी ठगी का ही धंधा है। आसिफ ठगी के धंधे में जमशेद खां, यूनुस, सद्दाम, नन्हें, हनीफ अहमद, हैदर, जीशान का इस्तेमाल कर चुका है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आसिफ ने अपनी नई टीम में रफीक, मुजाहिद, अफसार खां, आसिफ खां, मुर्शीद खां, परीस खां समेत दस लड़कों को शामिल कर फर्जी एकाउंट खुलवाने की जिम्मेदारी दी है। तांत्रिक को इन सबका लीडर बनाया गया है। ठगी का धंधा करने वाले धंतिया गांव के लोगों ने सीबीगंज और फतेहगंज पश्चिमी पुलिस से सांठगांठ कर रखी है।आसिफ से पुलिस ने दोस्ती कर ली है। इसी वजह है कि इसी महीने आसिफ अपने परिवार की शादी में शामिल होकर लाखों रुपये लुटाकर निकल गया। चार महीने पहले मुरादाबाद पुलिस धंतिया के शाहिद रजा और आरिफ समेत चार लोगों को पकड़कर ले गई थी। नोएडा में पकड़े गए नाइजीरियन ठगों के साथ धंतिया गांव का नासिर खान और भोजीपुरा इलाके के घंघोरा निवासी नाजिश भी पकड़े गए थे। नाजिश की धंतिया में ननिहाल है। उसे मास्टर माइंड आसिफ ने नाइजीरियन ठगों के गैंग से जोड़ा था।
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ठगी के गैंग में शामिल लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई कराई जाएगी। इसमें पुलिस की भूमिका की भी छानबीन होगी। जिस पुलिस कर्मी से सांठगांठ के सुबूत मिलेंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- आशुतोष कुमार, डीआईजी