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शराब पी, डांट के डर से आठवीं के छात्र ने जान दे दी
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 20 Jun 2016 01:45 AM IST
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डांट के डर से किशोरों के आत्मघाती कदम उठाने का एक दहला देने वाला मामला बदायूं में हुआ। यहां के करीमपुर गांव में 14 साल के किशोर ने एक दावत में चुपके से शराब पी ली। उसकी छोटी बहन ने जब पापा से शिकायत करने की बात कही तो वह इतना डर गया कि फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी। बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र के करीमपुर निवासी अखिलेश का 14 साल का बेटा वीपी यादव आठवीं का छात्र था। उसके चाचा राकेश ने बताया कि शुक्रवार शाम को वह मजदूरी करके जब घर लौटे तो वीपी के साथ खेलने वाले बच्चों ने शिकायत की कि उसने शराब पी है। रात 11 बजे उन्होेंने कमरे में जाकर देखा तो वीपी सो रहा था, जिससे उन्होंने वीपी से कुछ नहीं कहा। इसके बाद शनिवार को वीपी सुबह छह बजे उठा, रोज की तरह जानवर दुहने के बाद वह घर आया और दादी से चाय बनवाकर पी।
अखिलेश का कहना है कि थोड़ी देर बाद वीपी और उसकी छोटी बहन सुलोचना में झगड़ा हो गया था। बहन ने उसे धमकी दी थी कि वह शराब पीने की बात पिता को बता देगी। इसके बाद वीपी अचानक कमरे में गया, बेड के ऊपर कुर्सी रखकर पंखे के कुंडे से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। अखिलेश का कहना है कि वह तुरंत कमरे में गए। उन्होंने उसे फंदे से उतारा। उसकी हालत गंभीर थी और कुछ बोल नहीं रहा था। इसके बाद वीपी को बरेली में सिद्धि विनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद घर में कोहराम मचा हुआ है।
एक डर में जिंदगी भर का दर्द दे गया
पिता अखिलेश बोले कि उनके घर में कोई शराब नहीं पीता, गांव में भी शराब की कोई दुकान नहीं है। शुक्रवार को गांव में एक दावत कार्यक्रम था, हो न हो बेटे ने वहीं से शराब पी होगी। पिता का कहना है कि इससे पहले कभी बेटे ने शराब नहीं पी थी। एक डर में उसने जिंदगी भर का दर्द दे दिया।
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अखिलेश का कहना है कि थोड़ी देर बाद वीपी और उसकी छोटी बहन सुलोचना में झगड़ा हो गया था। बहन ने उसे धमकी दी थी कि वह शराब पीने की बात पिता को बता देगी। इसके बाद वीपी अचानक कमरे में गया, बेड के ऊपर कुर्सी रखकर पंखे के कुंडे से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। अखिलेश का कहना है कि वह तुरंत कमरे में गए। उन्होंने उसे फंदे से उतारा। उसकी हालत गंभीर थी और कुछ बोल नहीं रहा था। इसके बाद वीपी को बरेली में सिद्धि विनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद घर में कोहराम मचा हुआ है।
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एक डर में जिंदगी भर का दर्द दे गया
पिता अखिलेश बोले कि उनके घर में कोई शराब नहीं पीता, गांव में भी शराब की कोई दुकान नहीं है। शुक्रवार को गांव में एक दावत कार्यक्रम था, हो न हो बेटे ने वहीं से शराब पी होगी। पिता का कहना है कि इससे पहले कभी बेटे ने शराब नहीं पी थी। एक डर में उसने जिंदगी भर का दर्द दे दिया।
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