{"_id":"579f9e574f1c1bc3762b887e","slug":"home-guard-took-to-the-road-against-the-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे होमगार्ड","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे होमगार्ड
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:40 AM IST
विज्ञापन
हाोमगाडऱ्र्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार के खिलाफ होमगार्ड सोमवार को फिर सड़क पर उतर आए और दामोदर पार्क में सात दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान होमगार्डों ने अपनी खूब भड़ास निकाली। आठ अगस्त को लखनऊ में अनिश्चित कालीन अनशन शुरू होगा।
होमगार्ड पुलिस कर्मियों के समान वेतन और सुविधाएं देने की मांग मांग कर रहे हैं। मगर प्रदेश सरकार से उनकी सुनने को तैयार नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष मुकेश द्विवेदी के आह्वान पर होमगार्डों ने जिला स्तर पर सोमवार से सात दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया है। यहां धरना प्रदर्शन चौकी चौराहा स्थित दामोदर पार्क में चल रहा है। इसमें जिले के सैकड़ों होमगार्ड शामिल हुए। इसमें वक्ताओं ने कहा कि होमगार्ड विभाग में दोहरी नीति है। इसमें एक वे हैं, जो वेतन लेकर भी काम करते, दूसरे हम जो अवैतनिक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करना होगा। चार प्रदेशों की सरकारों ने सर्वोच्च न्यायालय का आदेश लागू भी कर दिया है। मगर यहां होमगार्डों की मांगों को नहीं माना जा रहा है। 31 जुलाई को वार्ता के दौरान होमगार्र्डस मंत्री अवधेश प्रसाद और एडीजी पीके तिवारी से वार्ता की जा चुकी है। सात जुलाई तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आठ तारीख से लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा। धरने जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह, उपाध्यक्ष सुमित्रा पाठक, महामंत्री किशनपाल और जिला सचिव जगदीश पुरी आदि ने अपने विचार रखे।
तीन घंटे तक छावनी बना रहा दामोदर पार्क
दामोदर पार्क से करीब सौ मीटर दूर पुलिस लाइंस के सामने हुए हादसे में होमगार्ड की मौत होने का पता लगने पर पुलिस अफसरों में खलबली मच गई। अफसरों को डर था कि गुस्से के आकर होमगार्ड बवाल न कर दें। इससे दो सीओ, कोतवाली समेत कई थाना प्रभारी, दरोगा पुलिस के जवान और एक प्लाटून पीएसी मौके पर भेज दी गई। धरना प्रदर्शन कर रहे होमगार्ड भी वर्दी में थे। इससे दामोदर पार्क और आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी नजर आ रहा था।
विज्ञापन
दिन में धरना प्रदर्शन, रात को ड्यूटी
होमगार्डों को आंदोलन के साथ अपनी रोजी रोटी की भी चिंता थी। दिन में धरना, प्रदर्शन करने वाले होमगार्ड शाम चार बजे के बाद खिसकने लगे। महीने का पहला दिन होने से ड्यूटी भी बदली गई। शाम पांच बजने तक ज्यादातर होमगार्ड धरना स्थल से खिसक गए। जबकि कार्य वहिष्कार और धरना प्रदर्शन सात अगस्त तक घोषित है।
विज्ञापन
होमगार्ड पुलिस कर्मियों के समान वेतन और सुविधाएं देने की मांग मांग कर रहे हैं। मगर प्रदेश सरकार से उनकी सुनने को तैयार नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष मुकेश द्विवेदी के आह्वान पर होमगार्डों ने जिला स्तर पर सोमवार से सात दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया है। यहां धरना प्रदर्शन चौकी चौराहा स्थित दामोदर पार्क में चल रहा है। इसमें जिले के सैकड़ों होमगार्ड शामिल हुए। इसमें वक्ताओं ने कहा कि होमगार्ड विभाग में दोहरी नीति है। इसमें एक वे हैं, जो वेतन लेकर भी काम करते, दूसरे हम जो अवैतनिक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करना होगा। चार प्रदेशों की सरकारों ने सर्वोच्च न्यायालय का आदेश लागू भी कर दिया है। मगर यहां होमगार्डों की मांगों को नहीं माना जा रहा है। 31 जुलाई को वार्ता के दौरान होमगार्र्डस मंत्री अवधेश प्रसाद और एडीजी पीके तिवारी से वार्ता की जा चुकी है। सात जुलाई तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आठ तारीख से लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा। धरने जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह, उपाध्यक्ष सुमित्रा पाठक, महामंत्री किशनपाल और जिला सचिव जगदीश पुरी आदि ने अपने विचार रखे।
विज्ञापन
तीन घंटे तक छावनी बना रहा दामोदर पार्क
दामोदर पार्क से करीब सौ मीटर दूर पुलिस लाइंस के सामने हुए हादसे में होमगार्ड की मौत होने का पता लगने पर पुलिस अफसरों में खलबली मच गई। अफसरों को डर था कि गुस्से के आकर होमगार्ड बवाल न कर दें। इससे दो सीओ, कोतवाली समेत कई थाना प्रभारी, दरोगा पुलिस के जवान और एक प्लाटून पीएसी मौके पर भेज दी गई। धरना प्रदर्शन कर रहे होमगार्ड भी वर्दी में थे। इससे दामोदर पार्क और आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी नजर आ रहा था।
विज्ञापन
दिन में धरना प्रदर्शन, रात को ड्यूटी
होमगार्डों को आंदोलन के साथ अपनी रोजी रोटी की भी चिंता थी। दिन में धरना, प्रदर्शन करने वाले होमगार्ड शाम चार बजे के बाद खिसकने लगे। महीने का पहला दिन होने से ड्यूटी भी बदली गई। शाम पांच बजने तक ज्यादातर होमगार्ड धरना स्थल से खिसक गए। जबकि कार्य वहिष्कार और धरना प्रदर्शन सात अगस्त तक घोषित है।