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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   How are running these illegal e- rickshaws and ' managed ' vehicle

चल कैसे रहे हैं ये अवैध ई- रिक्शा और ‘जुगाड़’ वाहन

Fri, 10 Jun 2016 12:46 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Fri, 10 Jun 2016 12:46 AM IST
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शहर में पहले से ही अवैध टेंपो और आटो की भरमार  है। पिछले दिनों बांटे गए करीब 400 वैध ई रिक्शा के अलावा एक हजार से ज्यादा अवैध ई- रिक्शा और ‘जुगाड़’ सड़कों पर पहले से ही हैं। अब पुलिस इनके खिलाफ अभियान छेड़ने की सोच रही है।
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शहर में 4287 टेंपो और आटो पंजीकृत हैं और देहात में इनकी तादाद 4035 है। पुलिस मिलीभगत से देहात लाइसेंस वाले तमाम टेंपो और आटो रंग बदल कर शहर में घुसे हुए हैं। अब बिना पंजीकरण वाले तमाम ई- रिक्शा और ‘जुगाड़’ शहर में घुस गए हैं। इससे शहर में सभी चौराहों पर जाम लगने लगा है। 
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कोई कार्रवाई नहीं
 अवैध ई- रिक्शा  चलाने वालों के पास चालक लाइसेंस तक नहीं है। नियमानुसार सभी आटो वाहन का पंजीकरण अनिवार्य है।  मंडल भर में एक हजार से ज्यादा इन अवैध वाहनों पर नंबर प्लेट लगाने का स्थान ही नहीं बना है।  हालांकि दो पहिया वाहन चालकों से वसूली के लिए चालान होते मिल जाएंगे।
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‘जुगाड़’ सब पर भारी
मोटर साइकिल और स्कूटर इंजन से तैयार किए गए ‘जुगाड़’ वाहन  अवैध होने के साथ ही परिवहन विभाग का टैक्स चोरी कर रहे हैं। विभागीय नियमानुसार 850 रुपये प्रति तीन हजार रुपये प्रति वर्ष टैक्स देय है। शहर में भारी भरकम सामान ढोने वाले ‘जुगाड़’ वाहन पुलिस चेक तक नहीं करती है।

सिर्फ 411 ई- रिक्शा वैध
जिले भर में सिर्फ 411 ई- रिक्शा ही वैध हैं। सरकार ने पंजीकरण कराकर 413 ई- रिक्शा वितरित कराए हैं। लाभार्थी के चालक लाइसेंस भी बनाए गए हैं। दो लाभार्थी चालक टैस्ट में चूक गए। इसलिए परिवहन विभाग ने टेस्ट में फेल दोनों लाभार्थियाें का रिक्शा पंजीकरण/ परमिट रोक दिया है। विभागीय आंकडों में पहले से चल रहे सिर्फ 31  चालक लाइसेंस बनवाकर अवैध ई- रिक्शा चला रहे हैं। 

अवैध बिक्री
ई- रिक्शा बिक्री के लिए  जिले में दर्जन से ज्यादा बिक्री केंद्र संचालित हैं। कागजों पर सिर्फ आठ प्रतिष्ठान पंजीकृत हैं। नियमानुसार ई- रिक्शा उसी को बेचा जाएगा जिसके पास चालक लाइसेंस हो। लेकिन डीलर वाणिज्य कर चोरी करने के साथ ही नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। 

ई- रिक्शा पंजीकरण/ परमिट खर्च

छह सौ रुपये प्रति सीट प्रति वर्ष
54 सौ रुपये प्रति सीट एक मुश्त टैक्स
(माल ढोने वाला रिक्शा पर 850 रुपये प्रति टन प्रति वर्ष देय होगा। एक मुश्त में 22,800 रुपये देय होंगे।)



वैध ई- रिक्शा       411
परमिट/ पंजीकरण   411       
ई- रिक्शा डीलर      08       
ई- रिक्शा लाइसेंस   442
आटो/ टेंपो शहर   4287
आटो/ टेंपो देहात  4035

‘बिना पंजीकरण और परमिट ई- रिक्शा और ‘जुगाड़’ आदि सड़कों पर चलाना पूरी तरह अवैध है। पुलिस विभाग इस पर कार्रवाई करे। परिवहन विभाग भी अपने स्तर से अभियान शुरू करेगा।’

- आरआर सोनी, आरटीओ

‘अवैध ई रिक्शा और जुगाड़ के खिलाफ 12 जून से अभियान प्रस्तावित किया गया है। इन अवैध वाहनों के कारण शहर में जाम लग रहा है। यात्रियों के जीवन से भी खिलवाड़ की जा रही है।’ ओपी यादव, एसपी ट्रैफिक
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