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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Guddu city of Chhota Rajan was stealing cars

शहर का गुड्डू छोटा राजन के लिए चुराता था गाड़ियां

Mon, 27 Jun 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Mon, 27 Jun 2016 12:57 AM IST
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 माफिया डॉन छोटा राजन और गुरु साटम गैंग के बरेली से भी तार जुड़े हैं। रविवार को वाराणसी में फूलपुर निवासी इस गैंग के अंतरराज्यीय अपराधी अरुण कुमार तिवारी उर्फ  डब्बू तिवारी को पकड़ने के बाद एसटीएफ ने यह खुलासा किया है। बरेली के दो लड़कों को छोटा राजन के गुर्गे अरुण ने अपने साथ शामिल करके वाहन चोरी के धंधे में लगा दिया था। वह उनकी चुराए वाहनों को बेचने का काम करता था। गैंग के लिए जरूरत पड़ने पर चोरी के वाहनों का ही इस्तेमाल करता था।
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वाराणसी में जेपी मेहता स्कूल के पास से गिरफ्तार अरुण के पास से चोरी की स्विफ्ट कार बरामद हुई है। मध्य प्रदेश पुलिस ने अरुण पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। वह मध्य प्रदेश के कारोबारी राजेश जैन के अपहरण कांड में वांछित था। इस वारदात की योजना उसने ही बनाई थी। उसके खिलाफ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कई मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक बरेली के गुड्डू, सरताज (मूल निवासी हल्द्वानी, उत्तराखंड) ने बिहार के मुकेश एवं मिथिलेश के साथ चार पहिया वाहनों की चोरी का धंधा कर रहे हैं। गुड्डू, सरताज, मुकेश व मिथिलेश हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ आदि शहरों से वाहन चुराकर अरुण को देते थे। अरुण उन्हें सिलीगुड़ी, नगालैंड के अजय एवं अमांग के माध्यम से वहां बेच देता था। नगालैंड के अवैध असलहा एवं गांजा तस्करों से भी उसके संपर्क थे। वर्ष 2009 में वाहन चोरी के मामले में फूलपुर (वाराणसी) थाने में दर्ज एक मामले में अरुण जेल भी गया था। जमानत पर छूटने के बाद अरुण आगरा के कुख्यात चांदी लूट करने वाले एवं अपहरणकर्ता सुधीर भदौरिया गैंग से जुड़ गया। वर्ष 2013 में खंडवा के कारोबारी राजेश जैन के अपहरण की योजना को अंजाम दिया। कुछ ही दिनों में अरुण कोलकाता के ‘माई-नूडल्स’ के प्रदेश स्तर की डिस्ट्रीब्यूटरशिप की लांचिंग भी करने वाला था। 
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क्रि केट मैच के दौरान बनाया कनेक्शन
-वर्ष 1995 में क्रि के ट मैच के दौरान अरुण का संपर्क पड़ोसी गांव के उदयभान सिंह से हुआ था। उदयभान सिंह उस समय छोटा राजन व गुरू साटम गैंग के साथ काम करता था तथा असलहा सप्लाई करता था। उदयभान ने अरुण को बेहतर जिंदगी के सपने दिखाकर मुंबई चलने को कहा। अरुण उसके साथ 1995 में मुंबई चला गया। इसके बाद उसने पैसों के लालच में छोटा राजन और गुरू साटम गैंग के लिए काम करना शुरू कर दिया। उदयभान को एसटीएफ  ने जनवरी, 2016 में वाराणसी से गिरफ्तार किया गया था।
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छोटा राजन गैंग से बरेली का कनेक्शन गंभीर मामला है। इस मामले को दिखवाया जाएगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि गुड्डू और सरताज कहां के रहने वाले हैं। उनका परिवार किस इलाके में रह रहा है- आशुतोष कुमार, डीआईजी
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