इंस्पेक्टर को धमकाने वाला मेरठ जेल में बंद
सात मई 2014 को तत्कालीन इंस्पेक्टर इज्जतनगर मुहम्मद कासिम ने दो मोबाइल नंबरों से फोन करने के आरोपी के खिलाफ हाईकोर्ट का जज बताकर धमकाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा लिखाया था। धमकाने से पहले आरोपी ने राजेश गुप्ता निवासी नागरान, कोतवाली बदायूं की सिफारिश करके प्लाट पर कब्जा दिलाने को सिफारिश की थी। दूसरी बार उसका फोन आया तो उसने इंस्पेक्टर से बदतमीजी कर दी थी। बाद में पता लगा कि बदायूं के अकरम के जरिए राजेश ने यह सिफारिश कराई थी। अकरम के बारे में पता कराया तो वह भी फोन करने वाले का नाम नहीं बता पाया। उसने बताया कि दो लाख रुपये लेकर सिफारिश की गई थी। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सैयद अनवर अली इस मामले की विवेचना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अकरम का ईंट भट्ठे का काम है। झारखंड के विवेक उपाध्याय के जरिए वह भट्ठे के लिए कोयला लेता था। उसके एक मोबाइल में अंकित कुमार, हाउस नंबर, 23 भरम्बा, सिकंदरा(जम्मू) की आईडी लगी है। दूसरा मोबाइल सुमित कुमार, बिलेज घरोरा करता हलालगंज, बिहार की आईडी से चल रहा है। विवेचक का कहना है कि विवेक उपाध्याय के मेरठ जेल में बंद होने की खबर मिली है। वह वहां भी किसी को धमकाते हुए पकड़ा गया था।