सकलैनी-रजवी सिलसिलों में सुलह
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सुन्नियत को लेकर रजवी और सकलैनी सिलसिलों की जंग को खत्म करने के लिए नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तसलीम रजा खां अपने खानदान के लोगों से इजाजत लेकर खुद ही सुलह करने को दरगाह शाह शराफत मियां पहुंच गए। उन्होेंने चादरपोशी करके हजरत शाह सकलैन एकेडमी से सरपरस्त मुमताज मियां को गले लगा लिया। फिलहाल करमपुर चौधरी के विवाद पर दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई। दोनों का कहना था कि दिल मिल गए तो सबकुछ सही हो जाएगा। तसलीम मियां ने कहा कि सकलैनी हमारे भाई हैं। सुन्नियत के लिए उनकी मदद से हम कुतुबखाना मस्जिद की लड़ाई भी मजबूती से लड़ पाएंगे।
करमपुर चौधरी के जामे शाह शराफत मदरसे में 27 मई को पथराव हुआ था। इसके बाद से सकलैनी और रजवी सिलसिलों के बीच खाई चौड़ी हो गई थी। मुमताज मियां ने इस मसले को लेकर सड़क पर उतरने का ऐलान किया था। हालांकि शुक्रवार को ही समझौते की बयार बहने लगी थी। शनिवार की रात करीब 9.30 बजे नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तसलीम रजा खां, पम्मी वारसी सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रोफेसर कदीर अहमद आदि से साथ दरगाह शाह शराफत मियां पहुंच गए। हजरत शाह सकलैन मियां एकेडमी के सरपरस्त मुमताज मियां ने उनका इस्तक बाल किया। दरगाह पर चादरपोशी करने के बाद तसलीम मियां को मेहमान खाने में बैठाकर बातचीत शुरू हुई। किसी ने पुराने गिले शिकवे नहीं किए। हाल ही में करमपुर चौधरी के मसले पर भी अभी कोई बात नहीं हुई। तसलीम मियां और मुमताज मियां दोनों ने गले मिलकर सुलह का ऐलान किया। तसलीम मियां ने कहा कि खानदान के लोगों से मशविरा लेकर मैं सुुन्नियत और इत्तेहाद के लिए आया हूं। शहर में अमन कायम होनी चाहिए। रजवी और सकलैनी भाई-भाई हैं। हमारे लोगों में से कोई आपस में लड़ना नहीं चाहिए। किसी का रिश्ता नहीं टूटे। दरगाहों से लोगों को जोड़ने का काम होना चाहिए। हमारी यही कोशिश है कि देश की सभी खानकाहों को एक प्लेटफार्म पर लाना है। मुमताज मियां ने कहा कि सुन्नियत और शहर में अमन के लिए होने वाली हर पहल का हम स्वागत करते हैं। अभी करमपुर चौधरी के विवाद पर कोई बात नहीं हुई है, लेकिन दिल मिले हैं तो उस मसले पर भी दो-चार दिन में बात कर लेंगे। दोनों की दरगाहों से मैसेज दिया जाएगा कि रजवी और सकलैनी आपस में मिलजुल रहें। ताकि दुनिया में सुन्नियत का झंडा बुलंद हो। इस मौके पर मौलाना कुर्बान साहब, मुनीफ सकलैनी, हजरत शाह सकलैन एकेडमी के प्रदेश अध्यक्ष लतीफ करैशी, नवाब अय्यूब हसन खां, मन्ना सकलैनी, तसव्वुर हुसैन एडवोकेट, नुसरत अली खां, आफताब आलम, हमजा सकलैनी आदि मौजूद रहे।
खानकाहों के जिम्मेदारों की बैठक आज
-रविवार को दोपहर बारह बजे शादी महल में सुलह हुदैबिया कमेटी के तत्वावधान में बरेली की खानकाहों के जिम्मेदार लोगों को एक मंच पर बैठाकर मुस्लिम मसलों पर बात कराई जाएगी। उनकी सभी खानकाहों के लोगों से बात हुई है। उनकी रजामंदी भी मिल गई है। खानकाहें हमेशा अमन चाहती हैं। बुजुर्गों ने तो हमेशा ही अमन का पैगाम दिया है। कमेटी के सरपरस्त डॉ. एसई हुदा ने बताया कि रजवी और सकलैनी सिलसिले में सुलह करने वालों को वह दिली मुबारकबाद देते हैं। उन्होंने हुदैबिया कमेटी के मकसद को समझा है।