होली पर कच्ची शराब ने लीं दो जानें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव और मलिहाबाद में कुछ ही दिनों पहले कच्ची शराब से तीन दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत होने के बाद शासन ने होली पर कच्ची शराब न बिकने देने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रशासन ने कई बैठकें की और कच्ची शराब न बिकने देने के लिए जोरशोर से अभियान चलाने की मुनादियां की गईं, लेकिन होली आई तो सारी व्यवस्था टांय-टांय फिस्स हो गई। देहात में कच्ची शराब खुलेआम बिकी। देवरनियां के गांव भद्रक में शुक्रवार को होली का जश्न मना रहे कुछ युवकों ने जमकर कच्ची शराब भी। ज्यादा शराब पीने से गांव के तेजराम के 30 वर्षीय बेटे कांता प्रसाद की हालत बिगड़ गई। पेट में दर्द के साथ उल्टियां हुई तो घर वाले उसे भोजीपुरा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन उसने दम तोड़ दिया। पत्नी शुभलेश ने बताया कि कांता को गांव के ही कुछ युवकों ने कच्ची शराब पिलाई थी। पुलिस ने त्योहार के दिन शव का पोस्टमार्टम कराकर बेवजह झंझट में न पड़ने को कहा। कानूनी चक्कर का भी डर दिखाया जिस पर उन्होंने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
हाफिजगंज के गांव बकैनिया में कच्ची शराब पीने से 35 वर्षीय सरनाम की मौत हो गई। गांव वालों के मुताबिक प्रधान पद का प्रत्याशी रहा एक व्यक्ति पड़ोस के गांव नउआ नगला से होली पर कच्ची शराब लेकर आया जिसे उसने गांव कुछ युवकों को खूब पिलाई। कच्ची दारू पीने से सरनाम की हालत बिगड़ गई। परिवार वाले उसे एक डॉक्टर के यहां ले गए जहां सरनाम ने दम तोड़ दिया। शराब पिलाने वाले पूर्व प्रत्याशी ने परिवार वालों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया। पुलिस ने कोई सूचना न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
फुर्सत मिलती तभी तो अभियान चलता
सरकार का फरमान था कि होली पर शराब न बिकने दी जाए लेकिन आबकारी विभाग के कर्मचारी तो होली की पूर्व संध्या से ही बड़े अफसर, नेताओं के दरबार में हाजिरी लगाने में व्यस्त हो गए थे। यह सिलसिला होली के दिन भी जारी रहा। आबकारी विभाग को अभियान चलाने की फुर्सत ही नहीं मिली और नतीजा यह रहा कि देहात में कच्ची शराब खुलेआम बिकी। देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानें बंद थी और कच्ची शराब कम पैसों में आसानी से मिल रही थी। लिहाजा लोगों ने खूब खरीदी और खूब पी।