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अब त्यौहारों की टेंशन, और फोर्स मंगाई बरेली
बरेली
Updated Mon, 01 Jun 2015 12:53 AM IST
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कुतुबखाना मस्जिद पर कब्जे के विवाद के बाद अफसर अब त्यौहारों को लेकर टेंशन में हैं। तीन कंपनी पीएसी पहले से ही सीओ सिटी प्रथम के सर्किल में थी, उन्होंने अफसरों से गुजारिश करके दो कंपनी पीएसी और बुला ली है। इसके अलावा शहर का संवेदनशील इलाके तीसरी आंख की नजर में रहेगें।
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कुतुबखाना में मस्जिद को लेकर विवाद होने के बाद से सीओ सिटी प्रथम के सर्किल में चार सीओ, 17 इंस्पेक्टर, 41 उप निरीक्षक, 101 सिपाही और तीन कंपनी पीएसी सुरक्षा व्यवस्था में लगी है। कुतुबखाना बाजार से लेकर बांसमंडी, सराय खाम, किला रोड, कोहाड़ापीर रोड, बिहारीपुर ढाल आदि इलाकों में यही फोर्स लगा रखी है। बरेलवी-देवबंदी मसलकों के लोगों के बीच चल रही टेंशन के बीच पुलिस और प्रशासन के अफसर शांति पूर्वक शव-ए-बारात का त्यौहार निपटाने की लिए खाका तैयार कर रहे हैं। त्यौहार के दौरान युवा बाइकर्स पर खासतौर से ध्यान रखने की रणनीति बनाई गई है। शव-ए-बारात पर लोग घरों के अलावा मस्जिदों में इबादत करते हैं। कब्रिस्तानों में जाकर लोग अपने बुजुर्गों की कब्रों पर फातिहा पढ़ते हैं और चिरागी करते हैं। इस दौरान एक्सीडेंट होने पर कोई विवाद की स्थिति न बन जाए। इसका सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाएगा। सीओ सिटी प्रथम मुकुल द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने त्यौहार के लिए दो कंपनी पीएसी और एक कंपनी आरआरएफ मांगी है। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि पूरे शहर में त्यौहारों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहेंगे। शव-ए-बारात के बाद चांद दिखाई देने पर 19 जून से रमजान का महीना भी शुरू होगा। माहे रमजान में भी सुरक्षा के इंतजाम करने हैं। ताकि रोजदारों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
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मस्जिदों की बनने लगी सूची
-पुलिस ने थानावार अपने-अपने इलाकों की मस्जिदों की सूची बनाए जाने का काम शुरू कर दिया है। किस मसलक की मस्जिद है, यह भी सूची में उल्लेख किया जाएगा। मस्जिद के इमाम का नाम क्या है। कौन मस्जिद की देखरेख करता है। इसका उल्लेख भी सूची में करना होगा। पुलिस अपनी सहूलियत के लिए ऐसा कर रही है। ताकि किसी भी तरह का विवाद होने पर पुलिस के पास पहले की उसका सिजरा रहे।
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