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जैसे जीप चलवाते थे वैसे जेनरेटर चलवाओ

Mon, 08 Dec 2014 06:21 PM IST
बरेली
बरेली Updated Mon, 08 Dec 2014 06:21 PM IST
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क्राइम एंड क्रिमनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) शुरू तो हो गया मगर थानेदारों की मुश्किल बढ़ गई है। थानों में जेनरेटर भेजकर विभाग तेल नहीं दे रहा है। थानेदार परेशान हैं।  इससे ऑनलाइन एफआईआर सिस्टम प्रभावित हो रहा है। हालांकि एसपी देहात का कहना है कि जिस तरह थानों को जीप के लिए तेल मिलता है उसी तरह जेनरेटर के लिए मिलेगा। यह तर्क थानेदारों को हजम नहीं हो रहा है उनका कहना है कि जीप के लिए मिलने वाला 150 लीटर डीजल तो ऊंट के मुंह में जीरा है।  

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 देश भर के थानों को एक नेटवर्क से जोड़ने वाले सिस्टम के तहत जिले के सभी थानों में कई महीने पहले कंप्यूटर, प्रिंटर आदि भेजे गए थे। बिजली गुल होने की स्थिति से काम प्रभावित न हो इसके लिए जुलाई में ही पांच केवीए के जेनरेटर सभी थानों में भेजे गए थे। ज्यादातर थानों में तभी से इन्हें चलाया जा रहा था। इससे कंप्यूटर संचालन संभव हुआ तो रात में देहात के थाने रोशन रहने लगे। 10 अक्तूबर से कंप्यूटरों पर ऑफ लाइन काम शुरू कर दिया गया।
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अभी तक थानेदार अपनी जेब से जेनरेटरों में तेल डलवा रहे थे। जब तेल नहीं मिला तो वे हाथ खींचने लगे हैं। नतीजा यह है कि अब विशेष जरूरत पर भी जेनरेटर चलवाने से कतरा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर थानेदार बताते हैं कि अब तक तेल की एक बूंद का इंतजाम विभाग ने नहीं किया है। उन्हें जीप के लिए हर महीने 150 लीटर डीजल मिलता है लेकिन ऐसा कोई दिन नहीं होगा जब जीप अस्सी से सौ किमी न चले। पुरानी जीपें दस किमी से ज्यादा एवरेज नहीं देतीं। हर महीने तीन से चार हजार रुपये का डीजल वे खुद डलवाते हैं। चीता बाइकों को महीने में आठ लीटर तेल मिलता है। कम एवरेज देने वाली इन बाइकों में सिपाही अलग से तेल डलवाते हैं। कहते हैं कि इस तरह विभाग ही स्टाफ को बेईमानी का रास्ता दिखा रहा है।
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कोट
यह काम न करने के बहाने हैं। मुख्यालय से जारी हुआ तेल खपत संबंधी आदेश सभी थानों में भेजा गया है। जिस तरह थानों को जीप के लिए तेल मिलता है उसी तरह जेनरेटर के लिए मिलेगा। इसका कोई तय मानक नहीं है। थानों में काम की स्थिति देखकर वहां के लिए तेल की मात्रा तय होगी। खरीद पर्ची के आधार पर सिस्टम शुरू होने से अभी तक की खपत का भी नियमानुसार भुगतान होगा।
- बृजेश श्रीवास्तव, एसपी देहात नोडल अधिकारी सीसीटीएनएस

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