सऊदी में कमाकर लाया, मुंबई में लुटेरों ने मार डाला
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पुराने शहर के रोहली टोला में रहने वाले इकरार अहमद का 28 वर्षीय बेटा शकील अहमद चार साल पहले सऊदी अरब में नौकरी करने गया था। वहां उसे एक जूस की फैक्ट्री में हेल्पर की नौकरी मिल गई थी जिससे परिवार की गुजर बसर होने लगी। शकील के छोटे भाई सैफ ने बताया कि दो साल से शकील ने अपनी शादी के लिए पैसा जोड़ना शुरू किया। दो सालों में उसने करीब ढाई लाख रुपया जोड़कर इकट्ठा किया था। कुछ दिन पहले उसकी हजियापुर से शादी तय हो गई। परिवार वालों ने उसकी मंगनी भी कर दी। बकरीद के आसपास शादी की तारीख पक्की कर दी गई थी। अपनी शादी के लिए वह चार साल बाद घर लौट रहा था। आने से पहले उसने अपनी मां अलताब बानो को सूचना दी।
सैफ ने बताया कि 20 फरवरी को शकील की फ्लाइट मुंबई पहुंची। एयरपोर्ट से निकलने के बाद उसने वहां बांद्रा में रह रहे रिश्तेदार शमीम को खुद को लेने आने को कहा लेकिन शमीम वहां पहुंचा तो उसे शकील नहीं मिला। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन शमीम को फोन पर शकील के मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली। वह अस्पताल पहुंचा तो शकील कोमा में था। उसके सिर पर चोट थी। शकील ने शमीम का फोन नंबर अपने पासपोर्ट पर लिख लिया था। पुलिस ने उसी नंबर पर शमीम को सूचना दी।
शकील के भाई सैफ ने बताया कि शमीम ने उन्हें बताया कि शकील को लुटेरों ने एयरपोर्ट के बाहर घेर लिया। उसे नशा सुंघाने के बाद सिर पर रॉड मारी, जिससे वह कोमा में चला गया। इसके बाद लुटेरे शकील के पास मौजूद ढाई लाख रुपये और सामान लूट कर ले गए। 23 मार्च को शकील ने मुंबई में ही दम तोड़ दिया। सूचना पर मुंबई पहुंचे उसके परिवार वाले वहां से उसका शव बरेली चल दिए हैं। शकील की मौत की खबर आने के बाद उसकी शादी की तैयारी कर रहे उसके परिवार और नाते रिश्तेदारों में मातम का माहौल है।