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गोरखपुर व गाजीपुर के कप्तानों को कारण बताओ नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:06 AM IST
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पुलिस
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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थाना बारादरी में घुसकर बलवा व सरकारी कामकाज में बाधा डालने का आरोपी चर्चित रामवृक्ष यादव व उसके सहयोगी प्रेमचन्द्र की गिरफ्तारी को भेजे गए वारंटों पर तामीला के संबंध में कोई रिपोर्ट न भेजने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शक्ति सिंह ने गाजीपुर व गोरखपुर के पुलिस कप्तानों को कारण बताओ नोटिस जारी किये हैं।
अभियोजन के अनुसार 21 सितंबर 2013 को दरोगा सुनील कुमार ने रिपोर्ट लिखायी कि रामवृक्ष यादव ने 22 अन्य के साथ थाना बारादरी में घुसकर मारपीट व सरकारी कामकाज में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। 23 लोगों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट शक्ति सिंह की सख्ती के चलते 21 लोग न्यायालय में उपस्थित हो गए लेकिन रामवृक्ष यादव की न्यायालय में उपस्थित सुनिश्चित कराने को गाजीपुर व प्रेमचन्द्र की उपस्थित को गोरखपुर के पुलिस कप्तानों को वारंट भेजे गए थे लेकिन इन दोनों स्थानों से न तो तामीला की सूचना आयी और न ही कोई अन्य आख्या प्राप्त र्हुई।
इसे गंभीरता से लेते हुए एसीजेएम ने दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 17 नवंबर की तिथि नियत की है।
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अभियोजन के अनुसार 21 सितंबर 2013 को दरोगा सुनील कुमार ने रिपोर्ट लिखायी कि रामवृक्ष यादव ने 22 अन्य के साथ थाना बारादरी में घुसकर मारपीट व सरकारी कामकाज में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। 23 लोगों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट शक्ति सिंह की सख्ती के चलते 21 लोग न्यायालय में उपस्थित हो गए लेकिन रामवृक्ष यादव की न्यायालय में उपस्थित सुनिश्चित कराने को गाजीपुर व प्रेमचन्द्र की उपस्थित को गोरखपुर के पुलिस कप्तानों को वारंट भेजे गए थे लेकिन इन दोनों स्थानों से न तो तामीला की सूचना आयी और न ही कोई अन्य आख्या प्राप्त र्हुई।
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इसे गंभीरता से लेते हुए एसीजेएम ने दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 17 नवंबर की तिथि नियत की है।