{"_id":"7130dfd65157a26ac3a47d52d0488111","slug":"crime-hindi-news-400","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज के दौरान बच्ची की मौत पर हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इलाज के दौरान बच्ची की मौत पर हंगामा
बरेली
Updated Sun, 29 Mar 2015 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजश्री मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान एक साल की बच्ची की मौत हो गई। डॉक्टर और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए घर वालों ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हो गया। पोस्टमार्टम में विसरा सुरक्षित कर जांच को भेजा गया है। एसओ का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
शाही नगर पंचायत के नामित सभासद विजेंद्र सिंह ने अपनी एक वर्षीय नातिन सुनयना को उल्टी-दस्त होने पर शुक्रवार रात करीब 10.30 बजे फतेहगंज के पास स्थित राजश्री मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। विजेंद्र का कहना है कि पहले पर्चा बनाने में देरी की गई। काफी देर बाद डॉक्टर आए और बच्ची को ग्लूकोज लगाकर चले गए। रात में 11.30 बजे बच्ची का पेट फूला तो कई बार बुलाने पर डॉक्टर आए और आक्सीजन लगाकर चले गए। हालत बिगड़ने पर स्टाफ वाले उसे मिशन अस्पताल ले जाने को कहने लगे। एक सहायक ने बच्ची के मुंह से जैसे ही ऑक्सीजन हटाई तो उसने दम तोड़ दिया। परिवार वालों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। करीब चार बजे फतेहगंज पश्चिमी पुलिस पहुंची और लोगों को शांत किया। सभासद विजेंद्र सिंह ने डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही करने का आरोप लगाकर पुलिस को तहरीर दी है। पोस्टमार्टम में बच्ची की मौत का कारण पता न लगने पर उसका विसरा सुरक्षित कर जांच को भेजा गया है। उधर, डॉ. अहमद अली अंसारी ने इलाज में किसी तरह की लापरवाही ने इनकार किया है।
विज्ञापन
00
पोस्टमार्टम में बच्ची की मौत का कारण पता न चलने से उसका विसरा जांच को भेजा गया है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ लापरवाही के आरोप की तहरीर मिली है। आरोप की जांच की जा रही है। -अखिलेश यादव, एसओ फतेहगंज पश्चिमी
विज्ञापन
00
अस्पताल पहुंचने के समय बच्ची की हालत काफी नाजुक थी। हमने उसी वक्त मिशन अस्पताल रेफर कर दिया था। परिजनों के गुजारिश करने पर रात भर के लिए भर्ती कर लिया। इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई। - श्याम गंगवार, पीआरओ, राजश्री मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट