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जिला पंचायत अध्यक्ष संजय के पिता पर मुकदमा
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 29 Jun 2016 01:26 AM IST
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बरेली में लंबे समय तक एडीएम रहे और जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह के पिता रामेश्वर दयाल मुश्किल में फंस गए हैं। हाथरस में एसडीएम रहते उनकी ओर से जुटाए गए आय से अधिक धन के मामले में विजिलेंस ने जांच के बाद हाथरस कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
आगरा विजिलेंस के इंस्पेक्टर धन सिंह की ओर से कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। विजिलेंस ने जांच के बाद माना है कि हाथरस में कई साल पहले एसडीएम पद पर तैनात रहे पीसीएस अधिकारी रामेश्वर दयाल ने भ्रष्टाचार के जरिए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। रामेश्वर दयाल कुछ साल पहले ही बरेली से एडीएम के पद से रिटायर हुए थे। हैं। कुछ महीने पहले अपने बेटे संजय सिंह को सत्ताधारी दल सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनवाने और उनके जीतने के दौरान रामेश्वर दयाल फिर चर्चा में आए। विजिलेंस इंस्पेक्टर के अनुसार हाथरस में रामेश्वर दयाल के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच में दयाल के खर्चे आय से कहीं अधिक पाए गए। इसके बाद विजिलेंस ने उन्हें तलब किया। दयाल ने अपने पक्ष में जो जवाब विजिलेंस के समक्ष प्रस्तुत किया, उससे अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद विजिलेंस के एसपी के निर्देश पर पीसीएस अधिकारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने की कार्रवाई की गई। रामेश्वर दयाल मूल रूप से एटा के निवासी हैं। सदर कोतवाल मनोज शर्मा का कहना है कि एसपी विजिलेंस के आदेश पर वहां के इंस्पेक्टर ने यह मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं इस मामले की अभी तक जांच कर रहे थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद विजिलेंस ही इस मामले की विवेचना करेगी।
कहां से आए 5.74 लाख
जांच में खुलासा हुआ है कि रामेश्वरदयाल पुत्र जालिम सिंह ने सेवा के दौरान आय के समस्त ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल 30 लाख 49 हजार 601 रुपये अर्जित कीं और इस अवधि में इन्होंने 36 लाख 23 हजार 603 रुपये व्यय किया। इस प्रकार जांच के लिए निर्धारित की गई अवधि में 5 लाख 74 हजार 2 रुपये का अधिक व्यय किया जो उनके ज्ञात स्रोतों से अधिक है। इसके बारे में उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन वह जांच अधिकारी को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उसका ही उल्लेख करते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (1) (ई) के अंतर्गत आपराधिक दुराचरण माना गया है और मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आगरा विजिलेंस के इंस्पेक्टर धन सिंह की ओर से कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। विजिलेंस ने जांच के बाद माना है कि हाथरस में कई साल पहले एसडीएम पद पर तैनात रहे पीसीएस अधिकारी रामेश्वर दयाल ने भ्रष्टाचार के जरिए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। रामेश्वर दयाल कुछ साल पहले ही बरेली से एडीएम के पद से रिटायर हुए थे। हैं। कुछ महीने पहले अपने बेटे संजय सिंह को सत्ताधारी दल सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनवाने और उनके जीतने के दौरान रामेश्वर दयाल फिर चर्चा में आए। विजिलेंस इंस्पेक्टर के अनुसार हाथरस में रामेश्वर दयाल के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच में दयाल के खर्चे आय से कहीं अधिक पाए गए। इसके बाद विजिलेंस ने उन्हें तलब किया। दयाल ने अपने पक्ष में जो जवाब विजिलेंस के समक्ष प्रस्तुत किया, उससे अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद विजिलेंस के एसपी के निर्देश पर पीसीएस अधिकारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने की कार्रवाई की गई। रामेश्वर दयाल मूल रूप से एटा के निवासी हैं। सदर कोतवाल मनोज शर्मा का कहना है कि एसपी विजिलेंस के आदेश पर वहां के इंस्पेक्टर ने यह मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं इस मामले की अभी तक जांच कर रहे थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद विजिलेंस ही इस मामले की विवेचना करेगी।
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कहां से आए 5.74 लाख
जांच में खुलासा हुआ है कि रामेश्वरदयाल पुत्र जालिम सिंह ने सेवा के दौरान आय के समस्त ज्ञात और वैध स्रोतों से कुल 30 लाख 49 हजार 601 रुपये अर्जित कीं और इस अवधि में इन्होंने 36 लाख 23 हजार 603 रुपये व्यय किया। इस प्रकार जांच के लिए निर्धारित की गई अवधि में 5 लाख 74 हजार 2 रुपये का अधिक व्यय किया जो उनके ज्ञात स्रोतों से अधिक है। इसके बारे में उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन वह जांच अधिकारी को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उसका ही उल्लेख करते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (1) (ई) के अंतर्गत आपराधिक दुराचरण माना गया है और मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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