फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   crime

घर में अकेले रह रहे पति-पत्नी का कत्ल

Tue, 17 Mar 2015 02:32 AM IST
बरेली
बरेली Updated Tue, 17 Mar 2015 02:32 AM IST
विज्ञापन
सुरेश शर्मानगर में महीने भर पहले अपने घर में शिफ्ट हुए रिटायर इंजीनियर और उनकी पत्नी की सोमवार को उनके सुरेश शर्मानगर में महीने भर पहले अपने घर में शिफ्ट हुए रिटायर इंजीनियर और उनकी पत्नी की सोमवार को उनके बेडरूम में ही सिर में रॉड मारकर निर्ममता से हत्या कर दी गई। घटनास्थल का हाल देखकर लग रहा है कि हत्यारे लूट के इरादे से आए थे। एसएसपी से लेकर आईजी तक ने मौका मुआयना कर कत्ल की गुत्थी सुलझाने के निर्देश दिए। फील्ड यूनिट और क्राइम ब्रांच ने मौके से कुछ सुराग टटोले हैं।
विज्ञापन

सीबीगंज के मूल निवासी गोपेश्वर सिंह मथुरा रिफायनरी में इंजीनियर पद से तीस सितंबर 2014 को रिटायर हुए थे। पत्नी आशा के साथ वे 25 जनवरी को अपने इस घर में शिफ्ट हुए। इससे पहले इसमें पंद्रह साल से किरायेदार ही रह रहे थे। रिजर्व नेचर के दंपति अक्सर अपनी कोठी के अंदर ही रहते थे। पुत्र सौरभ और उसकी पत्नी सोनम फिनलैंड में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। सौरभ सोमवार शाम छह बजे से अपने मां और पिता को लगातार कॉल कर रहे थे। फोन न उठने पर करीब साढ़े आठ बजे उन्होंने पड़ोस में रहने वाली सपा नेत्री रेखा सिंह को कॉल करके समस्या बताई। रेखा ने लोहे के मेनगेट को धक्का दिया तो अंदर से ताला लगा था। उन्होंने देखा कि ड्राइंगरूम का गेट हल्का सा खुला है। उन्हें संदेह हुआ तो पड़ोसियों को बुला लिया। भीड़ लगी तो  दो तीन युवक लोहे का गेट फांदकर अंदर घुसे। वहां सबकुछ अस्त व्यस्त देखकर बिना बेडरूम गए ही लौट आए। इन्होंने फोन करके जोगी नवादा चौकी प्रभारी गजेंद्र त्यागी को बुला लिया। पुलिस ने लोहे के गेट का ताला तोड़ा। लोग अंदर गए तो  बेड पर गोपेश्वर और आशा के शव एकदूसरे की ओर पैर करके पड़े हुए थे। दोनों के चेहरे लहूलुहान थे। जमीन पर लोहे का एक एंगल पड़ा था। ऐसा लगता कि हत्या दोपहर बाद किसी समय हुई जब गोपेश्वर संभवत: सो रहे थे। पत्नी का शव उनके पैरों की तरफ पड़ा है जिससे लगता है कि उन्होंने उठ कर विरोध करने की कोशिश की होगी तो उन पर भी तत्काल वार कर दिया गया। घर में अलमारियां खुली थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। पहले एसएसपी और एसपी सिटी तो बाद में आईजी और डीआईजी पहुंचे। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि यह लूट के बाद हत्या का मामला हो सकता है। हालांकि लूट के माल की स्थिति सौरभ से ही पता चल सकती है। सौरभ के मंगलवार दोपहर तक बरेली पहुंचने की उम्मीद है। सीबीगंज की आईटीआर कालोनी से गोपेश्वर के बड़े भाई वीर सिंह और उनके बेटे साकेत तथा शेखर भी पहुंचे। इन्हें भी सौरभ ने फोन करके पिता का फोन न उठने की जानकारी दी थी।
विज्ञापन

सीबीगंज के मूल निवासी गोपेश्वर सिंह मथुरा रिफायनरी में इंजीनियर पद से तीस सितंबर 2014 को रिटायर हुए थे। पत्नी आशा के साथ वे 25 जनवरी को अपने इस घर में शिफ्ट हुए। इससे पहले इसमें पंद्रह साल से किरायेदार ही रह रहे थे। रिजर्व नेचर के दंपति अक्सर अपनी कोठी के अंदर ही रहते थे। पुत्र सौरभ और उसकी पत्नी सोनम फिनलैंड में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। सौरभ सोमवार शाम छह बजे से अपने मां और पिता को लगातार कॉल कर रहे थे। फोन न उठने पर करीब साढ़े आठ बजे उन्होंने पड़ोस में रहने वाली सपा नेत्री रेखा सिंह को कॉल करके समस्या बताई। रेखा ने लोहे के मेनगेट को धक्का दिया तो अंदर से ताला लगा था। उन्होंने देखा कि ड्राइंगरूम का गेट हल्का सा खुला है। उन्हें संदेह हुआ तो पड़ोसियों को बुला लिया। भीड़ लगी तो  दो तीन युवक लोहे का गेट फांदकर अंदर घुसे। वहां सबकुछ अस्त व्यस्त देखकर बिना बेडरूम गए ही लौट आए। इन्होंने फोन करके जोगी नवादा चौकी प्रभारी गजेंद्र त्यागी को बुला लिया। पुलिस ने लोहे के गेट का ताला तोड़ा। लोग अंदर गए तो  बेड पर गोपेश्वर और आशा के शव एकदूसरे की ओर पैर करके पड़े हुए थे। दोनों के चेहरे लहूलुहान थे। जमीन पर लोहे का एक एंगल पड़ा था। ऐसा लगता कि हत्या दोपहर बाद किसी समय हुई जब गोपेश्वर संभवत: सो रहे थे। पत्नी का शव उनके पैरों की तरफ पड़ा है जिससे लगता है कि उन्होंने उठ कर विरोध करने की कोशिश की होगी तो उन पर भी तत्काल वार कर दिया गया। घर में अलमारियां खुली थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। पहले एसएसपी और एसपी सिटी तो बाद में आईजी और डीआईजी पहुंचे। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि यह लूट के बाद हत्या का मामला हो सकता है। हालांकि लूट के माल की स्थिति सौरभ से ही पता चल सकती है। सौरभ के मंगलवार दोपहर तक बरेली पहुंचने की उम्मीद है। सीबीगंज की आईटीआर कालोनी से गोपेश्वर के बड़े भाई वीर सिंह और उनके बेटे साकेत तथा शेखर भी पहुंचे। इन्हें भी सौरभ ने फोन करके पिता का फोन न उठने की जानकारी दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed