{"_id":"57fe99fc4f1c1b8e1528f61f","slug":"if-not-cut-trees-brought-back-tajia-sabotage-arson","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेड़ नहीं काटा तो ताजिए वापस लाए, तोड़फोड़, आगजनी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पेड़ नहीं काटा तो ताजिए वापस लाए, तोड़फोड़, आगजनी
बरेली, ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2016 01:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीकरी गांव में प्राचीन शिव मंदिर के पास पीपल के पेड़ की डालियां कटवाने पर अड़े ताजियेदारों के लिए पुलिस ने सड़क भी खोद दी लेकिन बात नहीं बनी। पेड़ से दस कदम दूर ही ताजिये रोक दिए हंगामे के बाद भी जब पेड़ नहीं कटा तो ताजियेदार बिहारीपुर और तुल्समपुर की ओर अपने ताजिये लेकर वापस लौट गए। यह खबर जब शहर तक पहुंची तो वहां भी ताजिये का जुलूस रोक दिया गया और भीड़ बवाल करने लगी। रास्ता जाम कर दिया गया और बसों और अन्य वाहनों में तोड़फोड़ शुरू गई। समझाने पहुंचे अफसरों से भी धक्का-मुक्की हुई। थाने पर भी एक दो पत्थर फेंके गए। नवाबगंज का मामला निपटाने के बाद देर रात तक डीएम एसएसपी मौके पर गए तो ताजिए सड़क पर ही रखे थे। हालांकि थाना प्रभारी ने पेड़ की डालियां काटने का आश्वासन दिया था लेकिन देर राततक लोग नहीं मानें और ताजिये सड़क पर छोड़कर चले गए थे।
बिहारीपुर और तुल्समपुर गांव से ताजिये सीकरी गांव के प्राचीन शिव मंदिर के सामने से होकर निकलते हैं। यहां पीपल का पेड़ है जिसकी डालियां सड़क पर आ गई हैं। शाम करीब पांच बजे जब ताजिये यहां पहुंचे तो ताजियेदारों ने पुलिस से पेड़ कटवाने को कहा। एसडीएम पंकज और एएसपी डा. सतीश कुमार ने समझाने की कोशिश की। सड़क खोदकर ताजिए निकालने के लिए जगह बनाई गई। वहां से ताजिये निकालने को कहा गया लेकिन ताजियेदार आगे नहीं बढ़े और ताजिये यह कहते हुए वापस ले गए कि जबतक डाल नहीं कटेगी तबतक ताजिये नहीं जाएंगे। बहेड़ी शहर में यह शोर फैला कि प्रशासन ने ताजिये वापस कर दिए हैं। देखते ही देखते बात फैली तो शहर में निकल रहा जुलूस भी रोक दिया गया और हंगामा होने लगा। अफसरों पर ताजिये वापस करने का आरोप लगने लगा। उनका कहना था कि जबतक सभी गांवों का ताजिया नहीं आता ताजिये नहीं उठेंगे। इसके बाद भीड़ ने बाईपास पर लोदीपुर चौराहे के पास जाम लगा दिया। यहां से गुजरने वाले वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। एक दो यात्रियों को पीटा भी। थाने पर भी कुछ पत्थर फेंके गए। देर रात तक यहां ताजिये सड़कों पर ही रखे हुए थे और भीड़ हंगामा कर रही थी। अफसर उन्हें मनाने में लगे हुए थे।
विज्ञापन
बिहारीपुर और तुल्समपुर गांव से ताजिये सीकरी गांव के प्राचीन शिव मंदिर के सामने से होकर निकलते हैं। यहां पीपल का पेड़ है जिसकी डालियां सड़क पर आ गई हैं। शाम करीब पांच बजे जब ताजिये यहां पहुंचे तो ताजियेदारों ने पुलिस से पेड़ कटवाने को कहा। एसडीएम पंकज और एएसपी डा. सतीश कुमार ने समझाने की कोशिश की। सड़क खोदकर ताजिए निकालने के लिए जगह बनाई गई। वहां से ताजिये निकालने को कहा गया लेकिन ताजियेदार आगे नहीं बढ़े और ताजिये यह कहते हुए वापस ले गए कि जबतक डाल नहीं कटेगी तबतक ताजिये नहीं जाएंगे। बहेड़ी शहर में यह शोर फैला कि प्रशासन ने ताजिये वापस कर दिए हैं। देखते ही देखते बात फैली तो शहर में निकल रहा जुलूस भी रोक दिया गया और हंगामा होने लगा। अफसरों पर ताजिये वापस करने का आरोप लगने लगा। उनका कहना था कि जबतक सभी गांवों का ताजिया नहीं आता ताजिये नहीं उठेंगे। इसके बाद भीड़ ने बाईपास पर लोदीपुर चौराहे के पास जाम लगा दिया। यहां से गुजरने वाले वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। एक दो यात्रियों को पीटा भी। थाने पर भी कुछ पत्थर फेंके गए। देर रात तक यहां ताजिये सड़कों पर ही रखे हुए थे और भीड़ हंगामा कर रही थी। अफसर उन्हें मनाने में लगे हुए थे।
विज्ञापन