बिशारतगंज और शेरगढ़ के थानेदारों का वेतन रुका
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पहला मामला थाना बिशारतगंज का है। गांव अखा निवासी अर्जुन सिंह ने 12 सितंबर 2005 को गांव के ही बदन सिंह, जोगेंद्र सिंह, इंद्रपाल और वीरपाल सिंह के खिलाफ लाठियों से मारपीट कर तमंचे गोली मारने का मुकदमा दर्ज कराया था जिसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश जैगमउद्दीन के न्यायालय में होनी है। न्यायालय ने गवाहों को तलब करने के लिए समन थाना बिशारतगंज भिजवाए लेकिन समन न तो तामील हुए न अदम तामील समन अदालत लौटे।
दूसरा मामला थाना शेरगढ़ का है। गांव जुआ जवाहरपुर के राजू ने गांव के ही लालाराम, मुरारी, रामपाल और गनेश के खिलाफ मारपीट और गालीगलौज की रिपोर्ट लिखाई थी जो विवेचना के दौरान नए साक्ष्य मिलने पर आरोप पत्र 308, 323 और 504 में दाखिल किया गया। राजू के गवाही के लिए न्यायालय में उपस्थित न होने पर उसका गैर जमानती वारंट जारी किया गया। मगर थानाध्यक्ष शेरगढ़ न तो वारंट तामील कराया न अदम तामील अनुपालन आख्या न्यायालय को भेजी। न्यायालय ने दोनों थानाध्यक्षों का वेतन आहरित न करने का आदेश वरिष्ठ कोषाधिकारी को दिया है। इसके साथ थानाध्यक्ष बिशारतगंज शुजाउद्दीन को तीन अप्रैल और थानाध्यक्ष शेरगढ़ को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने की भी तिथि नियत की है।